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Yamuna Nagar News: यूरिया से लदे दो ट्रक पकड़े, किसानों के हंगामे के बाद पहुंची विभाग की टीम
Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
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गांव आहलूवाला में भाकियू के पदाधिकारियों द्वारा पकड़ा गया खाद से भरा ट्रक। संवाद
यमुनानगर। जगाधरी क्षेत्र के आहलूवाला गांव में बुधवार को किसानों ने कृषि योग्य यूरिया से लदे दो ट्रकों को पकड़ लिया और हंगामा शुरू कर दिया।। इन ट्रकों में भरे यूरिया के बैग गांव में बने एक गोदाम पर उतारे जाने थे। किसानों के विरोध के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों ट्रकों को गोदाम के बाहर ही रुकवा दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों ट्रकों में करीब 1500 बैग कृषि योग्य यूरिया लदा हुआ था।
भारतीय किसान यूनियन से जुड़े गांव पीरूवाला निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि गांव आहलूवाला में एक गोदाम में अवैध रूप से कृषि योग्य यूरिया का भंडारण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को भी यहां पर तीन ट्रक यूरिया लेकर पहुंचे थे। जब वह अन्य किसानों के साथ मौके पर पहुंचे तो एक ट्रक से यूरिया पहले ही गोदाम में उतारा जा चुका था, जबकि दो ट्रक सड़क पर खड़े थे। किसानों ने तुरंत इन ट्रकों को रोक लिया और कृषि विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. हरीश पांडे ने टीम के साथ जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। किसानों का कहना था कि जिस गोदाम में यूरिया उतारा जा रहा था, वह अधिकृत नहीं है और खाद को कालाबाजारी के उद्देश्य से भंडारित किया जा रहा है। किसानों ने यह भी दावा किया कि यह यूरिया करनाल के अनिल ट्रेडर्स से मंगवाया गया है।
वहीं मौके पर मौजूद एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आर्यन गुर्जर ने कहा कि किसानों ने दोपहर करीब तीन बजे यूरिया से भरे ट्रकों को पकड़ा था, लेकिन काफी देर तक ट्रक मालिक की ओर से कोई बिल या दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर के पास भी बिल मौजूद नहीं थे और बाद में अधिकारियों को केवल बिलों की फोटो कॉपी दिखाई गई। किसान सतेंद्र सिंह पीरूवाला और किसान महिंद्र चाहड़ों ने भी आरोप लगाया कि तीन बजे से लेकर पांच बजे तक अधिकारी लगातार बिलों की मांग करते रहे, लेकिन मौके पर मूल दस्तावेज पेश नहीं किए गए। संवाद
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वर्जन
इस पूरे मामले पर कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित खाद के बिल, लाइसेंस और ई-रवाना बिल सभी सही पाए गए हैं। डॉ. डबास के अनुसार कृषि विभाग खाद की आपूर्ति और वितरण को लेकर पूरी चौकसी बरत रहा है और किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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भारतीय किसान यूनियन से जुड़े गांव पीरूवाला निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें पहले से सूचना मिली थी कि गांव आहलूवाला में एक गोदाम में अवैध रूप से कृषि योग्य यूरिया का भंडारण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को भी यहां पर तीन ट्रक यूरिया लेकर पहुंचे थे। जब वह अन्य किसानों के साथ मौके पर पहुंचे तो एक ट्रक से यूरिया पहले ही गोदाम में उतारा जा चुका था, जबकि दो ट्रक सड़क पर खड़े थे। किसानों ने तुरंत इन ट्रकों को रोक लिया और कृषि विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. हरीश पांडे ने टीम के साथ जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। किसानों का कहना था कि जिस गोदाम में यूरिया उतारा जा रहा था, वह अधिकृत नहीं है और खाद को कालाबाजारी के उद्देश्य से भंडारित किया जा रहा है। किसानों ने यह भी दावा किया कि यह यूरिया करनाल के अनिल ट्रेडर्स से मंगवाया गया है।
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वहीं मौके पर मौजूद एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आर्यन गुर्जर ने कहा कि किसानों ने दोपहर करीब तीन बजे यूरिया से भरे ट्रकों को पकड़ा था, लेकिन काफी देर तक ट्रक मालिक की ओर से कोई बिल या दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर के पास भी बिल मौजूद नहीं थे और बाद में अधिकारियों को केवल बिलों की फोटो कॉपी दिखाई गई। किसान सतेंद्र सिंह पीरूवाला और किसान महिंद्र चाहड़ों ने भी आरोप लगाया कि तीन बजे से लेकर पांच बजे तक अधिकारी लगातार बिलों की मांग करते रहे, लेकिन मौके पर मूल दस्तावेज पेश नहीं किए गए। संवाद
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इस पूरे मामले पर कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित खाद के बिल, लाइसेंस और ई-रवाना बिल सभी सही पाए गए हैं। डॉ. डबास के अनुसार कृषि विभाग खाद की आपूर्ति और वितरण को लेकर पूरी चौकसी बरत रहा है और किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

गांव आहलूवाला में भाकियू के पदाधिकारियों द्वारा पकड़ा गया खाद से भरा ट्रक। संवाद

गांव आहलूवाला में भाकियू के पदाधिकारियों द्वारा पकड़ा गया खाद से भरा ट्रक। संवाद

गांव आहलूवाला में भाकियू के पदाधिकारियों द्वारा पकड़ा गया खाद से भरा ट्रक। संवाद