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Yamuna Nagar News: बारिश आई, तबाही लाई
Thu, 04 Sep 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:49 AM IST
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यमुना का रौद्र रूप...कलानौर के पास पड़ने वाले गांव टापू कमालपुर में यमुना पहाड़ों पर हो रही
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में तीन दिन से हो रही बारिश लोगों के लिए तबाही का कारण बन गई है। मंगलवार को रात को शुरू हुई बारिश बुधवार को सुबह तक जारी रही। दोपहर तक थोड़ी देर के लिए धूप निकली इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। लगातार हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं और शहर में कई जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं बैंडी गांव में घर की छत के मलबे में नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी व तीन बच्चे घायल हो गए। इसके अलावा साढौरा में कालाआम रोड पर पोल्ट्री फार्म की दीवार और व्यासपुर व सारण में दो मकानों की कच्ची छत ढह गई। जिले में बुधवार सुबह तक औसतन 51 एमएम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा रादौर में 102 एमएम दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने वीरवार व शुक्रवार को भी बारिश होने की संभावना जताई है।
जानकारी के अनुसार यमुना का जलस्तर दो लाख क्यूसेक से कम है पर पानी के तेज बहाव होने से भूमि कटाव जारी है। यमुना नदी से सटे गांव टापू कमालपुर में सबसे ज्यादा भूमि कटाव हो रहा है। हालांकि प्रशासन की तरफ से कटाव को रोकने के लिए कट्टों में मिट्टी भरकर लगाई गई, लेकिन पानी के बहाव में वह टिक नहीं पाए। ऐसे में किसानों ने खुद उतर कर पहले तो किनारों पर पाॅपुलर के बड़े पेड़ नदी के तल तक घुसाए, उसके बाद लकड़ियों का जाल बनाकर भूमि कटाव को रोका। इससे तेज से हो रहा भूमि कटाव तो कुछ कम हुआ, लेकिन गांव की तरफ बढ़ती यमुना को देख ग्रामीण काफी चिंतित हैं। उधर, कलेसर में भी भूमि कटाव हो रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण 150 एकड़ से अधिक भूमि यमुना में समा चुकी है।
टापू कमालपुर गांव के ग्रामीण दे रहे पहरा
हालांकि टापू कमालपुर गांव के अंदर अभी तक यमुना नदी का पानी नहीं घुसा है, लेकिन गांव से डेढ़ एकड़ नजदीक से बह रही यमुना का ग्रामीण रात को अब पहरा देने लगे हैं। उन्हें चिंता कहीं रात के समय यमुना नदी का पानी उनके घरों की तरफ रुख न कर ले। बात करें तो यमुना के बहाव में 500 से अधिक पॉपुलर के पेड़ बलि चढ़ चुके हैं। ऐसे में किसानो को काफी नुकसान हो चुका है। उधर, 9.70 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी के किनारे पर लगाए 13 बांध भी नहीं टिक पाए। वह भी बह चुके हैं, इसी वजह से भूमि कटाव हुआ है।-- -- -- --
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जिले में 3500 एकड़ भूमि प्रभावित
उधर, डीसी पार्थ गुप्ता ने हथिनी कुंड बैराज सहित कलेसर व टापू कमालपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक विभिन्न गांवों के किसानों द्वारा बाढ़ से प्रभावित हुई 3500 एकड़ भूमि का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जहां-जहां पर यमुना नदी की बाढ़ के कारण नुकसान हो रहा है वहां पर मिट्टी के बैग लगाने का काम शुरू किया गया है। प्रशासन पूरी तरह से सचेत है। कर्मचारी ग्रामीणों की टच में हैं। दिन-रात चौकसी बढ़ती जा रही है। लोगों को यमुना नदी की ओर जाने से मना किया गया है।-- -- -- -- --
प्रतापनगर व छछरौली में एसडीआरएफ तैनात
वहीं, एसपी कमलजीत सिंह ने बताया कि जिला में एसडीआरएफ की टुकड़ी तैनात की गई है। 15-15 कर्मचारी प्रतापनगर व छछरौली में तैनात किए गए हैं। कंट्रोल रूम व पुलिस कर्मचारियों को ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
जिले में औसतन 51 एमएम हुई बारिश, सबसे ज्यादा रादौर में 102 एमएम
