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मेयर ने खुद उठाया कूड़ा, कर्मचारियों ने की तो बीच में छोड़ा
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। शहर की हर कॉलोनी व सड़क पर केवल कूड़ा ही कूड़ा दिखाई दे रहा है। वीरवार को छोटा मॉडल टाउन में महाराणा प्रताप पार्क के पास मेयर मदन मदन चौहान ने खुद तीन बार बेलचे से सड़क पर पड़ा कूड़ा उठाकर गाड़ी में डाला। तभी वहां पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारी पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए मेयर ने कूड़े को वहीं छोड़ दिया। कूड़े का ढेर वहीं पर पड़ा रहा। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों व मेयर पक्ष में टकराव न हो जाए इसके लिए मौके पर पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। वहीं कर्मचारी जिस तरह से हड़ताल को जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं, यदि कूड़ा नहीं उठा तो आने वाले दिनों में शहर का वातावरण बदबूदार हो जाएगा। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो जाएगी।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने मेयर को आश्वासन दिया था कि उनसे संबंधित जितने भी कर्मचारी हैं वह उनके साथ हैं। उनके कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं और सफाई करने को तैयार है। महाराणा प्रताप पार्क में कर्मचारी एकत्रित हुए। वहां पर भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रोशन लाल शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान मनोज कुमार, जिला मंत्री आशीष धीमान, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू समेत अनेक कर्मचारी मौजूद थे। वहां पहुंचे मेयर मदन चौहान ने कर्मचारियों से बात की। मेयर ने उनसे काम पर लौटने की अपील की और जल्द ही उन्हें कौशल रोजगार निगम के माध्यम से काम पर रखने का आश्वासन दिया। परंतु कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने तक काम पर लौटने से इंकार कर दिया। इसके बाद मौके पर ट्राली को बुलाया गया। मेयर ने खुद बेलचे से बाहर पड़ा कूड़ा उठाकर ट्राली में डाला। तभी वहां हड़ताल कर रहे कर्मचारी पहुंच गए और नारेबाजी कर दी। जिसके बाद कूड़ा नहीं उठाया गया। कूड़े का ढेर जैसा था वैसा ही पार्क के बाहर लगा रहा।
कर्मचारी नेता रमेश कुमार टोडरपुर ने बताया कि 20 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन व सरकार को दिया जा चुका है। सरकार मांगें नहीं मान रही। आज मेयर जबरन कूड़ा उठवाने के लिए आए थे लेकिन कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेगा। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम-समान वेतन, कौशल विकास को बंद करना व ठेकेदारी प्रथा को बंद करना मुख्य मांगे हैं। कोरोना के दौरान कर्मचारियों ने शहर में अपनी जान को जोखिम में डाल कर काम किया। कर्मचारियों ने कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार भी किया, परंतु आज तक कर्मचारियों को इसका पैसा नहीं मिला है।
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वहीं भाईचारा ग्रुप यूनियन के प्राधन राम सिंह, अर्जुन, सुमित, कमलजीत, अशोक कुमार, अरूण कुमार, सुमित धलौड़, दीपक, जरनैल, दलबीर सिंह ने कहा कि मेयर उनसे कह रहे हैं कि वह काम पर लौट आएं। तीन माह बाद उन्हें कौशल रोजगार के माध्यम से काम पर रख लेंगे। जब उन्होंने मेयर से कहा कि वह यह बात लिखित में दें तो वह काम पर लौटने को तैयार है, लेकिन मेयर इसका कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार 12 हजार रुपये देता है और उसमें से भी पैसा काट लेता हैं। ठेकेदारों की मनमानी पर तो अधिकारी अंकुश नहीं लगा पा रहे, उल्टा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री आशीष धीमान ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सरकार के साथ है। संघ से जुड़ा कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जाएगा। अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करना हर कर्मचारी का हक है, लेकिन इस तरह से हड़ताल करके लोगों को परेशान करना ठीक नहीं है। जरूरत पड़ी तो संघ से जुड़ा प्रत्येक कर्मचारी खुद सफाई करेगा।
