छछरौली। धान में अज्ञात बीमारी की मार झेल रहे किसानों को दो दिन की बारिश से और ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। फसल में बीमारी से पहले ही मंडियों में धान आवक कम हो रही है। जहां पहले सीजन में इन दिनों मंडियों में पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहीं अब इस बार मंडियां खाली पड़ी हैं।
इक्का-दुक्का आढ़ती के पास ही किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। इससे न तो किसानों को भीड़ की वजह से परेशानी हो रही है और न ही लोडिंग में दिक्कत आ रही है। अनाजमंडी के आढ़ती जगमाल शेरपुर, प्रवीण बटार, प्रवीण अग्रवाल, बंसीलाल ने बताया कि इस बार मंडियों में धान का सीजन धीमा है। बारिश से किसानों के साथ आढ़तियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छछरौली, प्रतापनगर, खारवन में तेज बारिश से धान भीग गया है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। आढ़ती जगमाल शेरपुर ने बताया कि बारिश से खराब फसल का सरकार उचित मुआवजा दें। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनियां भी बारिश से क्षतिग्रस्त धान की फसल का कोई मुआवजा नहीं दे रही है। जिसके चलते किसानों ने अब की बार फसल का बीमा भी नहीं करवाया था। मार्केट कमेटी सचिव परमजीत सिंह नांदल का कहना है कि इस बार छछरौली, खारवन व प्रतापनगर मंडी में छह लाख क्विंटल धान का तोल हो चुका है। अभी 12 लाख क्विंटल धान मंडियों में आने का अनुमान है।