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Yamuna Nagar News: जिले में जरुरत 300 बसों की, सड़कों पर चल रहीं सिर्फ 150
Thu, 11 Sep 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की आबादी 13 लाख से अधिक हो चुकी है पर यमुनानगर रोडवेज बसों का बेड़ा बढ़ने की बजाय कम होता जा रहा है। डिपो से रोजाना 150 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही।
इनमें से भी 15 फीसदी बसें ऐसी जिन्हें संजीवनी की जरूरत है। विभागीय आकंडों के मुताबिक डिपो के लिए 265 बसों का फ्लीड है, लेकिन आबादी के हिसाब से जिले में 300 बसें होनी अनिवार्य है। बसों का टोटा होने से यात्री संख्या भी घटती जा रही है। वे गंतव्य पर जाने के लिए अन्य साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। डिपो में रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार मुख्यालय से पत्राचार किया जा चुका है पर मामला सरकार के पाले में डाल दिया जाता है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है। मौजूदा समय में डिपो रोजाना 13 से 14 लाख रुपये का राजस्व हो रहा, यात्रियों की संख्या घटने के कारण राजस्व भी घट रहा है। वहीं फकीर माजरा, शाहबुद्दीनपुर, सिपियों वाला, जांटा वाला, डाकवाला, कोट मुकारबपुर, बनसतौर व ताहरपुर कला में यात्रियों की संख्या कम होने का कारण दिया गया। भूड़ माजरा, कोहली वाला डोई वाला, डान्डी पुर, बल्लेवाला, कन्हैया वाला, मुजैहद वाला, शाहजंहापुर, रगड माजरा, शेखू माजरा, माली माजरा, हसनपुर, लाहोरी वाला, लाक्कड, बिचपडी, दडवा व मनभर वाला गांवों में सड़क तंग होने का कारण बताया गया।
छारी, पलाका, कलेसरा, डोली, भगवान गढ़, रपडी, रोडी, दौलरा, भीलपुर व घेसपुर में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण दिया गया। इसी प्रकार, छालापुर, हबीबपुर, नाईवाला, यारा, ताहरी, शेरगढ़, सनौर, रूलाहेडी, गौलनी, सुलतानपुर, मीर मीरजापुर, पानीवाला, माजरी, ककरौनी, दरियापुर, हैबतपुर व जुड्डा जादान में भी यात्रियों की संख्या कम होने व सड़क तंग होने के कारण बताया गया है।
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यमुनानगर। जिले की आबादी 13 लाख से अधिक हो चुकी है पर यमुनानगर रोडवेज बसों का बेड़ा बढ़ने की बजाय कम होता जा रहा है। डिपो से रोजाना 150 बसें ही सड़कों पर दौड़ रही।
इनमें से भी 15 फीसदी बसें ऐसी जिन्हें संजीवनी की जरूरत है। विभागीय आकंडों के मुताबिक डिपो के लिए 265 बसों का फ्लीड है, लेकिन आबादी के हिसाब से जिले में 300 बसें होनी अनिवार्य है। बसों का टोटा होने से यात्री संख्या भी घटती जा रही है। वे गंतव्य पर जाने के लिए अन्य साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। डिपो में रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार मुख्यालय से पत्राचार किया जा चुका है पर मामला सरकार के पाले में डाल दिया जाता है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है। मौजूदा समय में डिपो रोजाना 13 से 14 लाख रुपये का राजस्व हो रहा, यात्रियों की संख्या घटने के कारण राजस्व भी घट रहा है। वहीं फकीर माजरा, शाहबुद्दीनपुर, सिपियों वाला, जांटा वाला, डाकवाला, कोट मुकारबपुर, बनसतौर व ताहरपुर कला में यात्रियों की संख्या कम होने का कारण दिया गया। भूड़ माजरा, कोहली वाला डोई वाला, डान्डी पुर, बल्लेवाला, कन्हैया वाला, मुजैहद वाला, शाहजंहापुर, रगड माजरा, शेखू माजरा, माली माजरा, हसनपुर, लाहोरी वाला, लाक्कड, बिचपडी, दडवा व मनभर वाला गांवों में सड़क तंग होने का कारण बताया गया।
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छारी, पलाका, कलेसरा, डोली, भगवान गढ़, रपडी, रोडी, दौलरा, भीलपुर व घेसपुर में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण दिया गया। इसी प्रकार, छालापुर, हबीबपुर, नाईवाला, यारा, ताहरी, शेरगढ़, सनौर, रूलाहेडी, गौलनी, सुलतानपुर, मीर मीरजापुर, पानीवाला, माजरी, ककरौनी, दरियापुर, हैबतपुर व जुड्डा जादान में भी यात्रियों की संख्या कम होने व सड़क तंग होने के कारण बताया गया है।
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