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Yamuna Nagar News: वेंटिलेटर न होने से ट्रामा सेंटर बना रेफरल सेंटर

Sat, 27 Jul 2024 06:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 27 Jul 2024 06:21 AM IST
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Trauma center became referral center due to lack of ventilator
राजेश कुमार
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यमुनानगर। वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने से ट्रामा सेंटर रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। ट्रामा सेंटर में हर रोज गंभीर हालत में लोग आते हैं। यहां पर आने वाले मरीजों को उपचार के लिए भर्ती तो कर लिया जाता है, लेकिन हालत थोड़ी सी खराब होते ही उन्हें रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीज व उनके तीमारदारों को काफी परेशानी होती हैं। यहां पर 25 वेंटिलेटर होते हुए भी ट्रामा सेंटर में एक भी नहीं लगाया गया है। ये वेंटिलेटर ट्रामा सेंटर के पुराने भवन में खस्ता हालत में रखे हैं और उन पर धूल की मोटी परत जम चुकी है।
जानकारी के अनुसार जिले में रोजाना कई सड़क हादसे होते रहते हैं। हादसों में घायल वाहन चालकों व राहगीरों को ट्रामा सेंटर में लाया जाता है। इसी तरह लड़ाई-झगड़ों में गंभीर रूप से घायल लोगों को भी ट्रामा सेंटर में ही भर्ती किया जाता है लेकिन गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर की व्यवस्था न होना सिस्टम की लापरवाही को दर्शाता है। कुछ माह पहले तक ट्रामा सेंटर अपने भवन में चल रहा था। भवन की मरम्मत होने के कारण ट्रामा सेंटर को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट कर दिया गया था और वेंटिलेटरों को पुराने भवन में ही खस्ता हालत में छोड़ दिया गया। अब ये वेंटिलेटर ताले में बंद पड़े हैं। इन पर धूल की मोटी परत जम चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को इन वेंटिलेटरों को ठीक कराकर मरीजों की समस्याओं को हल करना चाहिए। जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि ट्रामा सेंटर में जो वेंटिलेटर थे वह खराब हो गए थे। वेंटिलेटर को चलाने की प्रक्रिया चल रही है। कितने वेंटिलेटर पूरी तरह से ठीक है इसके लिए बॉयोमेडिकल इंजीनियर से रिपोर्ट ली गई है।
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200 बेड के अस्पताल में वेंटिलेटर एक भी नहीं
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल अब 200 बेड का हो चुका है। 105 करोड़ रुपये की राशि से नये भवन का निर्माण किया गया है। पिछले वर्ष ही 11 मई को नए भवन का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद भी यहां पर एक भी वेंटिलेटर नहीं है। जबकि अस्पताल में रोजाना औसतन 1500 मरीजों की ओपीडी होती है। अवगत हो कि कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पीएम केयर फंड से 40 वेंटिलेटर मिले थे। तब से अब तक सात वेंटिलेटर के अलावा किसी को चलाकर ही नहीं देखा गया। सारे वेंटिलेटर जिला नागरिक अस्पताल के स्टोर रूम में पड़े हुए हैं। 40 में से 15 वेंटिलेटर तो खराब भी हो चुके हैं। एक वेंटिलेटर की कीमत आठ से दस लाख रुपये बताई जा रही है।
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