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Yamuna Nagar News: जिले के नौ स्कूल होंगे फिर होंगे अलग, बढ़ाएंगे विद्यार्थियों की संख्या
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जगाधरी। विद्यार्थियों की कम संख्या बता कर सरकार ने कई स्कूल मर्ज कर दिए थे। स्कूल मर्ज करने के साथ ही इनकी संख्या कम कर दी गई। जिसका अध्यापकों, अभिभावकों सहित कई सामाजिक संगठनों ने खूब विरोध किया था। अब सरकार ने मर्ज किए कुछ स्कूलों को फिर से अलगकर पुन: खोलने की नीति बनाई है। जिसके तहत प्रदेश के कुल 43 स्कूल डी-मर्ज किए जाएंगे। इनमें नौ स्कूल यमुनानगर के भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि निदेशालय अब इन स्कूलों को डी-मर्ज करने के लिए नीति लेकर आया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मुखियाओं को स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 20 से कम विद्यार्थियों के होने के कारण सरकार ने साथ लगते स्कूलों में उन्हें मर्ज कर दिया था। वहीं अब सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों के कुल 43 स्कूलों को पुन: एकक इकाई बनाने का निर्णय लिया है। जिसके बाद यह स्कूल फिर से अलग हो जाएंगे। निदेशालय ने इसके लिए सभी स्कूल मुखियाओं को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार मर्जर पॉलिसी बंद नहीं कर रही है, इसलिए मुखियाओं को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
निदेशालय ने इसके लिए पत्र जारी किया है। इन स्कूलों में छठी से आठवीं की कक्षाएं लगाई जाएंगी। डी मर्ज होने वाले स्कूलों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी निदेशालय को देंगे। डी मर्ज के बाद स्टाफ भी स्कूल में भेज दिया जाएगा। निदेशालय इसकी प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उधर सरकार के इस निर्देश के संबंध में शिक्षक महेंद्र सिंह कलेर, खेमलाल सैनी, राजेश कुमार ने कहा कि इससे दूर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को लाभ होगा।
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यह स्कूल होंगे डी मर्ज
गांव मिल्कसुखी का राजकीय माध्यमिक विद्यालय इसी सूची में शामिल है। इस स्कूल में विद्यार्थियाें की मात्र 24 है। जीएमएस चुहड़पुर है और इसमें विद्यार्थियों की संख्या 54 है। जीएमएस हाफिजपुर में कुल 24, जीएमएस शेरपुर में 25, जीएमएस तारूवाला में 21, जीएमएस रतनगढ़ में 26, जीएमएस गधौला में 26, जीएमएस झाड़ चांदना में 22, जीएमएस ठसका खादर में 25 विद्यार्थी हैं। ऐमे में विभाग ने इन स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है।
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वर्जन
स्कूलों में डी मर्ज की प्रक्रिया शुरू
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूल डी मर्ज करने का निर्णय लिया है। जिसे लेकर निदेशालय की ओर से पत्र भेजा गया है। पत्र के बाद स्कूलों में डी मर्ज की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल में पहले ही स्टाफ है केवल बच्चों को शिफ्ट किया जा रहा है। 30 सितंबर तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई है। जिस पर काम शुरू कर दी गई
-पिरथी सैनी, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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उल्लेखनीय है कि निदेशालय अब इन स्कूलों को डी-मर्ज करने के लिए नीति लेकर आया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मुखियाओं को स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 20 से कम विद्यार्थियों के होने के कारण सरकार ने साथ लगते स्कूलों में उन्हें मर्ज कर दिया था। वहीं अब सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों के कुल 43 स्कूलों को पुन: एकक इकाई बनाने का निर्णय लिया है। जिसके बाद यह स्कूल फिर से अलग हो जाएंगे। निदेशालय ने इसके लिए सभी स्कूल मुखियाओं को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार मर्जर पॉलिसी बंद नहीं कर रही है, इसलिए मुखियाओं को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
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निदेशालय ने इसके लिए पत्र जारी किया है। इन स्कूलों में छठी से आठवीं की कक्षाएं लगाई जाएंगी। डी मर्ज होने वाले स्कूलों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी निदेशालय को देंगे। डी मर्ज के बाद स्टाफ भी स्कूल में भेज दिया जाएगा। निदेशालय इसकी प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उधर सरकार के इस निर्देश के संबंध में शिक्षक महेंद्र सिंह कलेर, खेमलाल सैनी, राजेश कुमार ने कहा कि इससे दूर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को लाभ होगा।
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यह स्कूल होंगे डी मर्ज
गांव मिल्कसुखी का राजकीय माध्यमिक विद्यालय इसी सूची में शामिल है। इस स्कूल में विद्यार्थियाें की मात्र 24 है। जीएमएस चुहड़पुर है और इसमें विद्यार्थियों की संख्या 54 है। जीएमएस हाफिजपुर में कुल 24, जीएमएस शेरपुर में 25, जीएमएस तारूवाला में 21, जीएमएस रतनगढ़ में 26, जीएमएस गधौला में 26, जीएमएस झाड़ चांदना में 22, जीएमएस ठसका खादर में 25 विद्यार्थी हैं। ऐमे में विभाग ने इन स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है।
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स्कूलों में डी मर्ज की प्रक्रिया शुरू
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूल डी मर्ज करने का निर्णय लिया है। जिसे लेकर निदेशालय की ओर से पत्र भेजा गया है। पत्र के बाद स्कूलों में डी मर्ज की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल में पहले ही स्टाफ है केवल बच्चों को शिफ्ट किया जा रहा है। 30 सितंबर तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई है। जिस पर काम शुरू कर दी गई
-पिरथी सैनी, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।