यमुनानगरव्यासपुर। जिले में मंगलवार रात थोड़ी देर के लिए बारिश बंद हुई तो तेज हवा चलने लगी। तेज हवा को देख कर किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि हवाओं से फसल के जमीन पर बिछने का खतरा रहता है। हवा थोड़ी देर चलने के बाद बंद हो गई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। इसके बाद रातभर बारिश होती रही। सुबह के समय बारिश इतनी ज्यादा थी कि विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पाए। जो गए वह भीगते हुए स्कूल पहुंचे, इससे उनकी वर्दी व बैग पानी में भीग गए। बारिश की वजह से सड़कों किनारे जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर सुबह तक जाम की स्थिति रही। वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखे। व्यासपुर में जगाधरी मार्ग पर वीटा मिल्क प्लांट के सामने एक फीट तक पानी रहा।
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फोटो: 29
दो घरों की छत ढही, परिवार के सदस्य बचे
व्यासपुर। दो दिन से हो रही बारिश से कस्बा के सैनी मोहल्ला के समीप स्थित मकान की छत गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत करने को मजबूर हो गया। ममता रानी के मकान की छत भारी बारिश के कारण गिर गई। अचानक धड़ाम की आवाज के साथ छत गिरने से परिवार के लोग डर गए। गनीमत रही कि हादसे के समय उस कमरे में कोई नहीं था। सभी कमरे के बाहर थे। छत गिरने की आवाज सुनकर सभी बाहर की तरफ दौड़े। इससे किसी परिवारजन को कोई हानि नहीं पहुंची। छत के गिरने से पीड़ित परिवार ने पड़ोस में रह रहे अन्य परिजनों के यहां शरण ली। ममता ने बताया कि उनका परिवार बहुत गरीब है। मकान जर्जर हालत में बना हुआ था। उसके पति पवन कुमार नाई का काम करते हैं। ग्राम पंचायत सदस्य अशोक धीमान ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इसी तरह सारण गांव में सुनील कुमार का घर बारिश की वजह से ढह गया। उनके एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। जब छत गिरी तो कमरे में कोई नहीं था।
जिले में बुधवार सुबह 8 बजे तक हुई बारिश
तहसील एमएम
जगाधरी 35
व्यासपुर 41
रादौर 102
छछरौली 37
सरस्वतीनगर 30
साढौरा 85
प्रतापनगर 26
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यमुनानगर। जिले में तीन दिन से हो रही बारिश लोगों के लिए तबाही का कारण बन गई है। मंगलवार को रात को शुरू हुई बारिश बुधवार को सुबह तक जारी रही। दोपहर तक थोड़ी देर के लिए धूप निकली इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। लगातार हो रही बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं और शहर में कई जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं बैंडी गांव में घर की छत के मलबे में नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी व तीन बच्चे घायल हो गए। इसके अलावा साढौरा में कालाआम रोड पर पोल्ट्री फार्म की दीवार और व्यासपुर व सारण में दो मकानों की कच्ची छत ढह गई। जिले में बुधवार सुबह तक औसतन 51 एमएम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा रादौर में 102 एमएम दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने वीरवार व शुक्रवार को भी बारिश होने की संभावना जताई है।
जानकारी के अनुसार यमुना का जलस्तर दो लाख क्यूसेक से कम है पर पानी के तेज बहाव होने से भूमि कटाव जारी है। यमुना नदी से सटे गांव टापू कमालपुर में सबसे ज्यादा भूमि कटाव हो रहा है। हालांकि प्रशासन की तरफ से कटाव को रोकने के लिए कट्टों में मिट्टी भरकर लगाई गई, लेकिन पानी के बहाव में वह टिक नहीं पाए। ऐसे में किसानों ने खुद उतर कर पहले तो किनारों पर पाॅपुलर के बड़े पेड़ नदी के तल तक घुसाए, उसके बाद लकड़ियों का जाल बनाकर भूमि कटाव को रोका। इससे तेज से हो रहा भूमि कटाव तो कुछ कम हुआ, लेकिन गांव की तरफ बढ़ती यमुना को देख ग्रामीण काफी चिंतित हैं। उधर, कलेसर में भी भूमि कटाव हो रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण 150 एकड़ से अधिक भूमि यमुना में समा चुकी है।
