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Yamuna Nagar News: शहर की सबसे बड़ी ड्रेन अधूरी, कॉलोनियों पर जलभराव का खतरा
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यमुनानगर। कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी तक शहर की सबसे बड़ी स्टॉर्म वाटर ड्रेन के निर्माण में देरी से मानसून में कई कॉलोनियों के लिए जलभराव का खतरा बढ़ रहा है। हालांकि ड्रेन का काम अगस्त-2019 में पूरा होना था, पर अब भी 270 मीटर (चांदपुर आरओबी के नीचे रेलवे ट्रैक व एक जमीन के टुकड़े) में ड्रेन बननी बाकी है। अधर में लटकी ड्रेन से चार मानसून सीजन जो कॉलोनियां जलभराव झेल चुकी हैं, वहां इस मानसून भी जलभराव होने की आशंका है। यहां के निवासी निगम अफसरों से तुरंत ड्रेन पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, 4500 मीटर लंबी ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले के पानी को यमुनानगर की कॉलोनियों से डायवर्ट किया जाना है, पर छह वर्षों में भी यह ड्रेन पूरी नहीं हो पाई। हालांकि ड्रेन का काम नगर निगम ने 11.84 करोड़ रुपये से अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) के तहत फरवरी-2019 में शुरू करवा दिया था, पर इसके बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में भी देरी हुई। एनओसी व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के काम ई-निविदा की प्रक्रिया व कार्य आदेश जारी करने के बाद होते देख अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। चूंकि ड्रेन का काम अगस्त-2019 में पूरा होना था, पर नहीं हुआ। इसके चलते चार मानसून सीजन जिन कॉलोनियों से बड़े नाले के पानी को ड्रेन के जरिए डायवर्ट किया जाना था, वहां जलभराव के हालात बने। इनमें प्रोफेसर कॉलोनी, शक्तिनगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी शामिल रही। अब भी ड्रेन अधूरी देख यहां के लोगों को आगामी मानसून में भी जलभराव का खतरा सता रहा है। यहां रहने वाले विकास जैन, जतिन, रामपाल, राजेश, सन्नी ने कहा कि गत माह चार घंटे की बारिश में लाजपत नगर, विजय व जसवंत कॉलोनी में दो फीट तक पानी भरा। चूंकि यह शहर का निचला इलाका है, जहां जलभराव से निजात साथ में डाली गई शहर की सबसे बड़ी ड्रेन चालू होने पर हो सकता है। गत वर्षों की तरह इस बार ड्रेन अधूरी है, जिससे मानसून में जलभराव से परेशानी बढ़ेगी। संवाद
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इस हिस्से में ड्रेन का काम बाकी-
चांदपुर आरओबी के नीचे रेलवे ट्रैक से अंडरग्राउंड ड्रेन निकालने के लिए नगर निगम रेलवे विभाग को फंड दे चुका है, पर अभी काम नहीं हो पाया है। ऐसे ही ड्रेन के काम में पांच वर्षों से फंसा निजी जमीनी का पेंच निकल गया है। नगर निगम अफसरों ने जमीन अधिग्रहित कर ली है, पर यहां काम होना बाकी है। इस 270 मीटर हिस्से में ड्रेन अधूरी होने से दोनों ओर करोड़ों खर्च से तैयार ड्रेन भी सही काम नहीं आ पा रही है।
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वर्जन-
ड्रेन का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम अफसरों को निर्देश दिए हैं। मानसून तक यह काम पूरा होने की संभावना है। पूरा प्रयास रहेगा कि यह काम जल्द पूरा हो, जिससे कॉलोनियों में जलभराव की समस्या का समाधान हो पाए।- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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दरअसल, 4500 मीटर लंबी ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले के पानी को यमुनानगर की कॉलोनियों से डायवर्ट किया जाना है, पर छह वर्षों में भी यह ड्रेन पूरी नहीं हो पाई। हालांकि ड्रेन का काम नगर निगम ने 11.84 करोड़ रुपये से अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) के तहत फरवरी-2019 में शुरू करवा दिया था, पर इसके बाद दूसरे विभागों से एनओसी लेने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में भी देरी हुई। एनओसी व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के काम ई-निविदा की प्रक्रिया व कार्य आदेश जारी करने के बाद होते देख अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। चूंकि ड्रेन का काम अगस्त-2019 में पूरा होना था, पर नहीं हुआ। इसके चलते चार मानसून सीजन जिन कॉलोनियों से बड़े नाले के पानी को ड्रेन के जरिए डायवर्ट किया जाना था, वहां जलभराव के हालात बने। इनमें प्रोफेसर कॉलोनी, शक्तिनगर, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी शामिल रही। अब भी ड्रेन अधूरी देख यहां के लोगों को आगामी मानसून में भी जलभराव का खतरा सता रहा है। यहां रहने वाले विकास जैन, जतिन, रामपाल, राजेश, सन्नी ने कहा कि गत माह चार घंटे की बारिश में लाजपत नगर, विजय व जसवंत कॉलोनी में दो फीट तक पानी भरा। चूंकि यह शहर का निचला इलाका है, जहां जलभराव से निजात साथ में डाली गई शहर की सबसे बड़ी ड्रेन चालू होने पर हो सकता है। गत वर्षों की तरह इस बार ड्रेन अधूरी है, जिससे मानसून में जलभराव से परेशानी बढ़ेगी। संवाद
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इस हिस्से में ड्रेन का काम बाकी-
चांदपुर आरओबी के नीचे रेलवे ट्रैक से अंडरग्राउंड ड्रेन निकालने के लिए नगर निगम रेलवे विभाग को फंड दे चुका है, पर अभी काम नहीं हो पाया है। ऐसे ही ड्रेन के काम में पांच वर्षों से फंसा निजी जमीनी का पेंच निकल गया है। नगर निगम अफसरों ने जमीन अधिग्रहित कर ली है, पर यहां काम होना बाकी है। इस 270 मीटर हिस्से में ड्रेन अधूरी होने से दोनों ओर करोड़ों खर्च से तैयार ड्रेन भी सही काम नहीं आ पा रही है।
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वर्जन-
ड्रेन का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम अफसरों को निर्देश दिए हैं। मानसून तक यह काम पूरा होने की संभावना है। पूरा प्रयास रहेगा कि यह काम जल्द पूरा हो, जिससे कॉलोनियों में जलभराव की समस्या का समाधान हो पाए।- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।