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Yamuna Nagar News: पांच दिन से स्कूल पर लगा ताला, पढ़ाई ठप
Sun, 18 Aug 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर (यमुनानगर)। नगली-32 गांव के राजकीय स्कूल में पांच दिन से ग्रामीणों का ताला लटका है। ग्रामीणों की मांग थी कि या तो विभाग शिक्षक भेजे या स्कूल ही बंद कर दें। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने शनिवार को स्कूल में एक शिक्षक भेजा, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल में चार शिक्षक नहीं आएंगे तब तक वह स्कूल गेट का ताला नहीं खोलेंगे। स्कूल पर लगातार ताला जड़ा होने से इसमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि या तो स्कूल में शिक्षक आएंगे या फिर इसे बंद किया जाएगा।
पांच दिन पहले नगली-32 के ग्रामीणों ने गांव में बने प्राथमिक व मिडल दोनों स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते ताला जड़ दिया था। स्कूल में ताला जड़ने की सूचना जिला अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने गांव में एक शिक्षक भेजा था। ग्रामीणों ने शिक्षक को वापस भेज ताला खोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर चार शिक्षक स्कूल भेजे जाएंगे तभी स्कूल का ताला खोला जाएगा।
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ग्रामीण इसरान, अली अहमद चिट्टा ने कहा कि गांव के प्राइमरी स्कूल में 185 और माध्यमिक स्कूल में 204 बच्चे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षा विभाग के नियमानुसार 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए। इस हिसाब से स्कूल में चार शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए होने चाहिए। विभाग एक शिक्षक भेज कर खानापूर्ति करने का काम कर रहा है जो कि बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक चार शिक्षक नहीं आते स्कूल का ताला नहीं खुलेगा।
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बिलासपुर (यमुनानगर)। नगली-32 गांव के राजकीय स्कूल में पांच दिन से ग्रामीणों का ताला लटका है। ग्रामीणों की मांग थी कि या तो विभाग शिक्षक भेजे या स्कूल ही बंद कर दें। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने शनिवार को स्कूल में एक शिक्षक भेजा, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल में चार शिक्षक नहीं आएंगे तब तक वह स्कूल गेट का ताला नहीं खोलेंगे। स्कूल पर लगातार ताला जड़ा होने से इसमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि या तो स्कूल में शिक्षक आएंगे या फिर इसे बंद किया जाएगा।
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पांच दिन पहले नगली-32 के ग्रामीणों ने गांव में बने प्राथमिक व मिडल दोनों स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते ताला जड़ दिया था। स्कूल में ताला जड़ने की सूचना जिला अधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने गांव में एक शिक्षक भेजा था। ग्रामीणों ने शिक्षक को वापस भेज ताला खोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर चार शिक्षक स्कूल भेजे जाएंगे तभी स्कूल का ताला खोला जाएगा।
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ग्रामीण इसरान, अली अहमद चिट्टा ने कहा कि गांव के प्राइमरी स्कूल में 185 और माध्यमिक स्कूल में 204 बच्चे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षा विभाग के नियमानुसार 40 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए। इस हिसाब से स्कूल में चार शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए होने चाहिए। विभाग एक शिक्षक भेज कर खानापूर्ति करने का काम कर रहा है जो कि बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक चार शिक्षक नहीं आते स्कूल का ताला नहीं खुलेगा।