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निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा
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अस्पताल के बाहर हंगामा कर रहे परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी के जिंदल अस्पताल में दो दिन पहले सड़क हादसे में घायल हुए युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर सेक्टर-17 थाना प्रभारी राकेश राणा अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामला शांत करवाया।
जोहड़ीपुरा मोहल्ला निवासी भूषण लाल गुलाटी ने बताया कि उसके बेटा रोहित (24) एक दिसंबर को अपनी बाइक पर घर आ रहा था। रास्ते में सड़क पर बने गड्ढे में बाइक गिरने से वह अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। इस दौरान उसका सिर सड़क किनारे बनी दीवार पर जा लगा। सिर में गंभीर चोट लगने से वह घायल हो गया।
उन्होंने उसे जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया था। आरोप है कि तब उन्होंने डॉक्टर से बेटे की तबीयत के बारे में पूछा था। डॉक्टर ने तब उसकी हालत गंभीर होने की बात कही। तब उन्होंने डॉक्टर से रिपोर्ट मांगी। ताकि वे अपने बेटे रोहित को कही और दिखा सके। आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट नहीं दी और उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद उसके बेटे की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ने उनके बेटे के इलाज में लापरवाही बरती है।
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उधर, रोहित की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो वह भड़क उठे। कुछ ही देर में अस्पताल में बड़ी संख्या में युवक पहुंच गए। अस्पताल के डॉक्टर योगेश जिंदल का कहना है कि 25-30 युवक अचानक आईसीयू में आए और हंगामा करने लगे। जब डॉक्टर उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वे मारपीट करने को उतारू हो गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत किया।
सेक्टर 17 थाना प्रभारी राकेश राणा का कहना है कि अस्पताल में हंगामा होने की सूचना मिलने पर वे तुरंत मौके पर गए थे। परिजनों को समझाकर शांत कर दिया गया है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों की सहमति के बाद किया ऑपरेशन : डॉ. जिंदल
जिंदल अस्पताल के डॉक्टर योगेश जिंदल ने बताया कि घायल युवक को जब उसके परिवार के लोग लेकर आए तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। उनके अस्पताल में आने से पहले भी परिवार के लोग युवक को दो अन्य अस्पतालों में लेकर गए थे। युवक की हालत गंभीर होने के बारे में उन्होंने उसके पिता, भाई व अन्य परिजनों को बता दिया था। सहमति पत्र पर मृतक के पिता व भाई के हस्ताक्षर करने के बाद ही ऑपरेशन किया गया। युवक के सिर की नसों में काफी सूजन थी। खून जमा हुआ था, जिसे साफ किया गया। इसके बाद उसे आक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया था। मरीज के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।
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यमुनानगर। जगाधरी के जिंदल अस्पताल में दो दिन पहले सड़क हादसे में घायल हुए युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर सेक्टर-17 थाना प्रभारी राकेश राणा अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामला शांत करवाया।
जोहड़ीपुरा मोहल्ला निवासी भूषण लाल गुलाटी ने बताया कि उसके बेटा रोहित (24) एक दिसंबर को अपनी बाइक पर घर आ रहा था। रास्ते में सड़क पर बने गड्ढे में बाइक गिरने से वह अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। इस दौरान उसका सिर सड़क किनारे बनी दीवार पर जा लगा। सिर में गंभीर चोट लगने से वह घायल हो गया।
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उन्होंने उसे जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया था। आरोप है कि तब उन्होंने डॉक्टर से बेटे की तबीयत के बारे में पूछा था। डॉक्टर ने तब उसकी हालत गंभीर होने की बात कही। तब उन्होंने डॉक्टर से रिपोर्ट मांगी। ताकि वे अपने बेटे रोहित को कही और दिखा सके। आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें रिपोर्ट नहीं दी और उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद उसके बेटे की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ने उनके बेटे के इलाज में लापरवाही बरती है।
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उधर, रोहित की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो वह भड़क उठे। कुछ ही देर में अस्पताल में बड़ी संख्या में युवक पहुंच गए। अस्पताल के डॉक्टर योगेश जिंदल का कहना है कि 25-30 युवक अचानक आईसीयू में आए और हंगामा करने लगे। जब डॉक्टर उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वे मारपीट करने को उतारू हो गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत किया।
सेक्टर 17 थाना प्रभारी राकेश राणा का कहना है कि अस्पताल में हंगामा होने की सूचना मिलने पर वे तुरंत मौके पर गए थे। परिजनों को समझाकर शांत कर दिया गया है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों की सहमति के बाद किया ऑपरेशन : डॉ. जिंदल
जिंदल अस्पताल के डॉक्टर योगेश जिंदल ने बताया कि घायल युवक को जब उसके परिवार के लोग लेकर आए तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। उनके अस्पताल में आने से पहले भी परिवार के लोग युवक को दो अन्य अस्पतालों में लेकर गए थे। युवक की हालत गंभीर होने के बारे में उन्होंने उसके पिता, भाई व अन्य परिजनों को बता दिया था। सहमति पत्र पर मृतक के पिता व भाई के हस्ताक्षर करने के बाद ही ऑपरेशन किया गया। युवक के सिर की नसों में काफी सूजन थी। खून जमा हुआ था, जिसे साफ किया गया। इसके बाद उसे आक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया था। मरीज के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।