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टापू कमालपुर गांव के ग्रामीण दे रहे पहरा
हालांकि टापू कमालपुर गांव के अंदर अभी तक यमुना नदी का पानी नहीं घुसा है, लेकिन गांव से डेढ़ एकड़ नजदीक से बह रही यमुना का ग्रामीण रात को अब पहरा देने लगे हैं। उन्हें चिंता कहीं रात के समय यमुना नदी का पानी उनके घरों की तरफ रुख न कर ले। बात करें तो यमुना के बहाव में 500 से अधिक पॉपुलर के पेड़ बलि चढ़ चुके हैं। ऐसे में किसानो को काफी नुकसान हो चुका है। उधर, 9.70 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी के किनारे पर लगाए 13 बांध भी नहीं टिक पाए। वह भी बह चुके हैं, इसी वजह से भूमि कटाव हुआ है।
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जिले में 3500 एकड़ भूमि प्रभावित
उधर, डीसी पार्थ गुप्ता ने हथिनी कुंड बैराज सहित कलेसर व टापू कमालपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक विभिन्न गांवों के किसानों द्वारा बाढ़ से प्रभावित हुई 3500 एकड़ भूमि का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जहां-जहां पर यमुना नदी की बाढ़ के कारण नुकसान हो रहा है वहां पर मिट्टी के बैग लगाने का काम शुरू किया गया है। प्रशासन पूरी तरह से सचेत है। कर्मचारी ग्रामीणों की टच में हैं। दिन-रात चौकसी बढ़ती जा रही है। लोगों को यमुना नदी की ओर जाने से मना किया गया है।
प्रतापनगर व छछरौली में एसडीआरएफ तैनात
वहीं, एसपी कमलजीत सिंह ने बताया कि जिला में एसडीआरएफ की टुकड़ी तैनात की गई है। 15-15 कर्मचारी प्रतापनगर व छछरौली में तैनात किए गए हैं। कंट्रोल रूम व पुलिस कर्मचारियों को ग्रामीणों से निरंतर संपर्क बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
जिले में औसतन 51 एमएम हुई बारिश, सबसे ज्यादा रादौर में 102 एमएम
यमुनानगरव्यासपुर। जिले में मंगलवार रात थोड़ी देर के लिए बारिश बंद हुई तो तेज हवा चलने लगी। तेज हवा को देख कर किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि हवाओं से फसल के जमीन पर बिछने का खतरा रहता है। हवा थोड़ी देर चलने के बाद बंद हो गई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। इसके बाद रातभर बारिश होती रही। सुबह के समय बारिश इतनी ज्यादा थी कि विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पाए। जो गए वह भीगते हुए स्कूल पहुंचे, इससे उनकी वर्दी व बैग पानी में भीग गए। बारिश की वजह से सड़कों किनारे जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर सुबह तक जाम की स्थिति रही। वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखे। व्यासपुर में जगाधरी मार्ग पर वीटा मिल्क प्लांट के सामने एक फीट तक पानी रहा।
फोटो: 29
दो घरों की छत ढही, परिवार के सदस्य बचे
व्यासपुर। दो दिन से हो रही बारिश से कस्बा के सैनी मोहल्ला के समीप स्थित मकान की छत गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत करने को मजबूर हो गया। ममता रानी के मकान की छत भारी बारिश के कारण गिर गई। अचानक धड़ाम की आवाज के साथ छत गिरने से परिवार के लोग डर गए। गनीमत रही कि हादसे के समय उस कमरे में कोई नहीं था। सभी कमरे के बाहर थे। छत गिरने की आवाज सुनकर सभी बाहर की तरफ दौड़े। इससे किसी परिवारजन को कोई हानि नहीं पहुंची। छत के गिरने से पीड़ित परिवार ने पड़ोस में रह रहे अन्य परिजनों के यहां शरण ली। ममता ने बताया कि उनका परिवार बहुत गरीब है। मकान जर्जर हालत में बना हुआ था। उसके पति पवन कुमार नाई का काम करते हैं। ग्राम पंचायत सदस्य अशोक धीमान ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इसी तरह सारण गांव में सुनील कुमार का घर बारिश की वजह से ढह गया। उनके एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। जब छत गिरी तो कमरे में कोई नहीं था।
जिले में बुधवार सुबह 8 बजे तक हुई बारिश
तहसील एमएम
जगाधरी 35
व्यासपुर 41
रादौर 102
छछरौली 37
सरस्वतीनगर 30
साढौरा 85
प्रतापनगर 26