{"_id":"696808e7bcd25692eb0ec9d8","slug":"tractor-trolley-drivers-demonstrated-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-149865-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने किया प्रदर्शन
Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:51 AM IST
विज्ञापन
ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए। संवाद
यमुनानगर। शहर में बिल्डिंग मैटेरियल की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों ने बुधवार को जिला सचिवालय में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उनका आरोप है कि माइनिंग नाकों पर वाहनों को रोककर उन्हें आगे जाने नहीं दिया जा रहा। ट्रॉली चालकों ने डीसी के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। इससे पहले वे अनाज मंडी में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए सचिवालय परिसर तक पहुंचे।
ट्रॉली चालकों का कहना है कि वे रेत, बजरी और अन्य बिल्डिंग मटेरियल की ढुलाई नियमानुसार माइनिंग बिल लेकर कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा नाकों पर उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक दिया जा रहा है। रेशम सिंह ने बताया कि इस काम से जुड़े अधिकतर लोग गरीब परिवारों से हैं और कई ड्राइवरों ने अपने ट्रैक्टर फाइनेंस पर खरीदे हैं। काम ठप होने से न सिर्फ किस्तों का भुगतान मुश्किल हो गया है, बल्कि घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हो रही है।
ड्राइवर बलजिंद्र ने चेतावनी दी कि यदि वैध माइनिंग बिल होने के बावजूद उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकते रहे, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि नियमानुसार कार्य कर रहे ट्राली चालकों को नहीं रोका जाए और माइनिंग नाकों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रॉली चालकों का कहना है कि वे रेत, बजरी और अन्य बिल्डिंग मटेरियल की ढुलाई नियमानुसार माइनिंग बिल लेकर कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा नाकों पर उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक दिया जा रहा है। रेशम सिंह ने बताया कि इस काम से जुड़े अधिकतर लोग गरीब परिवारों से हैं और कई ड्राइवरों ने अपने ट्रैक्टर फाइनेंस पर खरीदे हैं। काम ठप होने से न सिर्फ किस्तों का भुगतान मुश्किल हो गया है, बल्कि घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
ड्राइवर बलजिंद्र ने चेतावनी दी कि यदि वैध माइनिंग बिल होने के बावजूद उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकते रहे, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि नियमानुसार कार्य कर रहे ट्राली चालकों को नहीं रोका जाए और माइनिंग नाकों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। संवाद
विज्ञापन