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Yamuna Nagar News: साक्षरता के उजाले की ओर से ले जाएगा उल्लास
Sat, 12 Sep 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:50 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। उल्लास कार्यक्रम समाज के हर व्यक्ति को साक्षर बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगा रहा है। इसके तहत 15 वर्ष अधिक के निरक्षर लोगों को साक्षर बनने का अवसर दिया जा रहा है। प्रौढ़ के लिए यह कार्यक्रम लाभकारी साबित हो रहा है। उल्लास परीक्षा 20 सितंबर को होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जा रहा है।
अभी तक जिले के सभी खंडों से 1,025 लोगों ने पंजीकरण करवाया गया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या 50 से अधिक आयु वाले लोगों की है। वहीं, विभाग की ओर से 19 सितंबर तक इसके लिए पंजीकरण किए जा रहे हैं। ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस प्रौढ़ साक्षरता कार्यक्रम का लाभ मिल सके।
पिछले वर्ष उल्लास की परीक्षा के लिए 3,028 लोगों ने पंजीकरण करवाया था। इस बार अभी तक 1,025 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। वहीं, दूसरी तरफ पंजीकरण बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न तरह के जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जिले के सभी छह खंडों के राजकीय विद्यालयों में करवाए जाएंगे।
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इसके तहत विद्यार्थियों को साक्षरता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे अपने घर जाकर परिवार के सदस्यों को भी इसके बारे में बताएं। इस दौरान शिक्षक व उल्लास कार्यक्रम अधिकारी विद्यार्थियों से यह भी जानकारी ले रहे हैं, कि उनके परिवार में कोई निरक्षर तो नहीं है। ऐसे लोगों को प्रेरित कर साक्षरता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
जिला गणित विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी संजय कांबोज ने बताया कि साक्षरता अभियान के तहत यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष अधिक सभी लोगों को अक्षर व ज्ञान से जोड़ना है। इसका असर प्रौढ़ शिक्षा पर अधिक देखने को मिल रहा है। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।
परिवार के निरक्षर सदस्यों का पंजीकरण करा रहे विद्यार्थी
विद्यार्थी अपने परिवार के निरक्षर बुजुर्ग सदस्यों का पंजीकरण करवाने के लिए स्कूल लेकर आ रहे हैं। इससे अभियान को अधिक बल मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के उत्थान को सामूहिक जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध से जोड़ता है। पिछली साक्षरता पहलों से अलग उल्लास में जनभागीदारी और कर्तव्य की भावना को केंद्र में रखा गया है। शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करना विकसित राष्ट्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के विद्यालयों में पोस्टर बनाओ, नारा लेखन, पेंटिंग सहित अन्य गतिविधियां करवाई गईं। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया।
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जगाधरी। उल्लास कार्यक्रम समाज के हर व्यक्ति को साक्षर बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगा रहा है। इसके तहत 15 वर्ष अधिक के निरक्षर लोगों को साक्षर बनने का अवसर दिया जा रहा है। प्रौढ़ के लिए यह कार्यक्रम लाभकारी साबित हो रहा है। उल्लास परीक्षा 20 सितंबर को होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जा रहा है।
अभी तक जिले के सभी खंडों से 1,025 लोगों ने पंजीकरण करवाया गया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या 50 से अधिक आयु वाले लोगों की है। वहीं, विभाग की ओर से 19 सितंबर तक इसके लिए पंजीकरण किए जा रहे हैं। ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस प्रौढ़ साक्षरता कार्यक्रम का लाभ मिल सके।
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पिछले वर्ष उल्लास की परीक्षा के लिए 3,028 लोगों ने पंजीकरण करवाया था। इस बार अभी तक 1,025 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। वहीं, दूसरी तरफ पंजीकरण बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न तरह के जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जिले के सभी छह खंडों के राजकीय विद्यालयों में करवाए जाएंगे।
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इसके तहत विद्यार्थियों को साक्षरता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे अपने घर जाकर परिवार के सदस्यों को भी इसके बारे में बताएं। इस दौरान शिक्षक व उल्लास कार्यक्रम अधिकारी विद्यार्थियों से यह भी जानकारी ले रहे हैं, कि उनके परिवार में कोई निरक्षर तो नहीं है। ऐसे लोगों को प्रेरित कर साक्षरता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
जिला गणित विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी संजय कांबोज ने बताया कि साक्षरता अभियान के तहत यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष अधिक सभी लोगों को अक्षर व ज्ञान से जोड़ना है। इसका असर प्रौढ़ शिक्षा पर अधिक देखने को मिल रहा है। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।
परिवार के निरक्षर सदस्यों का पंजीकरण करा रहे विद्यार्थी
विद्यार्थी अपने परिवार के निरक्षर बुजुर्ग सदस्यों का पंजीकरण करवाने के लिए स्कूल लेकर आ रहे हैं। इससे अभियान को अधिक बल मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के उत्थान को सामूहिक जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध से जोड़ता है। पिछली साक्षरता पहलों से अलग उल्लास में जनभागीदारी और कर्तव्य की भावना को केंद्र में रखा गया है। शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करना विकसित राष्ट्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के विद्यालयों में पोस्टर बनाओ, नारा लेखन, पेंटिंग सहित अन्य गतिविधियां करवाई गईं। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया।