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Yamuna Nagar News: आईडीटीआर की जमीन से कब्जे हटाने पर फंसा पेंच

Sun, 08 Sep 2024 03:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 08 Sep 2024 03:27 AM IST
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There is a problem in removing the encroachment from IDTR's land
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। औरंगाबाद में ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर) की जमीन पर हुए कब्जों को हटाने के लिए जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखा गया था। नगर निगम के अधिकारियों ने जमीन से कब्जे हटाने पर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का तर्क है कि जब यह आईडीटीआर की जमीन अब रिकॉर्ड में परिवहन विभाग की है। इस पर जमीन से अवैध कब्जे हटवाने की सारी जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है।
ऐसे में आईडीटीआर का निर्माण भी लटकता दिख रह रहा है। दरअसल वर्ष 2022 में आईडीटीआर निर्माण के लिए परिवहन विभाग ने रादौर रोड स्थित औरंगाबाद में नगर निगम से करीब 10 करोड़ रुपये में साढ़े नौ एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन मिलने के बाद इसमें ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के भवन का निर्माण जल्द होने की उम्मीद जगी थी।
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जब इसे खरीदा गया तो जमीन पर पहले से ही काफी लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे थे। जमीन की रजिस्ट्री अब परिवहन विभाग के नाम हो चुकी है। जब तक जमीन से अवैध कब्जे नहीं हटेंगे तब तक यहां आईडीटीआर का निर्माण भी नहीं हो सकेगा। जमीन खरीदने के बाद परिवहन विभाग ने जब इसकी निशानदेही कराई थी तब भी आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया था।
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निशानदेही के पिलर भी लोगों ने उखाड़ फेंके थे। यह मामला कई बार रोड सेफ्टी की बैठक में डीसी के सामने भी उठा। जिसमें परिवहन विभाग के अधिकारियों ने डीसी को बताया था कि जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखा हुआ है।
नगर निगम के आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि पूरी पेमेंट करने के बाद ही जमीन की परिवहन विभाग ने रजिस्ट्री कराई है।परिवहन विभाग के अधिकारी पहले अवैध कब्जे हटाने को कहते तो निगम जमीन खाली करवा कर देता। अब यह जमीन परिवहन विभाग की है। इसलिए उन्हें खुद ही कब्जे हटवाने होंगे। वह इस बारे में डीटीओ व परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों को भी पत्र लिख कर अवगत कराएंगे।


आईडीटीआर बनने पर हैवी लाइसेंस का प्रशिक्षण ले सकेंगे चालक
आईडीटीआर के भवन निर्माण पर 30 से 40 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। भवन बनने के बाद आईडीटीआर में लोगों को हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। टेस्टिंग ट्रैक पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने लिए इस केंद्र में एक ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी बनेगा। टेस्ट ट्रैक के अलावा आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण और कंप्यूटरीकृत प्रणाली से युक्त क्लास रूम, वर्कशॉप, इंजन रूम, इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्प्ले रूम बनाए जाएंगे। यहां से प्रशिक्षित चालकों का लाइसेंस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगा। कहीं का भी चालक इसमें प्रशिक्षण ले सकता है। यहां ट्रक, बस जैसे यात्री व माल वाहक वाहनों के साथ ही क्रेन, पोकलेन, जेसीबी, बुलडोजर चलाने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
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