{"_id":"6838c4fb42ab159aa103c34c","slug":"water-consumption-increased-by-15-times-in-summer-unannounced-cuts-are-creating-hindrance-in-supply-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-138489-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: गर्मी में पानी की खपत डेढ़ गुना बढ़ी अघोषित कट बन रहे आपूर्ति में बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: गर्मी में पानी की खपत डेढ़ गुना बढ़ी अघोषित कट बन रहे आपूर्ति में बाधा
Fri, 30 May 2025 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 30 May 2025 02:23 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। दिनोंदिन बढ़ रही गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। इससे जिले में पानी की खपत लगभग डेढ़ गुना हो गई है। इसके लिए ट्यूबवेलों को एक से डेढ़ घंटा दोनों शिफ्ट में ज्यादा चलाया जा रहा है।
जिले में फिलहाल रोजाना 168.88 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की सप्लाई की जा रही है। पानी की सप्लाई में सबसे बड़ी बाधा बिजली के अघोषित कट बन रहे हैं। जिससे लोगों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। इसलिए लोगों की जरूरत को देखते हुए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से पानी की अतिरिक्त सप्लाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार वाटर सप्लाई के दौरान यदि पांच मिनट के लिए भी बिजली गुल हो जाए तो इससे सारा शेड्यूल बिगड़ जाता है। छोटे गांवों में तो इससे कोई दिक्कत नहीं आती, लेकिन जिन गांवों या कॉलोनियों में ज्यादा आबादी है वहां पर इसका खासा असर है। साढौरा, व्यासपुर, छछरौली, प्रतापनगर, रादौर, सरस्वतीनगर कस्बा में जहां पानी सप्लाई के लिए औसतन 10 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। इन जगहों पर ट्यूबवेलों की पाइप लाइन आपस में एक दूसरे से जुड़ी हैं। व्यासपुर निवासी गुलशन, रोशन, विक्रम ने बताया कि बिजली कट लगने के बाद जब दोबारा सप्लाई शुरू होती है तो ऊंची जगह पर स्थित उनके घरों में पानी नहीं पहुंचता।
विज्ञापन
दोबारा ट्यूबवेल चलाने से पानी सबसे पहले वहां जाएगा जहां पाइप लाइन का ढलाना ज्यादा है। सारी पाइप लाइन को भरने में समय लगता है। इसके बाद ही ऊंचाई पर पानी पहुंचेगा।
अघोषित कटों के अलावा गर्मी में बार-बार बिजली के तार टूट रही है और ट्रांसफार्मर से फ्यूज उड़ रहे हैं। इससे वह एक बार भी पानी की टंकी को भर नहीं पा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
जिले में फिलहाल रोजाना 168.88 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की सप्लाई की जा रही है। पानी की सप्लाई में सबसे बड़ी बाधा बिजली के अघोषित कट बन रहे हैं। जिससे लोगों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। इसलिए लोगों की जरूरत को देखते हुए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से पानी की अतिरिक्त सप्लाई की जा रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार वाटर सप्लाई के दौरान यदि पांच मिनट के लिए भी बिजली गुल हो जाए तो इससे सारा शेड्यूल बिगड़ जाता है। छोटे गांवों में तो इससे कोई दिक्कत नहीं आती, लेकिन जिन गांवों या कॉलोनियों में ज्यादा आबादी है वहां पर इसका खासा असर है। साढौरा, व्यासपुर, छछरौली, प्रतापनगर, रादौर, सरस्वतीनगर कस्बा में जहां पानी सप्लाई के लिए औसतन 10 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। इन जगहों पर ट्यूबवेलों की पाइप लाइन आपस में एक दूसरे से जुड़ी हैं। व्यासपुर निवासी गुलशन, रोशन, विक्रम ने बताया कि बिजली कट लगने के बाद जब दोबारा सप्लाई शुरू होती है तो ऊंची जगह पर स्थित उनके घरों में पानी नहीं पहुंचता।
विज्ञापन
दोबारा ट्यूबवेल चलाने से पानी सबसे पहले वहां जाएगा जहां पाइप लाइन का ढलाना ज्यादा है। सारी पाइप लाइन को भरने में समय लगता है। इसके बाद ही ऊंचाई पर पानी पहुंचेगा।
अघोषित कटों के अलावा गर्मी में बार-बार बिजली के तार टूट रही है और ट्रांसफार्मर से फ्यूज उड़ रहे हैं। इससे वह एक बार भी पानी की टंकी को भर नहीं पा रहे हैं। संवाद