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Yamuna Nagar News: 13 दिन बंद रहेंगी लकड़ी मंडियां, घटेगा प्लाईवुड उत्पादन
Wed, 29 Jul 2026 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:25 AM IST
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जगाधरी में प्लाईवुड फैक्टरी के बाहर खड़ी लकड़ी से भरी ट्रालियां। संवाद
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक मंडौली और मानकपुर लकड़ी मंडियां बंद रहेंगी। इससे प्लाईवुड फैक्टरियों का उत्पादन प्रभावित होगा। फैक्टरी संचालक इन दिनों अपनी उत्पादन क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक लकड़ी का स्टॉक जुटे हैं।
टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर ने सर्वसम्मति से मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया है। जिले में करीब 350 प्लाईवुड फैक्टरियां संचालित हैं। इसके अलावा लगभग 400 पिलिंग यूनिट और सॉ मिल भी कार्यरत हैं। इन उद्योगों में प्रतिदिन करीब 7000 क्यूबिक मीटर प्लाईवुड का उत्पादन होता है, जिसे देशभर के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है।
दरअसलअधिकांश प्लाईवुड इकाइयों के लिए कच्चा माल मंडौली और मानकपुर मंडियों से ही आता है। फैक्टरी संचालकों का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उत्पादन सामान्य स्तर पर बनाए रखना संभव नहीं होता। मशीनों को लगातार चलाने के लिए नियमित रूप से लकड़ी की आपूर्ति जरूरी होती है। मंडियां बंद रहने के दौरान अधिकांश फैक्टरियां सीमित क्षमता पर ही संचालित होती हैं। सामान्य दिनों की तुलना में उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आ जाती है।
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पिछले एक सप्ताह से दोनों मंडियों में लकड़ी की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो गई है। फैक्टरी संचालक अधिक से अधिक लकड़ी खरीद रहे हैं, जिससे मंडियों में कारोबार भी बढ़ा है। बढ़ी हुई आवक के कारण पॉपुलर की लकड़ी के दामों में फिलहाल गिरावट दर्ज की गई है। संगठन ने कहा है कि यदि कोई आढ़ती निर्णय का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के समय हर वर्ष बंद होती हैं मंडियां
30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा भी शुरू होगी। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों कांवड़िये हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए यमुनानगर मार्ग से गुजरते हैं। मंडौली मंडी के बाहर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़क किनारे खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात कांवड़ियों के साथ हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए टिंबर आढ़ती संगठन और प्रशासन के समन्वय से हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान मंडियों को बंद रखा जाता है।
मंडियों के बंद होने से लकड़ी नहीं मिल पाती। इससे तैयार माल की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। हालांकि उद्योग पहले से स्टॉक तैयार कर इस असर को कम करने का प्रयास करता है। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लकड़ी मंडिया 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बंद रहेंगी। इस दौरान कोई भी लकड़ी की खरीद नहीं करेगा। कांवडि़यों की सुरक्षा सर्वोपरि है। - राजिंद्र राणा, प्रधान, टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक मंडौली और मानकपुर लकड़ी मंडियां बंद रहेंगी। इससे प्लाईवुड फैक्टरियों का उत्पादन प्रभावित होगा। फैक्टरी संचालक इन दिनों अपनी उत्पादन क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक लकड़ी का स्टॉक जुटे हैं।
टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर ने सर्वसम्मति से मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया है। जिले में करीब 350 प्लाईवुड फैक्टरियां संचालित हैं। इसके अलावा लगभग 400 पिलिंग यूनिट और सॉ मिल भी कार्यरत हैं। इन उद्योगों में प्रतिदिन करीब 7000 क्यूबिक मीटर प्लाईवुड का उत्पादन होता है, जिसे देशभर के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है।
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दरअसलअधिकांश प्लाईवुड इकाइयों के लिए कच्चा माल मंडौली और मानकपुर मंडियों से ही आता है। फैक्टरी संचालकों का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उत्पादन सामान्य स्तर पर बनाए रखना संभव नहीं होता। मशीनों को लगातार चलाने के लिए नियमित रूप से लकड़ी की आपूर्ति जरूरी होती है। मंडियां बंद रहने के दौरान अधिकांश फैक्टरियां सीमित क्षमता पर ही संचालित होती हैं। सामान्य दिनों की तुलना में उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आ जाती है।
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पिछले एक सप्ताह से दोनों मंडियों में लकड़ी की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हो गई है। फैक्टरी संचालक अधिक से अधिक लकड़ी खरीद रहे हैं, जिससे मंडियों में कारोबार भी बढ़ा है। बढ़ी हुई आवक के कारण पॉपुलर की लकड़ी के दामों में फिलहाल गिरावट दर्ज की गई है। संगठन ने कहा है कि यदि कोई आढ़ती निर्णय का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा के समय हर वर्ष बंद होती हैं मंडियां
30 जुलाई से सावन माह की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा भी शुरू होगी। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों कांवड़िये हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए यमुनानगर मार्ग से गुजरते हैं। मंडौली मंडी के बाहर लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़क किनारे खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात कांवड़ियों के साथ हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए टिंबर आढ़ती संगठन और प्रशासन के समन्वय से हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान मंडियों को बंद रखा जाता है।
मंडियों के बंद होने से लकड़ी नहीं मिल पाती। इससे तैयार माल की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। हालांकि उद्योग पहले से स्टॉक तैयार कर इस असर को कम करने का प्रयास करता है। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लकड़ी मंडिया 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बंद रहेंगी। इस दौरान कोई भी लकड़ी की खरीद नहीं करेगा। कांवडि़यों की सुरक्षा सर्वोपरि है। - राजिंद्र राणा, प्रधान, टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।