फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   The India of the martyrs' dreams has not been realized: Tara Behl

शहीदों के सपनों का भारत नहीं बन पाया : तारा बहल

Fri, 02 Oct 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 02 Oct 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
The India of the martyrs' dreams has not been realized: Tara Behl
तारा बहल।
प्रदीप कांबोज
विज्ञापन

रादौर। शहर के कस्तूरबा गांधी आश्रम की संचालिका 102 वर्षीय गांधीवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी तारा बहल ने अपना पूरा जीवन गांधीजी के आदर्शों को समर्पित किया है। तारा बहल जिले की एकमात्र जीवित महिला बताई जाती हैं, जिन्होंने गांधी जी के साथ काम किया है। आज भी वह सप्ताह में एक दिन बुधवार को मौन व्रत रखती हैं। यह परंपरा वह करीब 82 वर्षों से निभा रही हैं।
तारा बहल 13 वर्ष की उम्र में अपने बड़े भाई बैजनाथ बहल के साथ नागपुर में पहली बार महात्मा गांधी से मिली थीं। गांधी जी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने आजीवन विवाह नहीं किया और देश व समाजसेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर को करीब से देखा और देश को आजाद होने के साथ विभाजन का दर्द भी देखा।
विज्ञापन

आजादी के बाद वर्ष 1952 में तारा बहल शिक्षा ग्रहण करने जापान गईं। वर्ष 1984 में वह समाज कल्याण विभाग, पंजाब से सेवानिवृत्त हुईं। इसके बाद भी उनका सामाजिक कार्य जारी रहा। वह नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करती हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

संसद में हंगामे से होती हैं दुखी
देश के मौजूदा हालात पर तारा बहल ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि आजादी के बाद शहीदों के सपनों का भारत ऐसा होगा। टीवी पर संसद की कार्रवाई देखते समय सदस्यों के बीच होने वाले विवाद से उन्हें दुख होता है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं और देश के विकास के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। संसद का समय बर्बाद होने से देश का नुकसान होता है। उन्होंने अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, नशाखोरी, कालाबाजारी और अन्य समस्याओं पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि शहीदों ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था।

आश्रम में लगीं गांधी जी की 200 से अधिक तस्वीरें
गांधी जी की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए तारा बहल ने कस्तूरबा गांधी आश्रम में गांधी जी के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई है। इसमें बापू की 200 से अधिक तस्वीरें प्रदर्शित हैं। तस्वीरों के माध्यम से गांधी जी के आंदोलनों और आजादी के संघर्ष को दर्शाया गया है। स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी भी इस प्रदर्शनी को देखने पहुंचते ह

तारा बहल।

तारा बहल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed