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Yamuna Nagar News: आचार संहिता लगते ही हड़ताल स्थगित
Sun, 18 Aug 2024 04:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही लगी आचार संहिता के साथ ही एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को स्थगित कर दिया। 26 जुलाई से कर्मचारी मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे। शनिवार को कोई भी कर्मचारी धरने पर नहीं पहुंचा।
आचार संहिता के कारण अब कर्मचारियों की कोई भी मांग पूरी नहीं हो सकती इसलिए कर्मचारियों ने धरने से उठना ही मुनासिब समझा। शनिवार व रविवार को छुट्टी थी। इसलिए कर्मचारी अब सोमवार को अपने-अपने काम पर लौटेंगे। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा था।
हड़ताल करने वालों में डॉक्टरों के अलावा अन्य स्टाफ भी शामिल था। यहां तक की एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर भी काम छोड़ कर हड़ताल पर चले गए थे। इसलिए एंबुलेंस को चलाने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम तथा डेलीवेज पर रखे गए कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ रही थी। वहीं प्रशासनिक कार्य भी हडताल की वजह से प्रभावित हो रहे थे।
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कर्मचारी रोजाना धरने पर बैठते और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी। इसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लग गई है। आचार संहिता में कोई भी मांग पूरी नहीं की जा सकती इसलिए कर्मचारियों को अपनी हड़ताल स्थगित करनी पड़ी।
एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा के प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि आचार संहिता के कारण उन्हें अपनी हड़ताल स्थगित करनी पड़ी है। चुनावों के बाद फिर से अपनी मांगों को नई सरकार के समक्ष रखा जाएगा। यदि मांगे पूरी नहीं होती तो हड़ताल फिर से की जाएगी।
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यमुनानगर। विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही लगी आचार संहिता के साथ ही एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को स्थगित कर दिया। 26 जुलाई से कर्मचारी मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे। शनिवार को कोई भी कर्मचारी धरने पर नहीं पहुंचा।
आचार संहिता के कारण अब कर्मचारियों की कोई भी मांग पूरी नहीं हो सकती इसलिए कर्मचारियों ने धरने से उठना ही मुनासिब समझा। शनिवार व रविवार को छुट्टी थी। इसलिए कर्मचारी अब सोमवार को अपने-अपने काम पर लौटेंगे। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा था।
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हड़ताल करने वालों में डॉक्टरों के अलावा अन्य स्टाफ भी शामिल था। यहां तक की एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर भी काम छोड़ कर हड़ताल पर चले गए थे। इसलिए एंबुलेंस को चलाने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम तथा डेलीवेज पर रखे गए कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ रही थी। वहीं प्रशासनिक कार्य भी हडताल की वजह से प्रभावित हो रहे थे।
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कर्मचारी रोजाना धरने पर बैठते और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा की थी। इसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लग गई है। आचार संहिता में कोई भी मांग पूरी नहीं की जा सकती इसलिए कर्मचारियों को अपनी हड़ताल स्थगित करनी पड़ी।
एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा के प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि आचार संहिता के कारण उन्हें अपनी हड़ताल स्थगित करनी पड़ी है। चुनावों के बाद फिर से अपनी मांगों को नई सरकार के समक्ष रखा जाएगा। यदि मांगे पूरी नहीं होती तो हड़ताल फिर से की जाएगी।