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Yamuna Nagar News: श्रद्धालुओं को बताया कार्तिक अमावस्या का महत्व
Sun, 03 Nov 2024 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 03 Nov 2024 02:41 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसएस जैन सभा मॉडल टाउन के प्रांगण में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम के 105वें दिन साध्वी डॉ. स्वाति महाराज प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। साथ ही श्रद्धालुओं को कार्तिक अमावस्या का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि कार्तिक अमावस्या धरती के गगन व्यापी प्रकाश का पर्याय बन गई तब से परम सार्थकता के उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति को सुरक्षित रखने के लिए उसके असीम प्रकाश से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए और अंधकार को मिटाने के लिए हर वर्ष भगवान महावीर निर्वाण कल्याणक पर्व मनाया जाने लगा। दीपावली मनाई जाने लगी।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का निर्वाण हर वर्ष की कार्तिक अमावस्या को अंधकार से प्रकाश की ओर के महोत्सव के रूप को प्रदान कर गया। भगवान महावीर के प्रति जन-जन की आस्था आज भी दिवाली बनकर हर वर्ष जगमगाती है। भगवान महावीर की जीवन यात्रा मनुष्यता के सर्वोत्कृष्ट स्वरूप की प्रकाश यात्रा थी। भगवान जहां-जहां से गुजरे, वहां-वहां से अंधकार विलीन होता चला गया। भव्य जीवात्माएं प्रकाश को प्राप्त होती चली गईं।
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यमुनानगर। एसएस जैन सभा मॉडल टाउन के प्रांगण में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम के 105वें दिन साध्वी डॉ. स्वाति महाराज प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। साथ ही श्रद्धालुओं को कार्तिक अमावस्या का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि कार्तिक अमावस्या धरती के गगन व्यापी प्रकाश का पर्याय बन गई तब से परम सार्थकता के उस ऐतिहासिक क्षण की स्मृति को सुरक्षित रखने के लिए उसके असीम प्रकाश से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए और अंधकार को मिटाने के लिए हर वर्ष भगवान महावीर निर्वाण कल्याणक पर्व मनाया जाने लगा। दीपावली मनाई जाने लगी।
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उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का निर्वाण हर वर्ष की कार्तिक अमावस्या को अंधकार से प्रकाश की ओर के महोत्सव के रूप को प्रदान कर गया। भगवान महावीर के प्रति जन-जन की आस्था आज भी दिवाली बनकर हर वर्ष जगमगाती है। भगवान महावीर की जीवन यात्रा मनुष्यता के सर्वोत्कृष्ट स्वरूप की प्रकाश यात्रा थी। भगवान जहां-जहां से गुजरे, वहां-वहां से अंधकार विलीन होता चला गया। भव्य जीवात्माएं प्रकाश को प्राप्त होती चली गईं।
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