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Yamuna Nagar News: बारिश थमी पर बर्बादी के निशान रह गए बाकी

Fri, 05 Sep 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 05 Sep 2025 01:23 AM IST
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The rain stopped but the signs of destruction remained
भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। यमुना नदी का जलस्तर पहले से थोड़ा कम हुआ है। पानी अभी मिनी फ्लड के लेवल से ऊपर है, इसलिए हथिनीकुंड बैराज से सभी 18 गेट खाेले गए हैं। पानी कम होने के बावजूद टापू कमालपुर के लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। पहले की तरह कटाव जारी है। तीन दिन में कटाव 40 से 50 फीट तक तक गांव की तरफ हो चुका है।
बुधवार शाम छह बजे बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 174422 क्यूसेक था जो वीरवार शाम पांच बजे 137416 क्यूसेक रह गया। उधर टापू कमालपुर गांव के लोग प्रशासन को कोस रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से किए जा रहे काम में ढिलाई बरती जा रही है। शाम को अंधेरा होते ही अधिकारी व कर्मचारी चले जाते हैं।
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दो साल पहले जब कटाव हुआ था तो प्रशासन ने रात को लाइटें लगवा कर सारी रात बाढ़ बचाव कार्य करवाया था। हर साल बाढ़ बचाव राहत कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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इसके बावजूद ग्रामीणों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ रहा है। इस साल के लिए 33 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, इनमें से कई कार्य तो समय पर पूरे ही नहीं हो पाए। कई काम देरी से शुरू किए गए। बाढ़ के पानी से टापू कमालपुर के अलावा लापरा, उन्हेड़ी, संधाला व गुमथला में कटाव से नुकसान हुआ है। उधर बुधवार रात एक बजे यमुना का जलस्तर 167656 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वीरवार दोपहर तक यह घट कर 135702 क्यूसेक रह गया।
200 स्कूल बंद रहने से पढ़ाई प्रभावित

बाढ़ का पानी आने से यमुना नदी क्षेत्र से लगते 200 स्कूल वीरवार को भी बंद रहे। स्कूलों के बंद रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छह सितंबर से विद्यार्थियों की टर्म वन परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। राहत की बात यह रही कि वीरवार को मौसम साफ रहा। धूप निकली। ऐसे में मौसम साफ रहता है तो शुक्रवार को स्कूल खुलने की संभावना है।
पोर्टल पर 3850 एकड़ फसल का पंजीकरण

बाढ़ व बारिश की वजह से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है उनके लिए प्रदेश सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोला है। इस पोर्टल पर किसान 10 सितंबर तक अपने फसल के नुकसान का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। अभी तक पोर्टल पर 3850 एकड़ से अधिक भूमि का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। बिना पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराए किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

अधिकारी गुमराह करते रहे : विकास राणा

टापू कमालपुर गांव के विकास राणा ने बताया कि गांव की आज जो यह हालत हुई है यह प्रशासन की नाकामी की वजह से है। अधिकारी लोगों को गुमराह करते रहे कि यमुना किनारे गांव में जो तटबंध बनाया गया है वह पर्याप्त है। उस समय ग्रामीणों की बात मान ली होती तो कटाव होने से बच जाता।
मजदूरों की संख्या काफी कम : सुभाष

गांव के सुभाष राणा ने बताया कि दो साल पहले भी गांव में इसी तरह यमुना नदी से कटाव हुआ था। तब प्रशासन ने सारी रात लाइट लगाकर मजदूरों से काम करवाया था। इस बार तो शाम होते ही अधिकारी व कर्मचारी गांव से चले जाते हैं। मजदूरों की संख्या काफी कम है।
अप्रैल में होने चाहिए काम : जब्बार

गांव के जब्बार ने बताया कि प्रशासन समय रहते बाढ़ बचाव कार्य नहीं करवाता। जब बारिश होती है तब काम शुरू किए जाते हैं। बाढ़ बचाव का कार्य है अप्रैल तक पूरा हो जाना चाहिए। ताकि शुरुआत में आए पानी से पता चल जाए कि जो इंतजाम किए गए हैं वह पर्याप्त हैं या नहीं।

लोगों की नहीं सुनते अधिकारी : अजैब

गांव के अजैब सिंह ने बताया कि कटाव को रोकने के लिए पर्याप्त तटबंध नहीं लगाए गए। जब काम शुरू हुआ था तब ग्रामीणों ने कहा था कि तटबंध को आगे तक बनाया जाए, लेकिन उस वक्त किसी ने नहीं सुनी। जो लोग गांव में रहते हैं उन्हें पता होता है कि समस्या कहां पर है।

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

भूमि कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे भरते मजदूर। संवाद

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