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स्क्रीनिंग प्लांट मालिक पर दो युवकों ने की फायरिंग, नदी में कूद बचाई जान
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बाइक सवार दो युवकों ने खाना खाकर घूमने के लिए निकलने जय मां भगवती स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक महावीर पर वीरवार को दो फायर किए। इस पर महावीर ने नदी में कूदकर अपनी जान बचाई। महावीर का आरोप है कि उनका चार दिन पहले पड़ोसी स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक के साथ विवाद हुआ था। पंचायत में भी आरोपियों से उसका झगड़ा हुआ और बाद में समझौता हो गया था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते उसे जान से मारने की प्रयास किया गया है। पुलिस ने तीन लोगों पर हत्या का प्रयास और षडयंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया है।
जींद के जैन नगर निवासी महावीर ने बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका गांव सवाबड़ी में जय मां भगवती के नाम से स्क्रीनिंग प्लांट है। उनके प्लांट के साथ ही ताहरपुर निवासी व्यक्ति का स्क्रीनिंग प्लांट है। 30 अगस्त की दोपहर को एनजीटी की गाड़ी उनके स्क्रीनिंग प्लांट पर खाना खाने के लिए रुकी। उसी समय उसके प्लांट से एक डंपर निकला। जैसे ही डंपर प्लांट से आगे निकलकर कच्चे रास्ते में पहुंचा तो स्क्रीनिंग प्लांट पर बैठे एनजीटी के अधिकारियों ने उनके खाली डंपर को रोककर सीज कर दिया। इसके बाद एनजीटी की टीम वापस स्क्रीनिंग प्लाट पर जाकर खाना खाने के लिए चली गई। उन्होंने एनजीटी व खनन विभाग की टीम के अधिकारियों की खाना खाते समय की वीडियो बनाई। इस पर उनका दूसरे स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक के साथ विवाद हो गया। इस मामले के संबंध में 31 अगस्त को उनकी ढांडा स्क्रीनिंग प्लांट पर एक पंचायत हुई। पंचायत में इकरान व प्रवेश उर्फ काला भी लाठी-डंडों के साथ अपने साथियों के साथ खड़े रहे। पंचायत में भी उनकी आपस में कहासुनी हुई। तब पंचायत में शामिल लोगों ने उनका बीच बचाव करवा दिया। बाद में पंचायत के दौरान ही उनके बीच गणमान्य लोगों ने समझौता करवा दिया।
महावीर ने बताया कि इसके बाद दो सितंबर को शाम को वह स्क्रीनिंग प्लांट पर खाना खाकर घूमने के लिए निकला था। स्क्रीनिंग प्लांट से करीब 400 मीटर दूर गया तो बाइक सवार युवकों ने जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग कर दी। आरोपियों ने दो फायर किए। गनीमत रही कि गोली लगने से वह बाल बाल बच गया। जान बचाने के लिए वह पास की नदी में कूद गया। बाद में उसने इसकी सूचना अपने भाई सुखदेव को दी। महावीर का आरोप है कि उस पर किया गया जानलेवा हमला पंचायत में हुए झगड़े की रंजिश में ताहरपुर कलां निवासी प्रवेश, लियाकत के बेटे इसरान व इकरान ने षडयंत्र रचते हुए करवाया है। पुलिस ने मामले में इकरान, इसरान व प्रवेश के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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बिलासपुर थाना प्रभारी बलबीर सिंह का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है। उनसे कुछ दिन पहले शिकायतकर्ता का विवाद हुआ था। फायरिंग करने के मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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जींद के जैन नगर निवासी महावीर ने बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका गांव सवाबड़ी में जय मां भगवती के नाम से स्क्रीनिंग प्लांट है। उनके प्लांट के साथ ही ताहरपुर निवासी व्यक्ति का स्क्रीनिंग प्लांट है। 30 अगस्त की दोपहर को एनजीटी की गाड़ी उनके स्क्रीनिंग प्लांट पर खाना खाने के लिए रुकी। उसी समय उसके प्लांट से एक डंपर निकला। जैसे ही डंपर प्लांट से आगे निकलकर कच्चे रास्ते में पहुंचा तो स्क्रीनिंग प्लांट पर बैठे एनजीटी के अधिकारियों ने उनके खाली डंपर को रोककर सीज कर दिया। इसके बाद एनजीटी की टीम वापस स्क्रीनिंग प्लाट पर जाकर खाना खाने के लिए चली गई। उन्होंने एनजीटी व खनन विभाग की टीम के अधिकारियों की खाना खाते समय की वीडियो बनाई। इस पर उनका दूसरे स्क्रीनिंग प्लांट के मालिक के साथ विवाद हो गया। इस मामले के संबंध में 31 अगस्त को उनकी ढांडा स्क्रीनिंग प्लांट पर एक पंचायत हुई। पंचायत में इकरान व प्रवेश उर्फ काला भी लाठी-डंडों के साथ अपने साथियों के साथ खड़े रहे। पंचायत में भी उनकी आपस में कहासुनी हुई। तब पंचायत में शामिल लोगों ने उनका बीच बचाव करवा दिया। बाद में पंचायत के दौरान ही उनके बीच गणमान्य लोगों ने समझौता करवा दिया।
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महावीर ने बताया कि इसके बाद दो सितंबर को शाम को वह स्क्रीनिंग प्लांट पर खाना खाकर घूमने के लिए निकला था। स्क्रीनिंग प्लांट से करीब 400 मीटर दूर गया तो बाइक सवार युवकों ने जान से मारने की नीयत से उस पर फायरिंग कर दी। आरोपियों ने दो फायर किए। गनीमत रही कि गोली लगने से वह बाल बाल बच गया। जान बचाने के लिए वह पास की नदी में कूद गया। बाद में उसने इसकी सूचना अपने भाई सुखदेव को दी। महावीर का आरोप है कि उस पर किया गया जानलेवा हमला पंचायत में हुए झगड़े की रंजिश में ताहरपुर कलां निवासी प्रवेश, लियाकत के बेटे इसरान व इकरान ने षडयंत्र रचते हुए करवाया है। पुलिस ने मामले में इकरान, इसरान व प्रवेश के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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बिलासपुर थाना प्रभारी बलबीर सिंह का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है। उनसे कुछ दिन पहले शिकायतकर्ता का विवाद हुआ था। फायरिंग करने के मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।