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बारिश से सड़कों पर भरा पानी, बढ़ी परेशानी
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फोटो:- 26 से 31
बारिश से सड़कों पर भरा पानी, बढ़ी परेशानी
-ठंड से ठिठुरी जिंदगी, पारा लुढ़का, घरों में दुबके रहे लोग, शुक्रवार रात नौ बजे से नहीं रुकी बारिश, पानी भरने से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तीन दिन की बारिश से जीवन अस्त व्यस्त हो गया। शुक्रवार रात नौ बजे शुरू हुई बारिश शनिवार दिन देर शाम तक नहीं रुकी। बारिश के कारण पारा लुढ़कने से सर्दी बढ़ गई। इस दौरान लोग घरों में दुबके रहे। वहीं झमाझम बारिश से शहर की गलियां सड़कें तालाब बन गई। बारिश से शहर की पॉश सहित तमाम कॉलोनियों में पानी भरा। जिससे लोगों को परेशानियों का सामान करना पड़ा। वहीं कई जगह बिजली गुल होने से भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
सीवरेज ओवरफ्लो, घरों में घुसा पानी
भारी बारिश के कारण शहर की गलियां तालाब सी नजर आईं। निचली कॉलोनी में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। गलियों में निकासी न होने के कारण पानी घरों में घुस गया। सुबह 11 बजे के बाद बारिश कम हुई, तो लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बारिश के कारण कई जगह पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस दौरान मॉडल टाउन, भाटिया नगर, खालसा कॉलेज, आजाद नगर, दशमेश कॉलोनी, गोल्डनपुरी कॉलोनी, पतालपुरी, प्रह्लादपुरी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, खेड बाजार, संतनगर, रादौर रोड, पुराना हमीदा, आत्मापुरी, पटेल नगर, गुलाब नगर, कैंप, जम्मू कॉलोनी, लक्ष्मीनगर, वीना नगर, आदर्श नगर, गांधीनगर, लेबर कॉलोनी, चांदपुर, आईटीआई, विष्णुनगर, फर्कपुर, कांसापुर, ससौली, गोबिंदपुरी, योगेश नगर, छोटी लाइन, जगाधरी मटका चौक, दुर्गा गार्डन, छोटी लाइन, सिविल लाइन, रेलवे बाजार, खेड़ा बाजार सहित तमाम कॉलोनियों में बिजली की आंख मिचौली ने लोगों को खूब परेशान किया।
यहां हुई इतनी बारिश
शनिवार सुबह आठ से रविवार सुबह आठ बजे तक यमुनानगर जगाधरी शहर में 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि प्रतापनगर में भी 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे कम साढौरा में 10 एमएम बारिश हुई। जबकि छछरौली में 36 और रादौर में भी 36 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा बिलासपुर में 34 एमएम तो सरस्वतीनगर में मात्र 10 एमएम बारिश हुई।
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फसल होगी प्रभावित
आलू, गाजर, मटर व पालक की फसल भी इससे प्रभावित होगी। वहीं कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि बारिश से आलू की फसल प्रभावित होगी। इससे अन्य फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। बारिश से खेतों में पानी भर गया है, यदि अधिक दिन पानी खड़ा रहेगा, तो फसल को नुकसान होगा। ऐसे में निकासी का प्रबंध करना जरूरी है।
बढ़ी ठिठुरन, दुकानदारी रही ठप
बारिश के कारण पारा लुढक कर 14 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रात में तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में कड़ाके की सर्दी के साथ ठिठुरन ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। कोरोना संक्रमण के कारण बाजार छह बजे बंद करने के आदेश हैं। वहीं तीन दिन से हो रही बारिश के कारण लोग घरों में दुबके रहे। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद बारिश के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
150 एकड़ फसल जलमग्न, किसान निराश
