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Yamuna Nagar News: पांडवों ने यहां की थी शिव जी की आराधना
Tue, 18 Feb 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा (यमुनानगर)। झंडा गांव की उत्तरी दिशा में शिवालिक की पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर का महाभारत से संबंध बताया जाता है। महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को यहां विशाल मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में आने वाले हजारों शिवभक्तों की सुविधा के लिए मंदिर कमेटी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों द्वारा इस जगह पर शिवजी की आराधना की गई थी। वहीं इस मंदिर का संबंध बर्बरीक से भी बताया जाता है। इस मंदिर में उपासना करने के लिए सैकड़ों शिवभक्त यहां रोजाना पहुंचते हैं। शिव मंदिर की देखरेख करने वाली साध्वी माता ने बताया कि इस मंदिर में स्वयंभू प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है।
दो दशक पहले इस शिवलिंग को गांव में स्थापित करवाने के लिए खुदाई करवाई गई तो इस शिवलिंग की गहराई अथाह पाए जाने पर ग्रामीणों को खुदाई का काम रोकना पड़ गया था। खुदाई के दौरान ही शिवलिंग के चारों ओर गणेश जी व नंदी सहित कई मूर्तियां मिली थीं। इसके बाद ग्रामीणों ने इसी स्थान को विकसित करने का संकल्प लिया।
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स्वयंभू शिवलिंग के पास ही भगवान शिव के साथ माता पार्वती की मूर्तियां स्थापित हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की जाती है। शिवलिंग का फूल, फलों व चंदन से विशेष शृंगार किया जाता है। झंडा गांव से पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर को जाने वाले दो किमी लंबे रास्ते की चढ़ाई जोखिमभरी है। इस कठिन रास्ते को तय करने के बाद पहाड़ी की चोटी पर शिवमंदिर के दर्शन होते हैं।
इस कच्चे रास्ते को मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश बिट्टू ने तीन साल पहले अपने खर्चे पर पक्का करवाया है। रास्ता पक्का होने के बाद से शिव भक्तों के वाहन सीधा मंदिर तक पहुंच पा रहे हैं। रमेश बिट्टू ने बताया कि मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान करने के अलावा यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दानी सज्जनों के सहयोग से कई निर्माण किए गए हैं।
यज्ञशाला, काली माता मंदिर, भैरों मंदिर, ऋषि मारकंडामंदिर, हनुमान मंदिर, पार्किंग, विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालयों व भंडारा गृह का निर्माण किया गया है। वहीं इस मंदिर के आसपास हरियाली बनाए रखने के लिए तीन एकड़ में पौधारोपण करके सजावटी, छायादार व फलदार पौधे लगाए गए हैं। वहीं जिला परिषद के चेयरमैन रमेश चंद ठसका के सहयोग से यहां सरकार द्वारा छह शौचालय बनाए जा रहे हैं।
पार्किक का 10 एकड़ में होगा निर्माण ः रमेश
मेले की व्यवस्था रमेश बिट्टू ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पहाड़ी तक वाहन ले जाने की मनाही रहेगी। शिव भक्तों की सुविधा के लिए गांव में 10 एकड़ में पार्किंग बनाई जा रही है। इसके अलावा स्कूल परिसर में भी वाहन खड़े किए जा सकेंगे। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर में सत्संग व भजन-कीर्तन के कार्यक्रम होंगे। वहीं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे व जलपान की व्यवस्था भी की जाएगी।
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साढौरा (यमुनानगर)। झंडा गांव की उत्तरी दिशा में शिवालिक की पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर का महाभारत से संबंध बताया जाता है। महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को यहां विशाल मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में आने वाले हजारों शिवभक्तों की सुविधा के लिए मंदिर कमेटी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों द्वारा इस जगह पर शिवजी की आराधना की गई थी। वहीं इस मंदिर का संबंध बर्बरीक से भी बताया जाता है। इस मंदिर में उपासना करने के लिए सैकड़ों शिवभक्त यहां रोजाना पहुंचते हैं। शिव मंदिर की देखरेख करने वाली साध्वी माता ने बताया कि इस मंदिर में स्वयंभू प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है।
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दो दशक पहले इस शिवलिंग को गांव में स्थापित करवाने के लिए खुदाई करवाई गई तो इस शिवलिंग की गहराई अथाह पाए जाने पर ग्रामीणों को खुदाई का काम रोकना पड़ गया था। खुदाई के दौरान ही शिवलिंग के चारों ओर गणेश जी व नंदी सहित कई मूर्तियां मिली थीं। इसके बाद ग्रामीणों ने इसी स्थान को विकसित करने का संकल्प लिया।
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स्वयंभू शिवलिंग के पास ही भगवान शिव के साथ माता पार्वती की मूर्तियां स्थापित हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की जाती है। शिवलिंग का फूल, फलों व चंदन से विशेष शृंगार किया जाता है। झंडा गांव से पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर को जाने वाले दो किमी लंबे रास्ते की चढ़ाई जोखिमभरी है। इस कठिन रास्ते को तय करने के बाद पहाड़ी की चोटी पर शिवमंदिर के दर्शन होते हैं।
इस कच्चे रास्ते को मंदिर कमेटी के प्रधान रमेश बिट्टू ने तीन साल पहले अपने खर्चे पर पक्का करवाया है। रास्ता पक्का होने के बाद से शिव भक्तों के वाहन सीधा मंदिर तक पहुंच पा रहे हैं। रमेश बिट्टू ने बताया कि मंदिर को भव्य स्वरूप प्रदान करने के अलावा यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दानी सज्जनों के सहयोग से कई निर्माण किए गए हैं।
यज्ञशाला, काली माता मंदिर, भैरों मंदिर, ऋषि मारकंडामंदिर, हनुमान मंदिर, पार्किंग, विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालयों व भंडारा गृह का निर्माण किया गया है। वहीं इस मंदिर के आसपास हरियाली बनाए रखने के लिए तीन एकड़ में पौधारोपण करके सजावटी, छायादार व फलदार पौधे लगाए गए हैं। वहीं जिला परिषद के चेयरमैन रमेश चंद ठसका के सहयोग से यहां सरकार द्वारा छह शौचालय बनाए जा रहे हैं।
पार्किक का 10 एकड़ में होगा निर्माण ः रमेश
मेले की व्यवस्था रमेश बिट्टू ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पहाड़ी तक वाहन ले जाने की मनाही रहेगी। शिव भक्तों की सुविधा के लिए गांव में 10 एकड़ में पार्किंग बनाई जा रही है। इसके अलावा स्कूल परिसर में भी वाहन खड़े किए जा सकेंगे। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर में सत्संग व भजन-कीर्तन के कार्यक्रम होंगे। वहीं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे व जलपान की व्यवस्था भी की जाएगी।