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श्रीकृष्ण की लीलाओं से सृष्टि का संचालन : प्रिया किशोरी

Sun, 15 Dec 2024 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 15 Dec 2024 12:08 AM IST
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The world is governed by the divine acts of Lord Krishna: Priya Kishori
संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। श्री श्याम गोशाला में जारी श्रीमद्भागवत कथा के शनिवार को संपन्न होने पर व्यास पूजा करके कथा को विश्राम दिया गया। कथा व्यास मथुरा की आनंदमूर्ति प्रिया किशोरी भारद्वाज ने श्रीकृष्ण के 16108 विवाह, सुदामा चरित्र व परीक्षित मोह के प्रसंगों पर आधारित प्रवचन किए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला अपरंपार है। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन मात्र से सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं उनकी लीलाओं का अंत नहीं है। अनंत काल से भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीलाओं के जरिए सृष्टि का संचालन कर रहे हैं। सनातन शास्त्रों में भगवान की लीलाओं का वर्णन है।
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इसमें एक लीला नरकासुर वध का है। असुर नरकासुर के चलते भगवान श्रीकृष्ण को 16108 नारियों संग विवाह करना पड़ा था। कथावाचक ने कहा कि भगवान के लिए कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। उन्हें समर्पित भाव और निर्मल मन से की गई भक्ति प्रिय है। कृष्ण ने सुदामा की मित्रता को निभाकर भगवान ने अपने दीनदयालु नाम को सार्थक किया।
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भक्त को सुदामा की भांति भक्ति करनी चाहिए क्योंकि संत सुदामा ही इतिहास में भगवान के परम भक्त पाए गए है जो भगवान श्री कृष्ण के मित्र भी है और वह द्वारकाधीश को भगवान के रूप में भी देखते है। मित्रवत और भक्तवत व्यवहार संत सुदामा आत्मीयता के साथ निभाते हैं। एक सप्ताह से चल रहीं कथा का समापन राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा से हुआ।
कथा व्यास ने परीक्षित की कथा के साथ कहा कि मनुष्य जीवन में संगति का बड़ा महत्व है। जीवन किस दिशा में जाएगा यह संगति पर ही निर्भर करता है। हमेशा अच्छे, संस्कारी और आध्यात्मिक जनों की संगत में रहना चाहिए। इसके बाद उन्होंने परीक्षित जन्म का वर्णन किया और बताया कि किस वजह से उन्हें अकाल मृत्यु का श्राप मिला था।

उन्होंने कहा कि भागवत के प्रभाव से ही परीक्षित को मुक्ति मिली थी। कहा कि श्राद्ध पक्ष में भागवत के पढ़ने और सुनने से पितरों को शांति प्राप्त होती है। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन किया गया। इस दौरान विहिप भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन के प्रांत प्रमुख महंत शोभा दास, अमित सेतिया, शिवकुमार कौशिक, रामकुमार निजामपुर, सोनू पंवार मौजूद रहे।
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