छछरौली। तीन दिन से लगातार बारिश से गांव रायपुर डमौली में करीब 150 एकड़ गेहूं सरसों के खेत में पानी भर गया। किसान बूंदी राम, सोहन लाल, देवी सिंह, रवीश कुमार, अजेब सिंह, सतपाल सिंह, ईलम सिंह, सतीश शर्मा व दिनेश शर्मा ने बताया कि तीन दिन से हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। सोम व पथराला नदी के पास होने के कारण उनके क्षेत्र के करीब 150 एकड़ भूमि पर लगी सरसों व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों ने बताया कि बरसात में धान की फसल नष्ट हो गई थी और अब गेहूं की फसल खराब हो रही है। इस बार जिला कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि अभी बारिश से फसल पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। सोमवार को मौसम साफ होने की संभावना है। इन फसलों में ज्यादा देर पानी जमा होना नुकसानदायक है, अभी पानी निकासी का बंदोबस्त करने से असर नहीं होगा। इसके लिए विभाग स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी।
फोटो:- 32, 33
बारिश से सड़कों पर भरा पानी
रादौर। तीन दिन से हो रही बारिश ने नगरपालिका की सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। सफाई के अभाव में रविवार अलसुबह हुई बारिश से नालियां व नाले ओवरफ्लो हो गए। जिससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। शहर निवासी राजकुमार, संजू, रामकुमार, राजेश, सुशील व अन्य लोगों ने बताया कि नगरपालिका ने सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। शहर के कॉलेज रोड पर एक हफ्ते से नगरपालिका सफाई कर्मचारियों ने नालों की सफाई कर कूड़ा उनकी दुकानों के सामने डाल दिया था। यह कूड़ा उठाया नहीं गया, भारी बारिश से कूड़ा बहकर फिर नाले में चला गया। कूड़ा फंसने से नाले जाम हो और ओवरफ्लो होने से पानी सड़कों पर बहने लगा। किसान पूर्णचंद, त्रिलोकी, सुरेश, रमेश, विक्रम सैनी, विकास, गुरविंद्र ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल पर असर नहीं होगा, बल्कि इससे गेहूं की पैदावार अच्छी होगी। परंतु सब्जी व सरसों की फसल के लिए बारिश नुकसानदायक है। वहीं बिलासपुर में भी बारिश से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां पर 34 एमएम बारिश हुई।
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बारिश से सड़कों पर भरा पानी, बढ़ी परेशानी
-ठंड से ठिठुरी जिंदगी, पारा लुढ़का, घरों में दुबके रहे लोग, शुक्रवार रात नौ बजे से नहीं रुकी बारिश, पानी भरने से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तीन दिन की बारिश से जीवन अस्त व्यस्त हो गया। शुक्रवार रात नौ बजे शुरू हुई बारिश शनिवार दिन देर शाम तक नहीं रुकी। बारिश के कारण पारा लुढ़कने से सर्दी बढ़ गई। इस दौरान लोग घरों में दुबके रहे। वहीं झमाझम बारिश से शहर की गलियां सड़कें तालाब बन गई। बारिश से शहर की पॉश सहित तमाम कॉलोनियों में पानी भरा। जिससे लोगों को परेशानियों का सामान करना पड़ा। वहीं कई जगह बिजली गुल होने से भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
सीवरेज ओवरफ्लो, घरों में घुसा पानी
भारी बारिश के कारण शहर की गलियां तालाब सी नजर आईं। निचली कॉलोनी में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। गलियों में निकासी न होने के कारण पानी घरों में घुस गया। सुबह 11 बजे के बाद बारिश कम हुई, तो लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बारिश के कारण कई जगह पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस दौरान मॉडल टाउन, भाटिया नगर, खालसा कॉलेज, आजाद नगर, दशमेश कॉलोनी, गोल्डनपुरी कॉलोनी, पतालपुरी, प्रह्लादपुरी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, खेड बाजार, संतनगर, रादौर रोड, पुराना हमीदा, आत्मापुरी, पटेल नगर, गुलाब नगर, कैंप, जम्मू कॉलोनी, लक्ष्मीनगर, वीना नगर, आदर्श नगर, गांधीनगर, लेबर कॉलोनी, चांदपुर, आईटीआई, विष्णुनगर, फर्कपुर, कांसापुर, ससौली, गोबिंदपुरी, योगेश नगर, छोटी लाइन, जगाधरी मटका चौक, दुर्गा गार्डन, छोटी लाइन, सिविल लाइन, रेलवे बाजार, खेड़ा बाजार सहित तमाम कॉलोनियों में बिजली की आंख मिचौली ने लोगों को खूब परेशान किया।
