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Yamuna Nagar News: स्वागत द्वार चार साल में भी नहीं हो सके तैयार
Fri, 26 Jul 2024 05:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 26 Jul 2024 05:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम की सीमाओं पर स्वागत द्वार बनाने की परियोजना चार साल से अधर में है। इसके लिए तैयार डिजाइन व बजट मंजूरी के साथ ई-निविदा प्रक्रिया तो हुई पर स्वागत द्वार नहीं बन पाए हैं। हालात यह हैं कि चार में से एक स्वागत द्वार के लिए पांसरा समीप काम शुरू हुआ। यहां भी पिलर बनाकर छोड़ दिए गए। तीन अन्य का तो निर्माण शुरू ही नहीं हुआ।
वर्ष-2019 में नगर निगम की सदन बैठक में रादौर-यमुनानगर मार्ग पर दामला व पांसरा और जगाधरी-पांवटा मार्ग पर कैल व मानकपुर समीप स्वागत द्वार बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह महर्षि वाल्मीकि, गुरु रविदास, गुरु गोबिंद सिंह व यमुना मईया के नाम से प्रस्तावित हैं। इन स्वागत द्वार के तैयार डिजाइन व बजट मंजूरी के बाद ई-निविदा प्रक्रिया बाद भी चार में से एक ही स्वागत द्वार का पांसरा समीप काम शुरू हुआ। यहां भी दोनों ओर पिलर बनाने के बाद निर्माण रुक गया। ऐसे ही अन्य तीन जगह स्वागत द्वार का काम कई अड़चनों के चलते नहीं लग पाया।
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि भी इतने साल बाद भी परियोजना अधर में है, जिसके लिए नगर निगम अफसर जिम्मेदार हैं। परियोजना तैयार करते समय ही सभी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए थीं, पर ऐसा नहीं हुआ। सदन में प्रस्ताव पास होने से डिजाइन तैयार करने व बजट मंजूरी और ई-निविदा के बाद औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं। यही वजह हैं कि काम अधूरा है।
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राजधानी दिल्ली की तर्ज पर होगा निर्माण
निगम की चारों सीमाओं पर बनने वाले स्वागत द्वार के लिए तैयार डिजाइन हूबहू देश की राजधानी दिल्ली में बने स्वागत द्वार जैसा है। इसके मुताबिक यह 100 फीट चौड़े होंगे। दो साइड पिलर होंगे, जिनमें पैदल निकलने के लिए अलग से साढ़े तीन-साढ़े तीन फीट चौड़ी जगह होगी। स्वागत द्वार का सेंटर लाइन पिलर सड़क के बीच में कनेक्ट करेगा। इससे ट्रैफिक डिवाइड होगा। हर स्वागत द्वार के निर्माण पर 50 लाख खर्च का अनुमान है। इसके अलावा स्वागत द्वार की साइट पर सड़कें संकरी हैं तो उन्हें चौड़ा करने पर अतिरिक्त खर्च है।
काम किस कारण पूरा नहीं हुआ, इस बारे में संबंधित अफसरों से रिपोर्ट लेंगे। नियमानुसार जो कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाएंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। नगर निगम की सीमाओं पर स्वागत द्वार बनाने की परियोजना चार साल से अधर में है। इसके लिए तैयार डिजाइन व बजट मंजूरी के साथ ई-निविदा प्रक्रिया तो हुई पर स्वागत द्वार नहीं बन पाए हैं। हालात यह हैं कि चार में से एक स्वागत द्वार के लिए पांसरा समीप काम शुरू हुआ। यहां भी पिलर बनाकर छोड़ दिए गए। तीन अन्य का तो निर्माण शुरू ही नहीं हुआ।
वर्ष-2019 में नगर निगम की सदन बैठक में रादौर-यमुनानगर मार्ग पर दामला व पांसरा और जगाधरी-पांवटा मार्ग पर कैल व मानकपुर समीप स्वागत द्वार बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह महर्षि वाल्मीकि, गुरु रविदास, गुरु गोबिंद सिंह व यमुना मईया के नाम से प्रस्तावित हैं। इन स्वागत द्वार के तैयार डिजाइन व बजट मंजूरी के बाद ई-निविदा प्रक्रिया बाद भी चार में से एक ही स्वागत द्वार का पांसरा समीप काम शुरू हुआ। यहां भी दोनों ओर पिलर बनाने के बाद निर्माण रुक गया। ऐसे ही अन्य तीन जगह स्वागत द्वार का काम कई अड़चनों के चलते नहीं लग पाया।
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निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि भी इतने साल बाद भी परियोजना अधर में है, जिसके लिए नगर निगम अफसर जिम्मेदार हैं। परियोजना तैयार करते समय ही सभी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए थीं, पर ऐसा नहीं हुआ। सदन में प्रस्ताव पास होने से डिजाइन तैयार करने व बजट मंजूरी और ई-निविदा के बाद औपचारिकताएं पूरी हो रही हैं। यही वजह हैं कि काम अधूरा है।
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राजधानी दिल्ली की तर्ज पर होगा निर्माण
निगम की चारों सीमाओं पर बनने वाले स्वागत द्वार के लिए तैयार डिजाइन हूबहू देश की राजधानी दिल्ली में बने स्वागत द्वार जैसा है। इसके मुताबिक यह 100 फीट चौड़े होंगे। दो साइड पिलर होंगे, जिनमें पैदल निकलने के लिए अलग से साढ़े तीन-साढ़े तीन फीट चौड़ी जगह होगी। स्वागत द्वार का सेंटर लाइन पिलर सड़क के बीच में कनेक्ट करेगा। इससे ट्रैफिक डिवाइड होगा। हर स्वागत द्वार के निर्माण पर 50 लाख खर्च का अनुमान है। इसके अलावा स्वागत द्वार की साइट पर सड़कें संकरी हैं तो उन्हें चौड़ा करने पर अतिरिक्त खर्च है।
काम किस कारण पूरा नहीं हुआ, इस बारे में संबंधित अफसरों से रिपोर्ट लेंगे। नियमानुसार जो कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाएंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।