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Yamuna Nagar News: खेतों में भरा बारिश का पानी, धान की फसल पर संकट
Wed, 30 Sep 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:53 AM IST
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खेत में बिछी धान की फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र में पिछले तीन दिन बारिश होने ने खेतों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर तेज बारिश और हवा के कारण धान की फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई। इससे किसानों के सामने फसल की कटाई की चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि फसल पकने के समय हुई बारिश से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान जरनैल सिंह, नरवैल सिंह, कृष्ण शर्मा और अनिल कुमार सैनी सहित अन्य किसानों ने बताया कि बारिश के कारण तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई है। कई खेतों में पानी भरने से फसल डूब गई। खेतों में अधिक नमी होने के कारण मशीनों से कटाई करवाना भी मुश्किल हो गया है। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल का मौके पर सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
तिहानो गांव के किसान सुरेंद्र सिंह के मुताबिक उनकी करीब तीन एकड़, मान सिंह की दो एकड़ तथा जरनैल सिंह और करनैल सिंह की करीब चार एकड़ फसल में पानी भरा है। अधिकांश फसल बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में बिछी पड़ी है। किसानों के अनुसार यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकला और फसल की कटाई नहीं हो सकी तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण कराएं : कृषि अधिकारी
खंड कृषि अधिकारी हरेंद्र कंबोज ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया गया है। बारिश, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त फसल के लिए पोर्टल खुलने पर किसान पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर फसल के नुकसान का निरीक्षण और आकलन करते हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पहले से फसल का बीमा करवाने वाले किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है।
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छछरौली। क्षेत्र में पिछले तीन दिन बारिश होने ने खेतों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर तेज बारिश और हवा के कारण धान की फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई। इससे किसानों के सामने फसल की कटाई की चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि फसल पकने के समय हुई बारिश से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान जरनैल सिंह, नरवैल सिंह, कृष्ण शर्मा और अनिल कुमार सैनी सहित अन्य किसानों ने बताया कि बारिश के कारण तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई है। कई खेतों में पानी भरने से फसल डूब गई। खेतों में अधिक नमी होने के कारण मशीनों से कटाई करवाना भी मुश्किल हो गया है। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल का मौके पर सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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तिहानो गांव के किसान सुरेंद्र सिंह के मुताबिक उनकी करीब तीन एकड़, मान सिंह की दो एकड़ तथा जरनैल सिंह और करनैल सिंह की करीब चार एकड़ फसल में पानी भरा है। अधिकांश फसल बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में बिछी पड़ी है। किसानों के अनुसार यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकला और फसल की कटाई नहीं हो सकी तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण कराएं : कृषि अधिकारी
खंड कृषि अधिकारी हरेंद्र कंबोज ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया गया है। बारिश, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त फसल के लिए पोर्टल खुलने पर किसान पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर फसल के नुकसान का निरीक्षण और आकलन करते हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पहले से फसल का बीमा करवाने वाले किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है।

खेत में बिछी धान की फसल। संवाद