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Yamuna Nagar News: नाचरौन गांव में राम-सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग किया जीवंत
Fri, 16 Oct 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:57 PM IST
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नाचरौन गांव में रामलीला में मंचन करते कलाकार। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। नाचरौन गांव में ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला में वीरवार की रात रामलीला में बाली वध, राम-सुग्रीव की मित्रता के प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने पात्रों को जीवंत करते हुए रामायण का महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए।
मंचन में दिखाया गया कि माता सीता की तलाश में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण वन-वन भटक रहे हैं। इसी दौरान अपने भाई बाली के अत्याचारों से परेशान सुग्रीव दोनों भाइयों को देखकर आशंकित हो जाता है। वह हनुमान को उनका परिचय जानने के लिए भेजता है। हनुमान वेश बदलकर श्रीराम और लक्ष्मण के पास पहुंचते हैं और उनसे बातचीत कर पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं। इसके बाद वह दोनों को अपने कंधों पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले जाते हैं।
सुग्रीव और श्रीराम की मुलाकात के बाद दोनों के बीच मित्रता होती है। दोनों एक-दूसरे को अपनी समस्याएं बताते हैं और संकट के समय साथ देने का वचन देते हैं। इसके बाद श्रीराम सुग्रीव को बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं। सुग्रीव के चुनौती देने पर बाली युद्ध करने पहुंचता है।
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इसी दौरान श्रीराम बाण चलाकर बाली का वध कर देते हैं। बाली के वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने मित्रता, वचन निभाने और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया। इस अवसर पर क्लब प्रधान डॉ. लाभ सिंह, राहुल पुंडीर, दीपक शर्मा, जियांशु, उज्ज्वल, धर्मबीर राणा, चंद्रपाल कोच, यशपाल राणा, प्रदीप राणा, रूपेंद्र, राजपाल और सोमपाल कश्यप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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रादौर। नाचरौन गांव में ग्रामीण रामा ड्रामेटिक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला में वीरवार की रात रामलीला में बाली वध, राम-सुग्रीव की मित्रता के प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने पात्रों को जीवंत करते हुए रामायण का महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए।
मंचन में दिखाया गया कि माता सीता की तलाश में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण वन-वन भटक रहे हैं। इसी दौरान अपने भाई बाली के अत्याचारों से परेशान सुग्रीव दोनों भाइयों को देखकर आशंकित हो जाता है। वह हनुमान को उनका परिचय जानने के लिए भेजता है। हनुमान वेश बदलकर श्रीराम और लक्ष्मण के पास पहुंचते हैं और उनसे बातचीत कर पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं। इसके बाद वह दोनों को अपने कंधों पर बैठाकर सुग्रीव के पास ले जाते हैं।
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सुग्रीव और श्रीराम की मुलाकात के बाद दोनों के बीच मित्रता होती है। दोनों एक-दूसरे को अपनी समस्याएं बताते हैं और संकट के समय साथ देने का वचन देते हैं। इसके बाद श्रीराम सुग्रीव को बाली को युद्ध के लिए ललकारते हैं। सुग्रीव के चुनौती देने पर बाली युद्ध करने पहुंचता है।
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इसी दौरान श्रीराम बाण चलाकर बाली का वध कर देते हैं। बाली के वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने मित्रता, वचन निभाने और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया। इस अवसर पर क्लब प्रधान डॉ. लाभ सिंह, राहुल पुंडीर, दीपक शर्मा, जियांशु, उज्ज्वल, धर्मबीर राणा, चंद्रपाल कोच, यशपाल राणा, प्रदीप राणा, रूपेंद्र, राजपाल और सोमपाल कश्यप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।