{"_id":"67f03ccf170cfa9a920f5fae","slug":"the-court-of-maa-mantra-devi-is-decorated-at-a-height-of-150-meters-on-the-shivalik-hill-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-135621-2025-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: शिवालिक की पहाड़ी पर 150 ऊंचाई पर सजा मां मंत्रा देवी का दरबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: शिवालिक की पहाड़ी पर 150 ऊंचाई पर सजा मां मंत्रा देवी का दरबार
Sat, 05 Apr 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 05 Apr 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। चैत्र नवरात्र में लोग देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें जिले के बिलासपुर खंड के गांव भगवानपुर का प्राचीन मंत्रा देवी मंदिर आस्था का केंद्र है। गांव में शिवालिक की पहाड़ी पर 150 मीटर ऊंचाई पर बने मंदिर में मां चंडी रूप में विराजमान है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मानें तो यहां देवी मां मंत्रों से प्रकट हुईं, इसलिए मंदिर का नाम मंत्रा देवी है। यह देवी मां का विश्राम स्थल है, जहां वो मां चंडी रूप में विराजमान हैं। हर साल चैत्र व शारदीय नवरात्र पर हरियाणा सहित पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी कई राज्यों से श्रद्धालु यहां लगे नवरात्र मेले में मां के दर्शनों व आशीर्वाद के लिए पहुंच रहे हैं।
श्री माता मंत्रा देवी मंदिर समिति के प्रधान डॉ. बरखा राम ने बताया कि मंदिर में लगातार 24 वर्षों से देसी घी की अखंड ज्योति जल रही है। अखंड ज्योति सहित मंदिर परिसर में माता मंत्रा देवी, ललिता देवी, भगवान शिव और हनुमान मंदिर के सेवा व पूजन कार्यों में पुजारी लगे हैं। मंदिर के रास्ते में ध्यानु भगत का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर परिसर में 28 वर्षों से नवरात्र में अष्टमी पर भंडारा लग रहा है। भंडारे की शुरुआत में एक हजार लोग थे, पर बीते एक दशक से अष्टमी के भंडारे में करीब पांच हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बार भी अष्टमी पर पांच अप्रैल को सुबह 11.30 से शाम पांच बजे तक भंडारे में कढ़ी, चावल, पूरी, आलू-छोले, कद्दू, जलेबी व चाय का प्रसाद वितरित होगा। भंडारे पर पर आने वाला सारा खर्च मंदिर समिति सहित गांव के लोग और श्रद्धालु मिलकर करते हैं। अष्टमी पर भंडारे से पूर्व यहां कन्या पूजन भी विशेष अंदाज में होता है। मंदिर में जितनी भी कन्याएं पहुंचती हैं, उनका बैंड बाजे के साथ स्वागत व पूजन होता है। उन्हें भोजन कराने के साथ चुनरी व अन्य उपहार भी दिए जाते हैं। इस तरह करीब 251 कन्याओं का पूजन होता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
श्री माता मंत्रा देवी मंदिर समिति के प्रधान डॉ. बरखा राम ने बताया कि मंदिर में लगातार 24 वर्षों से देसी घी की अखंड ज्योति जल रही है। अखंड ज्योति सहित मंदिर परिसर में माता मंत्रा देवी, ललिता देवी, भगवान शिव और हनुमान मंदिर के सेवा व पूजन कार्यों में पुजारी लगे हैं। मंदिर के रास्ते में ध्यानु भगत का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर परिसर में 28 वर्षों से नवरात्र में अष्टमी पर भंडारा लग रहा है। भंडारे की शुरुआत में एक हजार लोग थे, पर बीते एक दशक से अष्टमी के भंडारे में करीब पांच हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बार भी अष्टमी पर पांच अप्रैल को सुबह 11.30 से शाम पांच बजे तक भंडारे में कढ़ी, चावल, पूरी, आलू-छोले, कद्दू, जलेबी व चाय का प्रसाद वितरित होगा। भंडारे पर पर आने वाला सारा खर्च मंदिर समिति सहित गांव के लोग और श्रद्धालु मिलकर करते हैं। अष्टमी पर भंडारे से पूर्व यहां कन्या पूजन भी विशेष अंदाज में होता है। मंदिर में जितनी भी कन्याएं पहुंचती हैं, उनका बैंड बाजे के साथ स्वागत व पूजन होता है। उन्हें भोजन कराने के साथ चुनरी व अन्य उपहार भी दिए जाते हैं। इस तरह करीब 251 कन्याओं का पूजन होता है।
विज्ञापन