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Yamuna Nagar News: सुरक्षाकर्मी की हत्या में तीन साथी काबू, एक की तलाश
Sat, 27 Dec 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:22 AM IST
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अनिल कुमार। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमों का पालन और ड्यूटी के प्रति ईमानदारी यही गुण महमूदपुर निवासी 42 वर्षीय अनिल कुमार के लिए जानलेवा साबित हो गए। जिस कंपनी में वह सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात था, वहीं उसका सहकर्मी उसकी ईमानदारी से खफा था। समय रहते यह नाराजगी रंजिश में बदली और खौफनाक साजिश रचकर अनिल कुमार की हत्या कर दी गई।
दरअसल शुक्रवार सुबह पुलिस को सुढैल गांव के नजदीक पुलिया के नीचे खून से लथपथ हालत में शव मिला था। वह महमूदपुर के अनिल का था। इस पूरे प्रकरण का खुलासा वीरवार को एएसपी अमरेंद्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान किया। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन आरोपी गांव काजल माजरा छछरौली निवासी रवि कुमार व वंश और सनी उर्फ चन्नी को गिरफ्तार किया है। चौथे की तलाश जारी है।
शिनाख्त होने के बाद मृतक के भाई सुनील कुमार की शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। अनिल कुमार गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी में सुरक्षा गार्ड था। ड्यूटी को लेकर बेहद सजग रहता था।
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कंपनी परिसर में होने वाली लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर वह शिकायत कर देता था। यही बात अनिल के सहकर्मी आरोपी रवि कुमार को चुभती थी। रवि भी उसी कंपनी में सुरक्षा गार्ड था और उसे लगता था कि अनिल की शिकायतों से उसकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इस पर वह अनिल से रंजिश रखने लगा। 23 दिसंबर की रात आरोपी रवि ने अपने साथी वंश और सनी उर्फ चन्नी को बुलाया। योजना पहले से तैयार थी। गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी के सुरक्षा गार्ड के कमरे में अनिल पर अचानक चाकू से हमला किया गया।
इससे अनिल की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को अनिल की ही बाइक पर रखा और गांव सुढैल के पास राक्षी नदी के पुल के नीचे फेंक दिया, ताकि मामला हादसा या गिरने से मौत जैसा लगे।
पुलिस ने 25 को शव किया था बरामद
पुलिस को 25 दिसंबर को पुल के नीचे अनिल का शव अज्ञात के रूप में मिला। चूंकि उस दौरान शिनाख्त को लेकर कोई सुराग नहीं था, पुलिस को केवल एक कंपनी का आईकार्ड मिला था। लेकिन उस पर नाम गायब था। इस पर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो उसकी पहचान गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी के सुरक्षा गार्ड अनिल कुमार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। तब मृतक के भाई सुनील कुमार की शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। इस तरह तीन घंटे में पुलिस मृतक अनिल के हत्यारोपियों तक पहुंच गई।
शव की शिनाख्त के बाद पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन का पुलिस रिमांड मिला है। मामले में चौथे आरोपी की तलाश जारी है। -अमरेंद्र सिंह, एएसपी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। नियमों का पालन और ड्यूटी के प्रति ईमानदारी यही गुण महमूदपुर निवासी 42 वर्षीय अनिल कुमार के लिए जानलेवा साबित हो गए। जिस कंपनी में वह सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात था, वहीं उसका सहकर्मी उसकी ईमानदारी से खफा था। समय रहते यह नाराजगी रंजिश में बदली और खौफनाक साजिश रचकर अनिल कुमार की हत्या कर दी गई।
दरअसल शुक्रवार सुबह पुलिस को सुढैल गांव के नजदीक पुलिया के नीचे खून से लथपथ हालत में शव मिला था। वह महमूदपुर के अनिल का था। इस पूरे प्रकरण का खुलासा वीरवार को एएसपी अमरेंद्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान किया। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन आरोपी गांव काजल माजरा छछरौली निवासी रवि कुमार व वंश और सनी उर्फ चन्नी को गिरफ्तार किया है। चौथे की तलाश जारी है।
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शिनाख्त होने के बाद मृतक के भाई सुनील कुमार की शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। अनिल कुमार गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी में सुरक्षा गार्ड था। ड्यूटी को लेकर बेहद सजग रहता था।
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कंपनी परिसर में होने वाली लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर वह शिकायत कर देता था। यही बात अनिल के सहकर्मी आरोपी रवि कुमार को चुभती थी। रवि भी उसी कंपनी में सुरक्षा गार्ड था और उसे लगता था कि अनिल की शिकायतों से उसकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इस पर वह अनिल से रंजिश रखने लगा। 23 दिसंबर की रात आरोपी रवि ने अपने साथी वंश और सनी उर्फ चन्नी को बुलाया। योजना पहले से तैयार थी। गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी के सुरक्षा गार्ड के कमरे में अनिल पर अचानक चाकू से हमला किया गया।
इससे अनिल की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को अनिल की ही बाइक पर रखा और गांव सुढैल के पास राक्षी नदी के पुल के नीचे फेंक दिया, ताकि मामला हादसा या गिरने से मौत जैसा लगे।
पुलिस ने 25 को शव किया था बरामद
पुलिस को 25 दिसंबर को पुल के नीचे अनिल का शव अज्ञात के रूप में मिला। चूंकि उस दौरान शिनाख्त को लेकर कोई सुराग नहीं था, पुलिस को केवल एक कंपनी का आईकार्ड मिला था। लेकिन उस पर नाम गायब था। इस पर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो उसकी पहचान गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित वर्धमान कंपनी के सुरक्षा गार्ड अनिल कुमार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। तब मृतक के भाई सुनील कुमार की शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। इस तरह तीन घंटे में पुलिस मृतक अनिल के हत्यारोपियों तक पहुंच गई।
शव की शिनाख्त के बाद पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन का पुलिस रिमांड मिला है। मामले में चौथे आरोपी की तलाश जारी है। -अमरेंद्र सिंह, एएसपी, यमुनानगर।