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Yamuna Nagar News: फसल पंजीकरण में उलझे किसान, मंडियों में खड़ी धान से लदी ट्रालियां
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छछरौली तहसील कार्यालय में पोर्टल वेरिफिकेशन कराने पहुंचे किसानों की लगी भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी छछरौली। धान खरीद सीजन शुरू होते ही फसल पंजीकरण और पोर्टल सत्यापन की समस्या किसानों के लिए परेशानी बन गई है। कई किसानों का पंजीकरण होने के बावजूद पोर्टल पर धान का बैलेंस जीरो दिख रहा है। इसके कारण किसान धान से भरी ट्रालियां लेकर मंडियों के गेट पर खड़े हैं और पोर्टल सत्यापन का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सत्यापन के लिए किसानों को तहसील और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बलौली के किसान रोशन नंबरदार, सुरेंद्र सिंह और मेम सिंह ने बताया कि उन्होंने धान की बिजाई के बाद ही मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया था। किसानों के अनुसार, एक एकड़ में 27 से 30-34 क्विंटल तक धान की पैदावार हुई है, लेकिन पोर्टल पर बैलेंस जीरो होने के कारण मंडी गेट पर पास कटवाने में परेशानी आ रही है।
किसानों का कहना है कि फसल खेत में तैयार होने के समय ही पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी। कुछ मामलों में विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि सेटेलाइट रिकॉर्ड में धान की फसल दिखाई नहीं देने के कारण सत्यापन में दिक्कत आ रही है।
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आवेदन के बाद सात दिन का इंतजार
किसानों के अनुसार, पोर्टल सत्यापन के लिए आवेदन करने के बाद भी कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ किसानों को सात दिन तक का समय दिया जा रहा है। अधिकांश किसानों का पंजीकरण अभी पूरा नहीं हुआ है और जिनका पंजीकरण हो चुका है, उनमें भी कई के पोर्टल पर बैलेंस जीरो दिख रहा है।
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27 सितंबर तक के पंजीकरण सत्यापित
एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल ने बताया कि 27 सितंबर तक के फसल पंजीकरण सत्यापित किए जा चुके हैं। शेष मामलों का सत्यापन भी जल्द पूरा कराया जाएगा, ताकि किसानों को परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि सरकार की ओर से फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला है, इसलिए किसान समय रहते अपनी फसल का पंजीकरण करवा लें।
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बलौली के किसान रोशन नंबरदार, सुरेंद्र सिंह और मेम सिंह ने बताया कि उन्होंने धान की बिजाई के बाद ही मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया था। किसानों के अनुसार, एक एकड़ में 27 से 30-34 क्विंटल तक धान की पैदावार हुई है, लेकिन पोर्टल पर बैलेंस जीरो होने के कारण मंडी गेट पर पास कटवाने में परेशानी आ रही है।
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किसानों का कहना है कि फसल खेत में तैयार होने के समय ही पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी। कुछ मामलों में विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि सेटेलाइट रिकॉर्ड में धान की फसल दिखाई नहीं देने के कारण सत्यापन में दिक्कत आ रही है।
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आवेदन के बाद सात दिन का इंतजार
किसानों के अनुसार, पोर्टल सत्यापन के लिए आवेदन करने के बाद भी कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ किसानों को सात दिन तक का समय दिया जा रहा है। अधिकांश किसानों का पंजीकरण अभी पूरा नहीं हुआ है और जिनका पंजीकरण हो चुका है, उनमें भी कई के पोर्टल पर बैलेंस जीरो दिख रहा है।
27 सितंबर तक के पंजीकरण सत्यापित
एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल ने बताया कि 27 सितंबर तक के फसल पंजीकरण सत्यापित किए जा चुके हैं। शेष मामलों का सत्यापन भी जल्द पूरा कराया जाएगा, ताकि किसानों को परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से अपील की कि सरकार की ओर से फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला है, इसलिए किसान समय रहते अपनी फसल का पंजीकरण करवा लें।