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Yamuna Nagar News: नाहरपुर की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
Tue, 28 Apr 2026 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:07 AM IST
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कपड़ों की दुकान पर मौजूद अनुराधा। स्वयं
संवाद न्यूज एजेेंसी
यमुनानगर। कभी गृहिणी तक सीमित रहने वाली नाहरपुर गांव की महिलाओं ने आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख दी है। वर्ष 2017 में गठित श्याम स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दस महिलाओं ने संगठित होकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि परिवारों का सहारा भी बनी हैं। समूह प्रधान रचना आनंद, सचिव हरशरण कौर और खजांची सीमा आनंद के नेतृत्व में महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार चला रही हैं।
समूह में शामिल महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं। रचना आनंद ने डेयरी फार्मिंग कर रखी है, जिसमें 13 पशु हैं, जिनमें दो गोवंश शामिल हैं। वह प्रतिदिन करीब 70 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा रचना आनंद ने देसी घी भी घर से सप्लाई करती है, इसके अलावा उनके पास हल्दीराम की एजेंसी भी ले रखी है। सीमा आनंद ने पांच हजार मुर्गियों के साथ पोल्ट्री फार्म स्थापित किया है। हरशरण कौर कॉमन सर्विस सेंटर और बिजली उपकरणों संबंधित कार्य कर रही है।
वीना रानी खाद का काम संभाल रही हैं, जबकि एक अन्य वीना रानी खेतीबाड़ी कर रही हैं, जो अपनी जमीन के साथ ठेके पर भी खेती कर रही हैं। अनुराधा सिलाई-कढ़ाई से आय कर रही हैं। कमलदीप कौर ने कपड़ों की दुकान, मनीषा ने करियाना स्टोर और गुरप्रीत कौर ने इनवर्टर व सोलर पैनल का व्यवसाय शुरू किया है।
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समूह की महिलाएं महीने चार बार हर बुधवार को बैठक करती हैं, जिसमें वे योजनाओं, बचत और नए कार्यों पर चर्चा करती हैं। महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। परिवार के सदस्य भी उनके हौसले को बढ़ावा दे रहे हैं। यह समूह नई लहर महिला क्लस्टर फेडरेशन के अंतर्गत कार्यरत है और ओम महिला ग्राम संगठन से जुड़ा हुआ है।
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यमुनानगर। कभी गृहिणी तक सीमित रहने वाली नाहरपुर गांव की महिलाओं ने आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख दी है। वर्ष 2017 में गठित श्याम स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दस महिलाओं ने संगठित होकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि परिवारों का सहारा भी बनी हैं। समूह प्रधान रचना आनंद, सचिव हरशरण कौर और खजांची सीमा आनंद के नेतृत्व में महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार चला रही हैं।
समूह में शामिल महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं। रचना आनंद ने डेयरी फार्मिंग कर रखी है, जिसमें 13 पशु हैं, जिनमें दो गोवंश शामिल हैं। वह प्रतिदिन करीब 70 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा रचना आनंद ने देसी घी भी घर से सप्लाई करती है, इसके अलावा उनके पास हल्दीराम की एजेंसी भी ले रखी है। सीमा आनंद ने पांच हजार मुर्गियों के साथ पोल्ट्री फार्म स्थापित किया है। हरशरण कौर कॉमन सर्विस सेंटर और बिजली उपकरणों संबंधित कार्य कर रही है।
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वीना रानी खाद का काम संभाल रही हैं, जबकि एक अन्य वीना रानी खेतीबाड़ी कर रही हैं, जो अपनी जमीन के साथ ठेके पर भी खेती कर रही हैं। अनुराधा सिलाई-कढ़ाई से आय कर रही हैं। कमलदीप कौर ने कपड़ों की दुकान, मनीषा ने करियाना स्टोर और गुरप्रीत कौर ने इनवर्टर व सोलर पैनल का व्यवसाय शुरू किया है।
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समूह की महिलाएं महीने चार बार हर बुधवार को बैठक करती हैं, जिसमें वे योजनाओं, बचत और नए कार्यों पर चर्चा करती हैं। महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं। परिवार के सदस्य भी उनके हौसले को बढ़ावा दे रहे हैं। यह समूह नई लहर महिला क्लस्टर फेडरेशन के अंतर्गत कार्यरत है और ओम महिला ग्राम संगठन से जुड़ा हुआ है।

कपड़ों की दुकान पर मौजूद अनुराधा। स्वयं

कपड़ों की दुकान पर मौजूद अनुराधा। स्वयं