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नौनिहालों का होगा सर्वांगीण विकास, आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूलों में किया तब्दील
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जठलाना। आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले नौनिहालों का अब सर्वांगीण विकास होगा। अब उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र में पहले से और बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। दरअसल, राज्य सरकार की योजना के अनुसार जठलाना की कई आंगनबाड़ी केंद्रों को अब प्ले-वे स्कूल में बदल दिया गया है। इन स्कूलों में नौनिहालों को काफी कुछ सीखने के लिए मिलेगा। आंगनबाड़ी में रंग रोगन कर उसमें प्ले-वे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रादौर ब्लॉक के 55 आंगनबाड़ी केंद्रों में जठलाना क्षेत्र की करीब 18 आंगनबाड़ियों को प्ले-वे में तब्दील किया गया है। इन प्ले-वे स्कूलों में बच्चों की योग्यता और रुचियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए सुपरवाइजर व वर्करों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ताकि वर्करों को बच्चों को पढ़ाने में कोई परेशानी न हो।
बाक्स
जठलाना क्षेत्र में बनाए गए प्ले वे स्कूल
जठलाना क्षेत्र की बात करें तो जठलाना, गुमथला, राझेड़ी व नाचरौन के क्रमश: दो-दो केंद्र तथा बरहेड़ी, लालछप्पर, मंधार, एमटी करहेड़ा, बरसान, कंडरोली, करतारपुर, पालेवाला आदि गांव की एक-एक आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूलों में बदला गया है। इन स्कूलों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पेंटिंग सहित अन्य प्रकार की टीएलएम व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।
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तीन से छह साल तक बच्चे को प्रदान की जाएगी शिक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग रादौर की सीडीपीओ कुसुम लता ने बताया कि आंगनबाड़ी को तब्दील कर बनाए गए इन प्ले वे स्कूलों में 3 से 6 साल तक के बच्चों को पूर्व स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर यह प्ले वे स्कूल तैयार किये गए हैं। उन्होंने बताया कि प्ले वे स्कूल में बच्चें को रस्सी कूदना, हल्का व्यायाम आदि कई प्रकार की गतिविधियां करवाई जाएंगी। इन सबके लिए आंगनबाड़ी वर्करों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 15 ऐसी आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनके प्ले वे स्कूल के लिए शिक्षा विभाग से जगह नहीं मिल पा रही। जिसके बारे में विभाग को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है उनके लिए भी जगह मिल जाएगी।
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रादौर ब्लॉक के 55 आंगनबाड़ी केंद्रों में जठलाना क्षेत्र की करीब 18 आंगनबाड़ियों को प्ले-वे में तब्दील किया गया है। इन प्ले-वे स्कूलों में बच्चों की योग्यता और रुचियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए सुपरवाइजर व वर्करों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ताकि वर्करों को बच्चों को पढ़ाने में कोई परेशानी न हो।
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जठलाना क्षेत्र में बनाए गए प्ले वे स्कूल
जठलाना क्षेत्र की बात करें तो जठलाना, गुमथला, राझेड़ी व नाचरौन के क्रमश: दो-दो केंद्र तथा बरहेड़ी, लालछप्पर, मंधार, एमटी करहेड़ा, बरसान, कंडरोली, करतारपुर, पालेवाला आदि गांव की एक-एक आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-वे स्कूलों में बदला गया है। इन स्कूलों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पेंटिंग सहित अन्य प्रकार की टीएलएम व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।
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तीन से छह साल तक बच्चे को प्रदान की जाएगी शिक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग रादौर की सीडीपीओ कुसुम लता ने बताया कि आंगनबाड़ी को तब्दील कर बनाए गए इन प्ले वे स्कूलों में 3 से 6 साल तक के बच्चों को पूर्व स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर यह प्ले वे स्कूल तैयार किये गए हैं। उन्होंने बताया कि प्ले वे स्कूल में बच्चें को रस्सी कूदना, हल्का व्यायाम आदि कई प्रकार की गतिविधियां करवाई जाएंगी। इन सबके लिए आंगनबाड़ी वर्करों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 15 ऐसी आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनके प्ले वे स्कूल के लिए शिक्षा विभाग से जगह नहीं मिल पा रही। जिसके बारे में विभाग को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है उनके लिए भी जगह मिल जाएगी।