नौ दिन से कॉलोनियों में पड़ा कूड़ा अब सड़ने लगा है। इसलिए धीरे-धीरे इसमें बदबू होने लगी है। तीन दिन पहले ही दिवाली थी। इसलिए कूड़े में वेस्ट मिठाई, फूल, भोजन, फल सब पड़े हैं। जिस कारण कूड़े के पास से चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह कूड़ा आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ा सकता है।
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भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने मेयर को आश्वासन दिया था कि उनसे संबंधित जितने भी कर्मचारी हैं वह उनके साथ हैं। उनके कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं और सफाई करने को तैयार है। महाराणा प्रताप पार्क में कर्मचारी एकत्रित हुए। वहां पर भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रोशन लाल शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान मनोज कुमार, जिला मंत्री आशीष धीमान, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू समेत अनेक कर्मचारी मौजूद थे। वहां पहुंचे मेयर मदन चौहान ने कर्मचारियों से बात की। मेयर ने उनसे काम पर लौटने की अपील की और जल्द ही उन्हें कौशल रोजगार निगम के माध्यम से काम पर रखने का आश्वासन दिया। परंतु कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने तक काम पर लौटने से इंकार कर दिया। इसके बाद मौके पर ट्राली को बुलाया गया। मेयर ने खुद बेलचे से बाहर पड़ा कूड़ा उठाकर ट्राली में डाला। तभी वहां हड़ताल कर रहे कर्मचारी पहुंच गए और नारेबाजी कर दी। जिसके बाद कूड़ा नहीं उठाया गया। कूड़े का ढेर जैसा था वैसा ही पार्क के बाहर लगा रहा।
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कर्मचारी नेता रमेश कुमार टोडरपुर ने बताया कि 20 सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन व सरकार को दिया जा चुका है। सरकार मांगें नहीं मान रही। आज मेयर जबरन कूड़ा उठवाने के लिए आए थे लेकिन कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेगा। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम-समान वेतन, कौशल विकास को बंद करना व ठेकेदारी प्रथा को बंद करना मुख्य मांगे हैं। कोरोना के दौरान कर्मचारियों ने शहर में अपनी जान को जोखिम में डाल कर काम किया। कर्मचारियों ने कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार भी किया, परंतु आज तक कर्मचारियों को इसका पैसा नहीं मिला है।
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वहीं भाईचारा ग्रुप यूनियन के प्राधन राम सिंह, अर्जुन, सुमित, कमलजीत, अशोक कुमार, अरूण कुमार, सुमित धलौड़, दीपक, जरनैल, दलबीर सिंह ने कहा कि मेयर उनसे कह रहे हैं कि वह काम पर लौट आएं। तीन माह बाद उन्हें कौशल रोजगार के माध्यम से काम पर रख लेंगे। जब उन्होंने मेयर से कहा कि वह यह बात लिखित में दें तो वह काम पर लौटने को तैयार है, लेकिन मेयर इसका कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार 12 हजार रुपये देता है और उसमें से भी पैसा काट लेता हैं। ठेकेदारों की मनमानी पर तो अधिकारी अंकुश नहीं लगा पा रहे, उल्टा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री आशीष धीमान ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ सरकार के साथ है। संघ से जुड़ा कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जाएगा। अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करना हर कर्मचारी का हक है, लेकिन इस तरह से हड़ताल करके लोगों को परेशान करना ठीक नहीं है। जरूरत पड़ी तो संघ से जुड़ा प्रत्येक कर्मचारी खुद सफाई करेगा।
नौ दिन से कॉलोनियों में पड़ा कूड़ा अब सड़ने लगा है। इसलिए धीरे-धीरे इसमें बदबू होने लगी है। तीन दिन पहले ही दिवाली थी। इसलिए कूड़े में वेस्ट मिठाई, फूल, भोजन, फल सब पड़े हैं। जिस कारण कूड़े के पास से चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह कूड़ा आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी को और ज्यादा बढ़ा सकता है।