{"_id":"59fa0ec55812fd3ea21f3e1d465400cf","slug":"what-crime-pregnant-and-twin-children","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती और जुडवां बच्चों का क्या कसूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती और जुडवां बच्चों का क्या कसूर
अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Wed, 25 Sep 2013 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर में मुस्तफाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर से डिलीवरी के लिए अस्पताल आ रही गर्भवती महिला की एंबुलेंस में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मृत महिला के मुंह पर लगे झाग को देख डाक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
मुस्तफाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी संजीव की पत्नी निर्मला देवी (23) नौ माह के गर्भ से थी। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हाेंने तुरंत एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया। फोन करने के करीब आधा घंटा बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान उसकी पत्नी की प्रसव पीड़ा और अधिक हो गई। उन्होंने पत्नी को एंबुलेंस में लिटाया।
जब निर्मला का पति संजीव और अन्य परिजन उसे एंबुलेंस में लेकर जगाधरी अस्पताल में आ रहे थे तो रास्ते में भंभौली गांव के पास उसकी पत्नी की तबीयत अधिक खराब हो गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन परिजन अपनी पुष्टि के लिए उसे जगाधरी के सिविल अस्पताल में लेकर आए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत बताया।
विज्ञापन
डाक्टरों ने महिला के मुंह पर लगे झाग को देखकर मामला संदिग्ध समझा और इसकी सूचना छप्पर पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर महिला को पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेद गृह में रखवाया। दो डाक्टरों की पैनल ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा मधुबन भेज दिया।
दो बच्चों का था गर्भ
महिला के पेट में दो बच्चे पल रहे थे। जिनके स्वास्थ्य की जांच के लिए महिला का उपचार सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा था। महिला और बच्चे की जांच के लिए महिला के पति ने कई बार इसकी जांच सिविल अस्पताल में करवाई थी। कुछ दिनों पहले अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दोनों बच्चे स्वस्थ बताए गए।
विज्ञापन
मुस्तफाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी संजीव की पत्नी निर्मला देवी (23) नौ माह के गर्भ से थी। मंगलवार सुबह करीब तीन बजे उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हाेंने तुरंत एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया। फोन करने के करीब आधा घंटा बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान उसकी पत्नी की प्रसव पीड़ा और अधिक हो गई। उन्होंने पत्नी को एंबुलेंस में लिटाया।
विज्ञापन
जब निर्मला का पति संजीव और अन्य परिजन उसे एंबुलेंस में लेकर जगाधरी अस्पताल में आ रहे थे तो रास्ते में भंभौली गांव के पास उसकी पत्नी की तबीयत अधिक खराब हो गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन परिजन अपनी पुष्टि के लिए उसे जगाधरी के सिविल अस्पताल में लेकर आए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत बताया।
विज्ञापन
डाक्टरों ने महिला के मुंह पर लगे झाग को देखकर मामला संदिग्ध समझा और इसकी सूचना छप्पर पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर महिला को पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेद गृह में रखवाया। दो डाक्टरों की पैनल ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा मधुबन भेज दिया।
दो बच्चों का था गर्भ
महिला के पेट में दो बच्चे पल रहे थे। जिनके स्वास्थ्य की जांच के लिए महिला का उपचार सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा था। महिला और बच्चे की जांच के लिए महिला के पति ने कई बार इसकी जांच सिविल अस्पताल में करवाई थी। कुछ दिनों पहले अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दोनों बच्चे स्वस्थ बताए गए।