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Yamuna Nagar News: ओलावृष्टि के कारण सब्जी की फसलें बर्बाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। बारिश के दौरान हुई जमकर ओलावृष्टि ने कस्बे व आसपास देहात के खेतों में सब्जी की फसलों को तबाह कर दिया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित किसानों को लगभग दो करोड़ की लागत का नुकसान होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कस्बे व आसपास के छोटे किसान सब्जी बोने का काम करते हैं। इन दिनों टमाटर व गोभी की पकी हुई फसल की मंडी में आवक हो रही है तो शिमला मिर्च की रोपाई का काम चल रहा है। लेकिन आज हुई ओलावृष्टि ने तो सब्जी की सारी फसलों को बर्बाद कर दिया है। ओलावृष्टि के कारण गोभी के फूल और पत्ते नष्ट हो गए हैं। पूर्व सरपंच राजकुमार राणा व राजेश राणा ने बताया कि 20 दिन पहले तक मंडियों में गोभी 8 रुपए प्रति किलो तक बिकने से किसान मायूस थे। लेकिन अब कुछ दिनों से इसके दाम बढ़कर 25 रुपए तक पहुंचने से किसानों को लागत वसूल होने की उम्मीद हो गई थी। लेकिन ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ गोभी लगाने पर लगभग पचास हजार की लागत आती है। जबकि इन दिनों कस्बे में ही लगभग 200 एकड़ में गोभी लगाई हुई थी। इस तरह से गोभी पैदा करने वालों को ही लगभग एक करोड़ की लागत का नुकसान हो गया है।
टमाटर की फसल हुई नष्ट
वहीं नवनीत राणा व बलबीर राणा ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण टमाटर की पकी हुई फसल नष्ट हो गई है। रसगुल्ले के आकार के ओले के कारण टमाटर के पौधे कतई नष्ट होने के अलावा टमाटरों को दो फाड़ कर दिया है। उन्होंने बताया कि कस्बे में लगभग सौ एकड़ में टमाटर की बिजाई हुई थी। जिसकी लागत ही लगभग 50 हजार प्रति एकड़ थी। इस तरह टमाटर बोने वाले किसानों को 50 लाख की लागत का नुकसान होने का अनुमान है। इसी तरह शिमला मिर्च की फसल तबाह होने से भी किसानों को 50 लाख का नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है।
पार्षद अंकुश राणा ने बताया कि कस्बे में अधिकतर किसानों के पास कम जमीन होने के कारण वह सब्जी पैदा करके अपना गुजारा करते हैं। कुछ किसान तो ठेके पर जमीन लेकर अपनी मेहनत से गुजर बसर करते हैं।
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साढौरा। बारिश के दौरान हुई जमकर ओलावृष्टि ने कस्बे व आसपास देहात के खेतों में सब्जी की फसलों को तबाह कर दिया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित किसानों को लगभग दो करोड़ की लागत का नुकसान होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कस्बे व आसपास के छोटे किसान सब्जी बोने का काम करते हैं। इन दिनों टमाटर व गोभी की पकी हुई फसल की मंडी में आवक हो रही है तो शिमला मिर्च की रोपाई का काम चल रहा है। लेकिन आज हुई ओलावृष्टि ने तो सब्जी की सारी फसलों को बर्बाद कर दिया है। ओलावृष्टि के कारण गोभी के फूल और पत्ते नष्ट हो गए हैं। पूर्व सरपंच राजकुमार राणा व राजेश राणा ने बताया कि 20 दिन पहले तक मंडियों में गोभी 8 रुपए प्रति किलो तक बिकने से किसान मायूस थे। लेकिन अब कुछ दिनों से इसके दाम बढ़कर 25 रुपए तक पहुंचने से किसानों को लागत वसूल होने की उम्मीद हो गई थी। लेकिन ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ गोभी लगाने पर लगभग पचास हजार की लागत आती है। जबकि इन दिनों कस्बे में ही लगभग 200 एकड़ में गोभी लगाई हुई थी। इस तरह से गोभी पैदा करने वालों को ही लगभग एक करोड़ की लागत का नुकसान हो गया है।
टमाटर की फसल हुई नष्ट
वहीं नवनीत राणा व बलबीर राणा ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण टमाटर की पकी हुई फसल नष्ट हो गई है। रसगुल्ले के आकार के ओले के कारण टमाटर के पौधे कतई नष्ट होने के अलावा टमाटरों को दो फाड़ कर दिया है। उन्होंने बताया कि कस्बे में लगभग सौ एकड़ में टमाटर की बिजाई हुई थी। जिसकी लागत ही लगभग 50 हजार प्रति एकड़ थी। इस तरह टमाटर बोने वाले किसानों को 50 लाख की लागत का नुकसान होने का अनुमान है। इसी तरह शिमला मिर्च की फसल तबाह होने से भी किसानों को 50 लाख का नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है।
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पार्षद अंकुश राणा ने बताया कि कस्बे में अधिकतर किसानों के पास कम जमीन होने के कारण वह सब्जी पैदा करके अपना गुजारा करते हैं। कुछ किसान तो ठेके पर जमीन लेकर अपनी मेहनत से गुजर बसर करते हैं।
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