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Yamuna Nagar News: बिना फायर व एनओसी के चल रहा दो सौ बेड का अस्पताल
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का उद्घाटन हुए चार माह बीत चुके हैं, मगर अब तक इसे न तो दमकल का एनओसी मिला है, न ही एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) का। फायर एनओसी के लिए कर्मचारी कई बार इसमें लगाई गई फायर लाइन का ट्रायल भी ले चुके हैं। एक-एक सप्ताह कर चार माह बीत गए, फिर भी एनओसी नहीं मिला। इसी तरह एलएमओ का एनओसी न मिलने से मरीजों को गैस सिलिंडर से ऑक्सीजन की सप्लाई करनी पड़ रही है। जबकि एनओसी से संबंधित प्रक्रिया अस्पताल का भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने से पहले पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। भवन हैंडओवर हो चुका है, इसलिए अब एनओसी के लिए कच्छप गति से काम चल रहा है।
ऑक्सीजन टैंक के लिए एनओसी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से मिलनी है। मंत्रालय की टीम ने एनओसी से पहले अस्पताल का निरीक्षण किया था। पहले तो एलएमओ टैंक का गेट छोटा बताकर इसे बड़ा लगवाया गया। इसके बाद टैंक के आसपास अस्पताल की खिड़कियों को बंद कराने को कहा गया। तर्क था की खुली खिड़कियों से कोई भी टैंक की तरफ ज्वलनशील पदार्थ डाल सकता है, जिससे आग लगने की आशंका रहती है। अब टैंक के चारों तरफ फेंसिंग कराई गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी एनओसी नहीं मिला। मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन पीडब्ल्यूडी से अस्पताल का नया भवन टेकओवर कर लिया। 11 मई को उद्घाटन होने के बाद भी अब तक अस्पताल के नए भवन में मरीजों के बिस्तर पाइप से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो सकी है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सिलिंडर लगाने पड़ रहे हैं। ज्ञात हो कि ऑक्सीजन सप्लाई के लिए जिला अस्पताल के ए व बी ब्लॉक के बीच टैंक लगाया गया है, जिसमें हजारों लीटर ऑक्सीजन भरी जा सकती है।
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह ने बताया कि दमकल से फायर एनओसी जल्द मिल जाएगा। इसके लिए फायर लाइन का ट्रायल लिया जा चुका है। वहीं एलएमओ का एनओसी भी मिलने वाला है। इसके लिए टीम मौके का निरीक्षण कर चुकी है।
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि भवन के उद्घाटन से पहले पीडब्ल्यूडी को एनओसी लेना चाहिए था। अब तक दमकल का एनओसी नहीं मिल पाया है। यदि अस्पताल में आग लग जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। वहीं ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भी एनओसी जरूरी है। टैंक का गेट भी अब बड़ा लगवा दिया गया है। इससे अस्पताल का खर्च काफी बढ़ गया है।
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ऑक्सीजन टैंक के लिए एनओसी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से मिलनी है। मंत्रालय की टीम ने एनओसी से पहले अस्पताल का निरीक्षण किया था। पहले तो एलएमओ टैंक का गेट छोटा बताकर इसे बड़ा लगवाया गया। इसके बाद टैंक के आसपास अस्पताल की खिड़कियों को बंद कराने को कहा गया। तर्क था की खुली खिड़कियों से कोई भी टैंक की तरफ ज्वलनशील पदार्थ डाल सकता है, जिससे आग लगने की आशंका रहती है। अब टैंक के चारों तरफ फेंसिंग कराई गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी एनओसी नहीं मिला। मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन पीडब्ल्यूडी से अस्पताल का नया भवन टेकओवर कर लिया। 11 मई को उद्घाटन होने के बाद भी अब तक अस्पताल के नए भवन में मरीजों के बिस्तर पाइप से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो सकी है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सिलिंडर लगाने पड़ रहे हैं। ज्ञात हो कि ऑक्सीजन सप्लाई के लिए जिला अस्पताल के ए व बी ब्लॉक के बीच टैंक लगाया गया है, जिसमें हजारों लीटर ऑक्सीजन भरी जा सकती है।
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पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह ने बताया कि दमकल से फायर एनओसी जल्द मिल जाएगा। इसके लिए फायर लाइन का ट्रायल लिया जा चुका है। वहीं एलएमओ का एनओसी भी मिलने वाला है। इसके लिए टीम मौके का निरीक्षण कर चुकी है।
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि भवन के उद्घाटन से पहले पीडब्ल्यूडी को एनओसी लेना चाहिए था। अब तक दमकल का एनओसी नहीं मिल पाया है। यदि अस्पताल में आग लग जाए तो जिम्मेदार कौन होगा। वहीं ऑक्सीजन सप्लाई के लिए भी एनओसी जरूरी है। टैंक का गेट भी अब बड़ा लगवा दिया गया है। इससे अस्पताल का खर्च काफी बढ़ गया है।