फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Town feeder electric wire broken in two places

टाउन फीडर के क्षेत्र में दो जगहों पर टूटे बिजली के तार

Mon, 09 Jun 2014 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी।
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी। Updated Mon, 09 Jun 2014 12:41 AM IST
विज्ञापन
शहर के टाउन फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में दो जगहों पर बिजली के जर्जर तार टूट गए। इस वजह से दोपहर के समय करीब दो घंटे फीडर बंद रहा।
विज्ञापन


बिजली गुल होने की वजह से गर्मी में शहरवासियों का हाल बेहाल हो गया, वहीं फैक्टरी मालिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रविवार दोपहर को करीब 12 बजे टाउन फीडर के अंतर्गत आने वाले कच्चा गौर (कच्चा रास्ता) क्षेत्र में बिजली के तारों पर पक्षी बैठे हुए थे। एकाएक जब पक्षी उडे़ तो जर्जर बिजली के तार झूलने लगे और आपस में टकरा गए। इससे दो जगहों पर बिजली के तार टूट कर नीचे गिर गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर के समय तार से निकली चिंगारियों की वजह से राहगीर सहम गए। करीब आधे घंटे तक टूटे तार में करंट दौड़ता रहा। बिजली के तार टूटने के उपरांत टाउन फीडर ब्रेक डाउन हो गया और जड़ौदा गेट और आसपास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
विज्ञापन


सूचना मिलने के बाद बिजली निगम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निगम के जेई सोहन लाल का कहना है कि करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के उपरांत टूटे बिजली के तार को जोड़ दिया गया। इसके उपरांत क्षेत्र में बिजली सप्लाई को सुचारु कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दि जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है कि शहर में आए दिन कहीं न कहीं पर बिजली की जर्जर तार टूटकर गिर रहे हैं। इस कारण बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है, वहीं बिजली गुल होने का खामियाजा मैटल व्यापारियों को भुगतना पड़ता है। बर्तन फैक्टरी मालिक अजय कुमार, राजेश तथा विकास का कहना है कि बिजली गुल होने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर वे जनरेटर सेट पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है। जो कि उनके लिए संभव नहीं है।


बिजली के बिना मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है। एक बार बिजली गुल होने पर उनका हजारों रुपये का नुकसान होता है। इसके अलावा गलाई की भट्टी को फिर से चालू करने में काफी समय लग जाता है। दोपहर के समय बिजली गुल होने की वजह से क्षेत्र के लोगों का गर्मी के मारे हाल बेहाल हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed