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निगम के सफाई के दावे हवा हवाई
यमुनानगर
Updated Fri, 27 Dec 2013 12:45 AM IST
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शहर को साफ सुथरा रखने के नगर निगम के दावे हवा हवाई हो रहे हैं। पॉश
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एरिया से लेकर शहर के अन्य क्षेत्र में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। शहर की
कोई कॉलोनी मुश्किल से ऐसी होगी जहां पर गंदगी के ढेर न लगें हो।
उसके बाद भी निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सफाई कर्मचारी युद्ध स्तर पर शहर को साफ सुथरा रखने में लगे हैं। नगर निगम की ओर से इसी माह सफाई कर्मचारियों की स्पेशल टीम भी बनाई गई थी।
लेकिन उसका भी असर कहीं दिखाई नहीं दिया। निगम की ओर से जहां पर भी डस्टबिन रखे गए हैं, वहां पर तो गंदगी का आलम ही देखने लायक है। यहां पर डस्टबिन में गंदगी कम है आसपास ज्यादा है। कई जगह तो डस्टबिन गंदगी से अंटे पड़े हैं। जिस गली मोहल्ले या चौक पर ये डस्टबिन रखे गए हैं, वहां पर पूरा क्षेत्र दुर्गंध की चपेट में है। लोगों का कहना है कि गंदगी इतनी ज्यादा हो जाती है कि ऐसा लगता है जैसे पूरे शहर की गंदगी यहीं पर जमा कर दी गई हो।
गंदगी के चलते दुर्गंध घरों में आती रहती है, जिससे उनका रहना भी मुश्किल हो गया है। जिस क्षेत्र में होटल या बैंक्वेट हॉल हैं, वहां पर गंदगी की दिक्कत ज्यादा है।
यहां ज्यादा बुरा हाल
शहर का सबसे महंगा और कामर्शियल क्षेत्र कहे जाने वाला मॉडल टाउन और वीआईपी रोड गोबिंदपुरी पर कई जगह स्थिति काफी दयनीय है। गोबिंदपुरी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक से थोड़ा आगे नगर निगम की ओर से डस्टबिन रखी गई है, जहां पर गंदगी से डस्टबिन लबालब है और डस्टबिन से कई गुना ज्यादा गंदगी आसपास पड़ी है। जिससे दूर-दूर तक दुर्गंध आती रही है। यहां पर कई होटल हैं, जिनकी गंदगी यहां पर डाली जाती है। जिससे गंदगी के ढेर लगते देर नहीं लगती। यहां पर कई शॉपिंग शोरूम भी हैं। इससे शहर के साथ जिले और अन्य राज्यों से भी यहां पर लोगों का आना जाना होता है। लेकिन यहां पर पड़ी गंदगी बाहर से आने वाले महमानों के सामने हमारे शहर की तस्वीर बिगाड़ रही है। इसके साथ ही मॉडल टाउन के दशहरा ग्राउंड के पास भी गंदगी के ढेर लगे हैं। नेहरू पार्क के पास और अन्य कई स्थानों पर सड़क किनारे रखे डस्टबिन के बजाय आसपास ज्यादा गंदगी पड़ी है। गोबिंदपुरी रोड पर रखे डस्टबिन ड्में गंदगी डालने आए प्राइवेट सफाई कर्मचारियों ने बताया कि एक डस्टबिन में प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन व अन्य कई कॉलोनियों की गंदगी डाली जा रही है। गंदगी ज्यादा हो जाती है और डस्टबिन कम पड़ जाता है। निगम कर्मचारियों को भी पता है यहां पर गंदगी ज्यादा गिरती है उसके बाद भी डस्टबिन की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है।
साठ कर्मचारियों की बनाई थी चार टीमें
शहर में फैली गंदगी को देख निगम अधिकारियों की ओर से दिसंबर माह के शुरू में स्पेशल टीम के लिए 60 कर्मचारियों की एक माह के लिए भर्ती की गई थी। इसमें 15-15 कर्मचारियों की चार टीमें बनाई गई। लेकिन उसका असर भी शहर में कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के हालात देख पता चलता है कि पहले की तरह ही आज भी शहर गंदगी के मुहाने पर खड़ा है। ये टीमें भी अब कुछ दिन ओर काम करेंगी। पहली जनवरी से इन टीमों को बहाल कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।
उसके बाद भी निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सफाई कर्मचारी युद्ध स्तर पर शहर को साफ सुथरा रखने में लगे हैं। नगर निगम की ओर से इसी माह सफाई कर्मचारियों की स्पेशल टीम भी बनाई गई थी।
लेकिन उसका भी असर कहीं दिखाई नहीं दिया। निगम की ओर से जहां पर भी डस्टबिन रखे गए हैं, वहां पर तो गंदगी का आलम ही देखने लायक है। यहां पर डस्टबिन में गंदगी कम है आसपास ज्यादा है। कई जगह तो डस्टबिन गंदगी से अंटे पड़े हैं। जिस गली मोहल्ले या चौक पर ये डस्टबिन रखे गए हैं, वहां पर पूरा क्षेत्र दुर्गंध की चपेट में है। लोगों का कहना है कि गंदगी इतनी ज्यादा हो जाती है कि ऐसा लगता है जैसे पूरे शहर की गंदगी यहीं पर जमा कर दी गई हो।
गंदगी के चलते दुर्गंध घरों में आती रहती है, जिससे उनका रहना भी मुश्किल हो गया है। जिस क्षेत्र में होटल या बैंक्वेट हॉल हैं, वहां पर गंदगी की दिक्कत ज्यादा है।
यहां ज्यादा बुरा हाल
शहर का सबसे महंगा और कामर्शियल क्षेत्र कहे जाने वाला मॉडल टाउन और वीआईपी रोड गोबिंदपुरी पर कई जगह स्थिति काफी दयनीय है। गोबिंदपुरी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक से थोड़ा आगे नगर निगम की ओर से डस्टबिन रखी गई है, जहां पर गंदगी से डस्टबिन लबालब है और डस्टबिन से कई गुना ज्यादा गंदगी आसपास पड़ी है। जिससे दूर-दूर तक दुर्गंध आती रही है। यहां पर कई होटल हैं, जिनकी गंदगी यहां पर डाली जाती है। जिससे गंदगी के ढेर लगते देर नहीं लगती। यहां पर कई शॉपिंग शोरूम भी हैं। इससे शहर के साथ जिले और अन्य राज्यों से भी यहां पर लोगों का आना जाना होता है। लेकिन यहां पर पड़ी गंदगी बाहर से आने वाले महमानों के सामने हमारे शहर की तस्वीर बिगाड़ रही है। इसके साथ ही मॉडल टाउन के दशहरा ग्राउंड के पास भी गंदगी के ढेर लगे हैं। नेहरू पार्क के पास और अन्य कई स्थानों पर सड़क किनारे रखे डस्टबिन के बजाय आसपास ज्यादा गंदगी पड़ी है। गोबिंदपुरी रोड पर रखे डस्टबिन ड्में गंदगी डालने आए प्राइवेट सफाई कर्मचारियों ने बताया कि एक डस्टबिन में प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन व अन्य कई कॉलोनियों की गंदगी डाली जा रही है। गंदगी ज्यादा हो जाती है और डस्टबिन कम पड़ जाता है। निगम कर्मचारियों को भी पता है यहां पर गंदगी ज्यादा गिरती है उसके बाद भी डस्टबिन की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है।
साठ कर्मचारियों की बनाई थी चार टीमें
शहर में फैली गंदगी को देख निगम अधिकारियों की ओर से दिसंबर माह के शुरू में स्पेशल टीम के लिए 60 कर्मचारियों की एक माह के लिए भर्ती की गई थी। इसमें 15-15 कर्मचारियों की चार टीमें बनाई गई। लेकिन उसका असर भी शहर में कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के हालात देख पता चलता है कि पहले की तरह ही आज भी शहर गंदगी के मुहाने पर खड़ा है। ये टीमें भी अब कुछ दिन ओर काम करेंगी। पहली जनवरी से इन टीमों को बहाल कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।