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Yamuna Nagar News: ओलावृष्टि और बारिश से मंडियों में कम आया गेहूं

Mon, 06 May 2024 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 06 May 2024 03:44 AM IST
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Wheat reduced in markets due to hailstorm and rain
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जनवरी व फरवरी में हुई ओलावृष्टि व बारिश ने जिले में गेहूं की खरीद का गणित गड़बड़ा दिया है। अभी भी कहीं-कहीं खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है, लेकिन अनाज मंडियों में अभी तक उतना भी गेहूं नहीं पहुंचा है जितना पिछले साल खरीदा गया था। जिस तरह से गेहूं नहीं आ रहा है उसे देख कर तो यही लग रहा है कि गत वर्ष का लक्ष्य पूरा करना भी अधिकारियों के लिए मुश्किल हो जाएगा।
पिछले साल मंडियों में कुल 297228 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदा गया था। जबकि इस बार चार मई तक मंडियों में केवल 272906 मीट्रिक टन गेहूं ही पहुंचा है। हालांकि पिछले साल चार मई तक मंडियों में 277202 एमटी गेहूं खरीदा जा चुका था। जो इस बार 4296 मीट्रिक टन कम है।
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खेतों से 95 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल कट चुकी है। इस बार मौसम बार- बार करवट बदलता रहा इसलिए किसानों ने ज्यादातर फसल की कटाई कंबाइन मशीन से करवाई। यही वजह है कि इतनी जल्दी खेतों से गेहूं की फसल लगभग कट ही चुकी है। एक मई से तो मंडियों में गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है।
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एक मई को मंडियों में 6134 मीट्रिक टन गेहूं आया था, जो चार मई को घट कर 3546 मीट्रिक टन पर आ गया। रविवार को छुट्टी होने के कारण खरीद नहीं हुई। ऐसे में सोमवार से बहुत कम गेहूं मंडियों में आने के कयास लगाए जा रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा अब तक मंडियों में 96874 एमटी, हैफेड ने 148272 एमटी और हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन ने 27760 एमटी गेहूं की खरीद की है।
जिले में इस बार गेहूं का कुल रकबा करीब 88 हजार हेक्टेयर था। गेहूं की पैदावार भी अच्छी हुई थी। परंतु जनवरी में इतनी ओलावृष्टि हुई की गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई। जिससे इससे किसानों पर बहुत बुरी मार पड़ी। इसके बाद भी कई बार बारिश हुई और तेज हवाएं चली। जिससे गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई।
तभी कयास लगाया जाने लगा था कि इस बार गेहूं का पैदावार प्रभावित हो सकता है। वही हुआ जिसका डर था। कहां तो तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदने की बातें अधिकारियों की ओर से कही जा रही थी। अब पिछले साल का लक्ष्य पूरा करना भी अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है।

खेतों में थोड़ा गेहूं ही कटाई के लिए बकाया है। इससे आवक अब घटने लगी है। जब तक मंडियों में किसान गेहूं लेकर आएंगे, तब तक खरीद जारी रहेगी। - अशोक शर्मा, डीएफएससी।
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