{"_id":"695abef7e3965f56b904ecc8","slug":"the-hospital-built-at-a-cost-of-rs-105-crore-lacks-security-personnel-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-149328-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: 105 करोड़ रुपये से बने अस्पताल की सुरक्षा के लिए कर्मचारी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: 105 करोड़ रुपये से बने अस्पताल की सुरक्षा के लिए कर्मचारी नहीं
Mon, 05 Jan 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला नागरिक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जिले के सबसे बड़े और आधुनिक अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं है। हालात यह हैं कि अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये का सामान खुले में पड़ा है और उसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। सुरक्षा के अभाव में अस्पताल में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उप जिला अस्पताल जगाधरी में जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, वहीं जिला नागरिक अस्पताल में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है। जिस अस्पताल से डॉक्टरों और कर्मचारियों की हाजिरी लगाने वाली बायोमीट्रिक मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर और कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर तक चोरी हो चुके हों, वहां किसी भी सामान का सुरक्षित रहना मुश्किल है।
जिला नागरिक अस्पताल रोजमर्रा के दिनों के साथ-साथ छुट्टियों में भी खुला रहता है। छुट्टी के दिन कई कमरों पर ताले तक नहीं लगे होते, जबकि इनमें महंगे मेडिकल उपकरण और मरीजों के लिए जरूरी सामग्री रखी रहती है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में इस समय दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले ठेकेदार का भी काफी सामान चोरी हो चुका है।
विज्ञापन
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की बाइक चोरी होना अब आम बात हो चुकी है। अस्पताल के उद्घाटन के बाद से अब तक दर्जनभर से अधिक बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
करीब पांच माह पहले सिविल सर्जन कार्यालय की छत पर रखी पानी की आठ टंकियां चोरी हो गई थीं, जिनकी कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इससे पहले फरवरी माह में ट्रामा सेंटर भवन से लोहे के दरवाजे, लोहे की खिड़कियों के पल्ले और अन्य सामान चोरी हुआ था।
नवंबर 2024 में अस्पताल के ब्लॉक-ए के बेसमेंट में रखे 10 ऑक्सीजन सिलिंडर चोर ले उड़े। चौथी मंजिल पर लगे पांच और छह फीट ऊंचाई के दरवाजे, खिड़कियों पर लगी लोहे की जाली के 10 पल्ले भी चोरी हो चुके हैं।
इससे पहले पीएमओ कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी लगाने के लिए लगी बायोमीट्रिक मशीन चोरी हुई थी। सबसे चौंकाने वाली घटना जिला अस्पताल के निर्माण के दौरान सामने आई, जब ट्रामा सेंटर में रखा कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर चोरी हो गया। यह जनरेटर इतना भारी था कि उसे हिलाने के लिए भी क्रेन की जरूरत पड़ती है, बावजूद इसके जनरेटर का चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए जा रहे हैं। अस्पताल में सुरक्षाकर्मी होने बहुत जरूरी हैं। इसके लिए जल्द ही व्यवस्था कर दी जाएगी। - डॉ. जितेंद्र सिंह, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला नागरिक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जिले के सबसे बड़े और आधुनिक अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं है। हालात यह हैं कि अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये का सामान खुले में पड़ा है और उसकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। सुरक्षा के अभाव में अस्पताल में आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उप जिला अस्पताल जगाधरी में जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, वहीं जिला नागरिक अस्पताल में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है। जिस अस्पताल से डॉक्टरों और कर्मचारियों की हाजिरी लगाने वाली बायोमीट्रिक मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर और कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर तक चोरी हो चुके हों, वहां किसी भी सामान का सुरक्षित रहना मुश्किल है।
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल रोजमर्रा के दिनों के साथ-साथ छुट्टियों में भी खुला रहता है। छुट्टी के दिन कई कमरों पर ताले तक नहीं लगे होते, जबकि इनमें महंगे मेडिकल उपकरण और मरीजों के लिए जरूरी सामग्री रखी रहती है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में इस समय दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य का ठेका लेने वाले ठेकेदार का भी काफी सामान चोरी हो चुका है।
विज्ञापन
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की बाइक चोरी होना अब आम बात हो चुकी है। अस्पताल के उद्घाटन के बाद से अब तक दर्जनभर से अधिक बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
करीब पांच माह पहले सिविल सर्जन कार्यालय की छत पर रखी पानी की आठ टंकियां चोरी हो गई थीं, जिनकी कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इससे पहले फरवरी माह में ट्रामा सेंटर भवन से लोहे के दरवाजे, लोहे की खिड़कियों के पल्ले और अन्य सामान चोरी हुआ था।
नवंबर 2024 में अस्पताल के ब्लॉक-ए के बेसमेंट में रखे 10 ऑक्सीजन सिलिंडर चोर ले उड़े। चौथी मंजिल पर लगे पांच और छह फीट ऊंचाई के दरवाजे, खिड़कियों पर लगी लोहे की जाली के 10 पल्ले भी चोरी हो चुके हैं।
इससे पहले पीएमओ कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी लगाने के लिए लगी बायोमीट्रिक मशीन चोरी हुई थी। सबसे चौंकाने वाली घटना जिला अस्पताल के निर्माण के दौरान सामने आई, जब ट्रामा सेंटर में रखा कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर चोरी हो गया। यह जनरेटर इतना भारी था कि उसे हिलाने के लिए भी क्रेन की जरूरत पड़ती है, बावजूद इसके जनरेटर का चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए जा रहे हैं। अस्पताल में सुरक्षाकर्मी होने बहुत जरूरी हैं। इसके लिए जल्द ही व्यवस्था कर दी जाएगी। - डॉ. जितेंद्र सिंह, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।