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Yamuna Nagar News: राम-भरत मिलाप का दृश्य देख दर्शक भावुक
Wed, 09 Oct 2024 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 09 Oct 2024 02:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुरानी डिस्पेंसरी बूड़िया में श्री शंकर रामलीला ड्रामेटिक क्लब की ओर से कराए जा रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने केवट संवाद व भरत मिलाप के मार्मिक दृश्यों का मंचन किया। सोमवार रात मंचन का शुभारंभ प्रवीण महंत ने किया। प्रसाद की सेवा राहुल शर्मा ने दी।
मंचन में दिखाया गया कि श्री राम निषादराज का आतिथ्य ग्रहण करने के बाद आगे बढ़ते हैं और नदी किनारे केवट मिलता है, जिसे श्रीराम अपनी नाव से नदी पार कराने के लिए कहते हैं, पर केवट उन्हें अपनी नाव पर चढ़ाने को तैयार नहीं होता। इस पर श्रीराम कारण पूछते हैं तो केवट कहता है कि मैंने सुना है आपके चरण रज में जादू है, जो पत्थर में भी जान डाल देती है। राम कहते हैं कि केवट तुम्हारा संशय कैसे दूर हो फिर केवट द्वारा श्रीराम के पांव पखारने की बात कही गई।
अगले दृश्य में दिखाया जाता है कि भरत को बार बार श्रीराम के वनवास का स्वप्न आता है। वह शत्रुघ्न को यह बात बताते हैं। अगले दृश्य में भरत व शत्रुघ्न का अयोध्या में प्रवेश होता है। श्रीराम, लक्ष्मण व सीता के वनवास व पिता दशरथ के मरण का समाचार पाकर भरत दुखी हो जाते हैं। गुरु वशिष्ठ से भरत कहते हैं कि मुझे राज्य नहीं चाहिए। मेरा कल्याण तो भैया राम की चाकरी में है। भरत-शत्रुघ्न श्रीराम को मनाने के लिए निकलते हैं।
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अगले दृश्य में चित्रकूट का दर्शन होता है। यहां राम-सीता व लक्ष्मण के साथ विराजमान हैं। जहां भरत के सेना के साथ आने की जानकारी पर लक्ष्मण को संशय होता है, पर राम उन्हें समझाते हैं। इस बीच भरत पहुंचते हैं और भगवान श्रीराम को देखते ही उनसे लिपट जाते हैं। राम-भरत मिलाप के इस मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक भावुक हो गए। भरत सहित माताएं, गुरुदेव सभी राम को मनाने की कोशिश करते हैं।
भरत बड़े भाई श्रीराम से कहते हैं कि आप अपनी चरण पादुका सौंप दें, जिन्हें वह राजगद्दी पर रखकर काज करेंगे। श्रीराम से चरण पादुका लेकर भरत माथे पर लगाते हैं। इस पर राम भक्त ले चला रे राम की निशानी...भजन बजता है, जिसे सुनकर दर्शक भावविभोर हो जाते हैं। इस दौरान मोनू कपिल ने राम, राहुल कश्यप ने लक्ष्मण, दिपांशु ने शत्रुघ्न, मोहन कश्यप ने भरत, शिवा ने कैकई, गौरव भाटिया ने दशरथ, ललित शर्मा ने केवट के किरदार में अभिनय किया।
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यमुनानगर। पुरानी डिस्पेंसरी बूड़िया में श्री शंकर रामलीला ड्रामेटिक क्लब की ओर से कराए जा रहे रामलीला मंचन में कलाकारों ने केवट संवाद व भरत मिलाप के मार्मिक दृश्यों का मंचन किया। सोमवार रात मंचन का शुभारंभ प्रवीण महंत ने किया। प्रसाद की सेवा राहुल शर्मा ने दी।
मंचन में दिखाया गया कि श्री राम निषादराज का आतिथ्य ग्रहण करने के बाद आगे बढ़ते हैं और नदी किनारे केवट मिलता है, जिसे श्रीराम अपनी नाव से नदी पार कराने के लिए कहते हैं, पर केवट उन्हें अपनी नाव पर चढ़ाने को तैयार नहीं होता। इस पर श्रीराम कारण पूछते हैं तो केवट कहता है कि मैंने सुना है आपके चरण रज में जादू है, जो पत्थर में भी जान डाल देती है। राम कहते हैं कि केवट तुम्हारा संशय कैसे दूर हो फिर केवट द्वारा श्रीराम के पांव पखारने की बात कही गई।
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अगले दृश्य में दिखाया जाता है कि भरत को बार बार श्रीराम के वनवास का स्वप्न आता है। वह शत्रुघ्न को यह बात बताते हैं। अगले दृश्य में भरत व शत्रुघ्न का अयोध्या में प्रवेश होता है। श्रीराम, लक्ष्मण व सीता के वनवास व पिता दशरथ के मरण का समाचार पाकर भरत दुखी हो जाते हैं। गुरु वशिष्ठ से भरत कहते हैं कि मुझे राज्य नहीं चाहिए। मेरा कल्याण तो भैया राम की चाकरी में है। भरत-शत्रुघ्न श्रीराम को मनाने के लिए निकलते हैं।
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अगले दृश्य में चित्रकूट का दर्शन होता है। यहां राम-सीता व लक्ष्मण के साथ विराजमान हैं। जहां भरत के सेना के साथ आने की जानकारी पर लक्ष्मण को संशय होता है, पर राम उन्हें समझाते हैं। इस बीच भरत पहुंचते हैं और भगवान श्रीराम को देखते ही उनसे लिपट जाते हैं। राम-भरत मिलाप के इस मार्मिक दृश्य को देखकर दर्शक भावुक हो गए। भरत सहित माताएं, गुरुदेव सभी राम को मनाने की कोशिश करते हैं।
भरत बड़े भाई श्रीराम से कहते हैं कि आप अपनी चरण पादुका सौंप दें, जिन्हें वह राजगद्दी पर रखकर काज करेंगे। श्रीराम से चरण पादुका लेकर भरत माथे पर लगाते हैं। इस पर राम भक्त ले चला रे राम की निशानी...भजन बजता है, जिसे सुनकर दर्शक भावविभोर हो जाते हैं। इस दौरान मोनू कपिल ने राम, राहुल कश्यप ने लक्ष्मण, दिपांशु ने शत्रुघ्न, मोहन कश्यप ने भरत, शिवा ने कैकई, गौरव भाटिया ने दशरथ, ललित शर्मा ने केवट के किरदार में अभिनय किया।