{"_id":"b6fd9d2999362c86c13dac0d7b80a957","slug":"wheather-hindi-news-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूंदाबांदी के आसार बने, बढ़ेगी ठंडक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूंदाबांदी के आसार बने, बढ़ेगी ठंडक
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Wed, 13 Jan 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मकर सक्रांति से पहले एक बार फिर से मौसम में बदलाव आ सकता है। अगले दो दिन में हल्की बरसात के आसार बन रहे हैं, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ेगी। इसके अलावा आसमान में बादल छाए रहेंगे, इससे दिन के तापमान में गिरावट की भी उम्मीद बनी है।
हालांकि तापमान में गिरावट से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा।
चंडीगढ़ स्थित मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अगले 48 घंटों में मौसम में कुछ बदलाव की उम्मीद हैं। कई जगह हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। इससे तापमान में गिरावट आने की भी उम्मीद है। इसके अलावा अगले दो दिन बादल भी छाए रहेंगे। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आस पास रहेगा।
गेहूं की फसल को मिलेगा फायदा
मौसम में बदलाव का फायदा फसलों को भी मिलेगा। हल्की बूंदाबांदी की वजह से तापमान गिरेगा, जिससे गेहूं की फसल में फुटाव अच्छा होगा। कई दिन से सुबह शाम मौसम में ठंडक थी, लेकिन दिन का तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही थी। ऐसे में कई जगह गेहूं की फसल में समय से पहले बालियां निकलने लगी थी, जिसका असर उत्पादन पर पड़ता। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि अब बरसात हो जाए तो गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होगी। किसान राजेश कुमार व राज कुमार का कहना है कि रात के समय मौसम में ठंडक व दिन में गर्म होने से पीला रतुआ की संभावना भी बढ़ जाती है। तापमान में गिरावट आएगी तो गेहूं को निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
लापरवाही न बरते: डॉ. दहिया
जनवरी के महीने में मौसम में बदलाव आता है, लेकिन इस दौरान लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। यमुनानगर सिविल अस्पताल के एमएस डॉ. विजय दहिया का कहना है कि बदलते मौसम से परेशानी बढ़ती है। इस मौसम में बैक्टरिया व वायरस की ग्रोथ तेजी से होती है। इसलिए बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखना चाहिए। इस मौसम में सर्दी, जुकाम व खांसी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में परहेज रखना चाहिए। सुबह व शाम के समय बच्चों को बाइक पर बाहर न लेकर जाएं, इसी तरह बुजुर्गों को भी सुबह शाम बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। सर्दी से गर्मी के मौसम में आने पर कपड़े नहीं उतारने चाहिए। बाहर से कटे हुए फलों का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
हालांकि तापमान में गिरावट से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा।
चंडीगढ़ स्थित मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अगले 48 घंटों में मौसम में कुछ बदलाव की उम्मीद हैं। कई जगह हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। इससे तापमान में गिरावट आने की भी उम्मीद है। इसके अलावा अगले दो दिन बादल भी छाए रहेंगे। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आस पास रहेगा।
विज्ञापन
गेहूं की फसल को मिलेगा फायदा
मौसम में बदलाव का फायदा फसलों को भी मिलेगा। हल्की बूंदाबांदी की वजह से तापमान गिरेगा, जिससे गेहूं की फसल में फुटाव अच्छा होगा। कई दिन से सुबह शाम मौसम में ठंडक थी, लेकिन दिन का तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही थी। ऐसे में कई जगह गेहूं की फसल में समय से पहले बालियां निकलने लगी थी, जिसका असर उत्पादन पर पड़ता। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि अब बरसात हो जाए तो गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होगी। किसान राजेश कुमार व राज कुमार का कहना है कि रात के समय मौसम में ठंडक व दिन में गर्म होने से पीला रतुआ की संभावना भी बढ़ जाती है। तापमान में गिरावट आएगी तो गेहूं को निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
लापरवाही न बरते: डॉ. दहिया
जनवरी के महीने में मौसम में बदलाव आता है, लेकिन इस दौरान लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। यमुनानगर सिविल अस्पताल के एमएस डॉ. विजय दहिया का कहना है कि बदलते मौसम से परेशानी बढ़ती है। इस मौसम में बैक्टरिया व वायरस की ग्रोथ तेजी से होती है। इसलिए बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखना चाहिए। इस मौसम में सर्दी, जुकाम व खांसी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में परहेज रखना चाहिए। सुबह व शाम के समय बच्चों को बाइक पर बाहर न लेकर जाएं, इसी तरह बुजुर्गों को भी सुबह शाम बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। सर्दी से गर्मी के मौसम में आने पर कपड़े नहीं उतारने चाहिए। बाहर से कटे हुए फलों का सेवन भी नहीं करना चाहिए।