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डेढ़ घंटे देरी से सेंटरों पर पहुंचे प्रश्नपत्र
अमर उजाला यमुनानगर
Updated Fri, 14 Mar 2014 12:18 AM IST
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बिलासपुर। बृहस्पतिवार को बिलासपुर के करीब दो दर्जन परीक्षा केंद्रों पर 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों को डेढ़ घंटे देरी से प्रश्नपत्र मिले। 10वीं कक्षा के सामाजिक विषय और 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स विषय (रिअपियर) की परीक्षाएं ली गईं। विभाग की इस लापरवाही से परीक्षार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी रही। वे यही सोच रहे थे कि वे परीक्षा दे पाएंगे या नहीं।
बता दें कि बिलासपुर के राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल में बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र वितरण केंद्र बनाया गया है। जिसके अंतर्गत खिजराबाद, सालेहपुर, सरावा, देवधर, ललहाडी लेदी सहित घाड़ क्षेत्र के कुल 28 परीक्षा केंद्र आते हैं। लेकिन यहां बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों पर समय रहते प्रश्नपत्र पहुंच सके, इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई, जबकि सभी 28 केंद्रों के सुपरिटेंडेंट अपने केंद्रों के लिए प्रश्नपत्र लेकर जाते हैं। इसी कारण कई एग्जाम सेंटरों पर बृहस्पतिवार को हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड की 10वीं के सामाजिक और 12वीं के इकोनॉमिक्स के प्रश्नपत्र डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे।
-बाक्स-
नहीं की गई प्रश्नपत्र केंद्रों पर पहुंचाने की व्यवस्था
कुछ अध्यापकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि बिलासपुर के राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल में बनाया गया प्रश्नपत्र वितरण केंद्र से कुछ कुछ एग्जाम सेंटरों की दूरी लगभग तीस किमी से भी अधिक है। जिनके सुपरिटेंडेंट स्वयं ही वितरण केंद्र पर प्रश्नपत्र लेने आते हैं, ऐसे में सेंटरों पर प्रश्नपत्र लेट पहुंचना स्वाभाविक है। जिसका खामियाजा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बोर्ड और विभाग को चाहिए कि प्रश्नपत्रों को स्कूलों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। ताकि छात्रों और अध्यापकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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वर्जन
प्रश्न पत्र वितरण करना विभाग व बोर्ड की जिम्मेदारी बनती है, न की केंद्रों के सुपरिटेंडेंट की। विभाग और बोर्ड को जो परीक्षा केंद्र अधिक दूरी पर हैं, वहां प्रश्नपत्र पहुंचाने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
- रमेश शर्मा, प्रधान, हरियाणा अध्यापक संघ।
वर्जन
ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारी तो समय पर आ गए थे, लेकिन बोर्ड की ओर से प्रश्न पत्र देरी से आए हैं। इसलिए अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
- धर्म सिंह राठी, बीईओ, शिक्षा विभाग।
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बता दें कि बिलासपुर के राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल में बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र वितरण केंद्र बनाया गया है। जिसके अंतर्गत खिजराबाद, सालेहपुर, सरावा, देवधर, ललहाडी लेदी सहित घाड़ क्षेत्र के कुल 28 परीक्षा केंद्र आते हैं। लेकिन यहां बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों पर समय रहते प्रश्नपत्र पहुंच सके, इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई, जबकि सभी 28 केंद्रों के सुपरिटेंडेंट अपने केंद्रों के लिए प्रश्नपत्र लेकर जाते हैं। इसी कारण कई एग्जाम सेंटरों पर बृहस्पतिवार को हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड की 10वीं के सामाजिक और 12वीं के इकोनॉमिक्स के प्रश्नपत्र डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे।
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नहीं की गई प्रश्नपत्र केंद्रों पर पहुंचाने की व्यवस्था
कुछ अध्यापकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि बिलासपुर के राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल में बनाया गया प्रश्नपत्र वितरण केंद्र से कुछ कुछ एग्जाम सेंटरों की दूरी लगभग तीस किमी से भी अधिक है। जिनके सुपरिटेंडेंट स्वयं ही वितरण केंद्र पर प्रश्नपत्र लेने आते हैं, ऐसे में सेंटरों पर प्रश्नपत्र लेट पहुंचना स्वाभाविक है। जिसका खामियाजा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बोर्ड और विभाग को चाहिए कि प्रश्नपत्रों को स्कूलों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। ताकि छात्रों और अध्यापकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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प्रश्न पत्र वितरण करना विभाग व बोर्ड की जिम्मेदारी बनती है, न की केंद्रों के सुपरिटेंडेंट की। विभाग और बोर्ड को जो परीक्षा केंद्र अधिक दूरी पर हैं, वहां प्रश्नपत्र पहुंचाने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
- रमेश शर्मा, प्रधान, हरियाणा अध्यापक संघ।
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ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारी तो समय पर आ गए थे, लेकिन बोर्ड की ओर से प्रश्न पत्र देरी से आए हैं। इसलिए अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
- धर्म सिंह राठी, बीईओ, शिक्षा विभाग।