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460 पेड़ों की पेंशन लगाने का रिकॉर्ड सरकार के पास, कब लगेगी अभी पता नहीं
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जिले में इस तरह के पुराने पेड़ों की जा रही तलाश। फाइल फोटो
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। जिले के वन विभाग ने 2500 रुपये पेंशन लगाने के लिए 75 साल पुराने 460 अधिक पेड़ों को तलाश कर उनका रिकॉर्ड सरकार के पास भेज दिया है। इनकी पेंशन कब लगेगी इसका कुछ पता नहीं। जबकि वन विभाग के मुताबिक इस प्रकार के और पेड़ों की तलाश की जा रही है। जिनकी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। दरअसल, पुराने पेेड़ों को बचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 2500 रुपये पेंशन लगाने की योजना चलाई हुई है। जिसके तहत करीब आठ माह पूर्व वन विभाग की तरफ से जगाधरी, छछरौली, साढौरा व कलेसर रेंज के अलावा अन्य जगहों पर सर्वे किया था।
ऐसे की गई पुराने पेड़ की उम्र की पड़ताल
पेड़ों को चिह्नित करने के लिए सर्वे के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई हुई थी। जिसमें टीम मौके पर पहुंच कर पेड़ की उम्र जांच पड़ताल करती है। पेड़ों की उम्र गणितीय व अनुमान के आधार पर निकाली गई। बुजुर्गों व स्थानीय लोगों से जानकारी भी ली गई कि यह पेड़ कब रोपित किया गया। पेड़ की मोटाई और बढ़ने की चाल के आधार पर भी उम्र निकल जाती है। दूसरा ज्यादा दिक्कत आने पर ड्रिल का प्रयोग कर तने के छल्लों के आधार पर भी उम्र का आकलन किया जाता है। बताया जा रहा है सर्वे में ज्यादातर पुराने पेड़ पीपल, बरगद व पिलखन के मिले हैं। इसके अलावा सिंबल आम व नीम के पेड़ भी है।
400 से अधिक ऐसे पुराने पेड़ हैं जिनकी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी गई थी। और नए पेड़ों की तलाश कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। लेकिन इनकी पेंशन कब लगेगी यह सरकार लेवल का मामला है। बताया जा रहा है इस दिशा में काफी तेजी से विभाग काम कर रहा है। उम्मीद है जल्द ही रिपोर्ट का जवाब आ जाएगा।
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-सूरजभान, डीएफओ, वन विभाग।
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ऐसे की गई पुराने पेड़ की उम्र की पड़ताल
पेड़ों को चिह्नित करने के लिए सर्वे के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई हुई थी। जिसमें टीम मौके पर पहुंच कर पेड़ की उम्र जांच पड़ताल करती है। पेड़ों की उम्र गणितीय व अनुमान के आधार पर निकाली गई। बुजुर्गों व स्थानीय लोगों से जानकारी भी ली गई कि यह पेड़ कब रोपित किया गया। पेड़ की मोटाई और बढ़ने की चाल के आधार पर भी उम्र निकल जाती है। दूसरा ज्यादा दिक्कत आने पर ड्रिल का प्रयोग कर तने के छल्लों के आधार पर भी उम्र का आकलन किया जाता है। बताया जा रहा है सर्वे में ज्यादातर पुराने पेड़ पीपल, बरगद व पिलखन के मिले हैं। इसके अलावा सिंबल आम व नीम के पेड़ भी है।
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400 से अधिक ऐसे पुराने पेड़ हैं जिनकी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी गई थी। और नए पेड़ों की तलाश कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। लेकिन इनकी पेंशन कब लगेगी यह सरकार लेवल का मामला है। बताया जा रहा है इस दिशा में काफी तेजी से विभाग काम कर रहा है। उम्मीद है जल्द ही रिपोर्ट का जवाब आ जाएगा।
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-सूरजभान, डीएफओ, वन विभाग।