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यहां हुई इतनी बारिश
शनिवार सुबह आठ से रविवार सुबह आठ बजे तक यमुनानगर जगाधरी शहर में 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि प्रतापनगर में भी 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे कम साढौरा में 10 एमएम बारिश हुई। जबकि छछरौली में 36 और रादौर में भी 36 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा बिलासपुर में 34 एमएम तो सरस्वतीनगर में मात्र 10 एमएम बारिश हुई।
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फसल होगी प्रभावित
आलू, गाजर, मटर व पालक की फसल भी इससे प्रभावित होगी। वहीं कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि बारिश से आलू की फसल प्रभावित होगी। इससे अन्य फसलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। बारिश से खेतों में पानी भर गया है, यदि अधिक दिन पानी खड़ा रहेगा, तो फसल को नुकसान होगा। ऐसे में निकासी का प्रबंध करना जरूरी है।
बढ़ी ठिठुरन, दुकानदारी रही ठप
बारिश के कारण पारा लुढक कर 14 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रात में तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में कड़ाके की सर्दी के साथ ठिठुरन ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। कोरोना संक्रमण के कारण बाजार छह बजे बंद करने के आदेश हैं। वहीं तीन दिन से हो रही बारिश के कारण लोग घरों में दुबके रहे। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद बारिश के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
150 एकड़ फसल जलमग्न, किसान निराश
छछरौली। तीन दिन से लगातार बारिश से गांव रायपुर डमौली में करीब 150 एकड़ गेहूं सरसों के खेत में पानी भर गया। किसान बूंदी राम, सोहन लाल, देवी सिंह, रवीश कुमार, अजेब सिंह, सतपाल सिंह, ईलम सिंह, सतीश शर्मा व दिनेश शर्मा ने बताया कि तीन दिन से हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है। सोम व पथराला नदी के पास होने के कारण उनके क्षेत्र के करीब 150 एकड़ भूमि पर लगी सरसों व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों ने बताया कि बरसात में धान की फसल नष्ट हो गई थी और अब गेहूं की फसल खराब हो रही है। इस बार जिला कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि अभी बारिश से फसल पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। सोमवार को मौसम साफ होने की संभावना है। इन फसलों में ज्यादा देर पानी जमा होना नुकसानदायक है, अभी पानी निकासी का बंदोबस्त करने से असर नहीं होगा। इसके लिए विभाग स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी।
फोटो:- 32, 33
बारिश से सड़कों पर भरा पानी
रादौर। तीन दिन से हो रही बारिश ने नगरपालिका की सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। सफाई के अभाव में रविवार अलसुबह हुई बारिश से नालियां व नाले ओवरफ्लो हो गए। जिससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। शहर निवासी राजकुमार, संजू, रामकुमार, राजेश, सुशील व अन्य लोगों ने बताया कि नगरपालिका ने सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। शहर के कॉलेज रोड पर एक हफ्ते से नगरपालिका सफाई कर्मचारियों ने नालों की सफाई कर कूड़ा उनकी दुकानों के सामने डाल दिया था। यह कूड़ा उठाया नहीं गया, भारी बारिश से कूड़ा बहकर फिर नाले में चला गया। कूड़ा फंसने से नाले जाम हो और ओवरफ्लो होने से पानी सड़कों पर बहने लगा। किसान पूर्णचंद, त्रिलोकी, सुरेश, रमेश, विक्रम सैनी, विकास, गुरविंद्र ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल पर असर नहीं होगा, बल्कि इससे गेहूं की पैदावार अच्छी होगी। परंतु सब्जी व सरसों की फसल के लिए बारिश नुकसानदायक है। वहीं बिलासपुर में भी बारिश से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां पर 34 एमएम बारिश हुई।
फोटो:- 34, 35