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रामलीला में आपत्तिजनक नृत्य पर हंगामा
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आपत्तिजनक नृत्य को लेकर रामलीला के कलाकारों से बहस करते संगठन के लोग। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। झंडा चौक पर चल रही रामलीला के दौरान शनिवार रात को उस समय हंगामा हो गया, जब मंच पर किन्नर समाज की ओर से किया जाने लगा। रामलीला देखने पहुंचे कुछ लोगों ने किन्नरों के नृत्य को लेकर आपत्ति जताई। इस दौरान रामलीला का मंचन बीच में ही रोकना पड़ा। करीब पौना घंटे चले इस हंगामे में पुलिस ने पहुंचकर बीच बचाव करवाया। इसके बाद रामलीला कमेटी ने दर्शकों व श्रद्धालुओं से इसके लिए खेद जताया।
दरअसल झंडा चौक पर श्रीमहालक्ष्मी ड्रामेट्रिक कमेटी की ओर से इस साल भी रामलीला करवाई जा रही है। शनिवार को रामलीला में मंचन के दौरान रामजन्म पर किन्नरों ने खुशी में नृत्य करना शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद भवानी सेना और कुछ अन्य हिंदू संगठनों के लोगों ने इसका विरोध किया। भवानी सेना के अध्यक्ष आदित्य रोहिला, भाजपा कार्यकर्ता कुणाल भारद्वाज आदि ने बताया कि रामलीला मंचन के दौरान आपत्तिजनक डांस किया जा रहा था। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नृत्यका लाइव वीडियो भी जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन आस्था का प्रतीक है। मंचन से लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को आत्मसाध करने व बुराई का विरोध करने की प्रेरणा दी जाती है। मंचन के कलाकारों को लोग उनके किरदारों की तरह ही पूज्यनीय मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस रामलीला में आपत्तिजनक नृत्य करवाया जा रहा है। इससे रामभक्तों सहित समस्त हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची है।
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इस दौरान रामलीला कमेटी प्रबंधकों व संगठन पदाधिकारियों के बीच बहस हुई। कमेटी सदस्यों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और जूते चप्पल पहनकर ही स्टेज पर चढ़ गए। संगठनों के इस रवैये से रामलीला के कलाकार भी क्रोधित हो गए। रावण व मेघनाथ का किरदार निभा रहे लोगों ने विरोध कर रहे लोगों को मंच की मर्यादा बताई। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पुलिस व सीआईडी के कर्मचारी भी पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया और बातचीत से मसला सुलझाया।
40 वर्ष से हो रही है रामलीला : राणा
कमेटी प्रधान लव कुमार राणा ने बताया कि यह रामलीला 40 वर्ष से हो रही है। कमेटी की ओर से सभी कार्य धार्मिक विधि और कानून के दायरे में किए जाते हैं। सदस्य गुलशन गौरी ने बताया कि करीब 25 साल से रामलीला में किन्नर समाज के लोग आ रहे हैं। यह रामजन्म मंचन के दिन ही आते हैं। इस दौरान वे नृत्य कर प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी हाजिरी देते हैं। किन्नर समाज को यहां प्रस्तुति देकर आत्म संतुष्टि मिलती है। इस बार भी किन्नर समाज के लोग आए थे। दो लोगों ने नृत्य प्रस्तुत किया। दूसरा नृत्य कुछ ठीक नहीं था, जिसे कमेटी ने मात्र दो मिनट में ही रुकवा दिया। इस बीच किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अश्लीलता, फूहड़ता इत्यादि शब्द लिखकर वायरल कर दिया। रामलीला का मंचन धार्मिक मान्यताओं, मर्यादाओं के साथ किया जा रहा है। किन्नरों के नृत्य से उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। इतने वर्षों से कभी ऐसा नहीं हुआ और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।
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जगाधरी। झंडा चौक पर चल रही रामलीला के दौरान शनिवार रात को उस समय हंगामा हो गया, जब मंच पर किन्नर समाज की ओर से किया जाने लगा। रामलीला देखने पहुंचे कुछ लोगों ने किन्नरों के नृत्य को लेकर आपत्ति जताई। इस दौरान रामलीला का मंचन बीच में ही रोकना पड़ा। करीब पौना घंटे चले इस हंगामे में पुलिस ने पहुंचकर बीच बचाव करवाया। इसके बाद रामलीला कमेटी ने दर्शकों व श्रद्धालुओं से इसके लिए खेद जताया।
दरअसल झंडा चौक पर श्रीमहालक्ष्मी ड्रामेट्रिक कमेटी की ओर से इस साल भी रामलीला करवाई जा रही है। शनिवार को रामलीला में मंचन के दौरान रामजन्म पर किन्नरों ने खुशी में नृत्य करना शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद भवानी सेना और कुछ अन्य हिंदू संगठनों के लोगों ने इसका विरोध किया। भवानी सेना के अध्यक्ष आदित्य रोहिला, भाजपा कार्यकर्ता कुणाल भारद्वाज आदि ने बताया कि रामलीला मंचन के दौरान आपत्तिजनक डांस किया जा रहा था। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नृत्यका लाइव वीडियो भी जारी किया गया।
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उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन आस्था का प्रतीक है। मंचन से लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को आत्मसाध करने व बुराई का विरोध करने की प्रेरणा दी जाती है। मंचन के कलाकारों को लोग उनके किरदारों की तरह ही पूज्यनीय मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस रामलीला में आपत्तिजनक नृत्य करवाया जा रहा है। इससे रामभक्तों सहित समस्त हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची है।
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इस दौरान रामलीला कमेटी प्रबंधकों व संगठन पदाधिकारियों के बीच बहस हुई। कमेटी सदस्यों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और जूते चप्पल पहनकर ही स्टेज पर चढ़ गए। संगठनों के इस रवैये से रामलीला के कलाकार भी क्रोधित हो गए। रावण व मेघनाथ का किरदार निभा रहे लोगों ने विरोध कर रहे लोगों को मंच की मर्यादा बताई। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पुलिस व सीआईडी के कर्मचारी भी पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया और बातचीत से मसला सुलझाया।
40 वर्ष से हो रही है रामलीला : राणा
कमेटी प्रधान लव कुमार राणा ने बताया कि यह रामलीला 40 वर्ष से हो रही है। कमेटी की ओर से सभी कार्य धार्मिक विधि और कानून के दायरे में किए जाते हैं। सदस्य गुलशन गौरी ने बताया कि करीब 25 साल से रामलीला में किन्नर समाज के लोग आ रहे हैं। यह रामजन्म मंचन के दिन ही आते हैं। इस दौरान वे नृत्य कर प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी हाजिरी देते हैं। किन्नर समाज को यहां प्रस्तुति देकर आत्म संतुष्टि मिलती है। इस बार भी किन्नर समाज के लोग आए थे। दो लोगों ने नृत्य प्रस्तुत किया। दूसरा नृत्य कुछ ठीक नहीं था, जिसे कमेटी ने मात्र दो मिनट में ही रुकवा दिया। इस बीच किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अश्लीलता, फूहड़ता इत्यादि शब्द लिखकर वायरल कर दिया। रामलीला का मंचन धार्मिक मान्यताओं, मर्यादाओं के साथ किया जा रहा है। किन्नरों के नृत्य से उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। इतने वर्षों से कभी ऐसा नहीं हुआ और भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा।