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Yamuna Nagar News: एजेंसी के पास साजो-सामान नहीं, 50 प्रतिशत वाहनों से हो रही सफाई
Fri, 19 Sep 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:34 AM IST
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शक्ति नगर में लगा कचरे के ढेर। संवाद
राजेश कुमार
यमुनानगर। नया ठेका शुरू होने के बाद भी शहर में घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सही तरीके से नहीं हो सका है। इसकी वजह ठेका लेने वाली एजेंसी पूजा कंसलटेंट के पास पर्याप्त वाहनों का न होना है। निविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी के पास करीब 173 वाहन होने चाहिए थे, लेकिन अभी तक 90 वाहनों का ही प्रबंध हो सका है।
एजेंसी अभी तक करीब 50 प्रतिशत संसाधनों के साथ ही काम कर रही है। जब साजो सामान ही पूरा नहीं है तो कूड़ा उठान की व्यवस्था पटरी से उतरना वाजिब है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि घर से कूड़ा उठाने के लिए वाहन नियमित नहीं आ रहे। किसी गली में कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी एक दिन नहीं आती तो कहीं दो दिन। कूड़े का उठान ठीक से न होने की वजह से सभी वार्डों के पार्षदों के पास शिकायतें लगातार आ रही हैं। शहरवासी अपने वार्ड के पार्षदों को फोन करके कह रहे हैं कि उनकी गली में कूड़ा लेने के लिए गाड़ी नहीं आ रही है। एक दिन कूड़ा उठ जाता है तो दो दिन तक दोबारा कोई नहीं आता। इसलिए उन्हें खुले में ही कूड़ा फेंकना पड़ रहा है।
पार्षद चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को फोन करते हैं तब जाकर वार्ड में गाड़ी आ रही है। पुराना ठेका खत्म होने के बाद घरों से कूड़ा एकत्रित करने, शहर से उठाने और कैल स्थित प्लांट में निस्तारण का कार्य अब पूजा कंसलटेशन एजेंसी को करना है। करीब 21 करोड़ 60 लाख रुपये में एजेंसी को ठेका दिया गया है।
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नए टेंडर में दावा तो यह किया गया था कि इस बार जो भी एजेंसी काम लेगी उसे पहले से ज्यादा स्टाफ व संसाधनों का प्रबंध करना होगा। परंतु इतने दिन बीत जाने के बाद भी लोगों के घरों से कूड़ा ठीक से नहीं उठ रहा है। उल्लेखनीय है कि जगाधरी व यमुनानगर शहर से रोजाना 250 से 300 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। घरों से निकलने वाले कूड़े को टिप्पर के माध्यम से कैल स्थित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में ले जाया जाता है।
वहां पर कूड़े को उसकी श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग किया जाता है। यहां न तो कूड़ा ही घरों से उठ रहा है और न ही कैल प्लांट में कूड़े का निस्तारण अभी शुरू हो पाया है। प्लांट में भी कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं। वहां भी कूड़े को जेसीबी की मदद से ढेर के ऊपर ही एकत्रित किया जा रहा है। संवाद
एजेंसी ने दो सितंबर से कूड़े का उठान शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में थोड़ा समय लग जाता है। फिर भी एजेंसी को सख्त हिदायत दी गई है कि वह जल्द सभी वाहनों की व्यवस्था करे। एजेंसी के कार्य पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कूड़ा उठाने में लापरवाही होगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। नया ठेका शुरू होने के बाद भी शहर में घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान सही तरीके से नहीं हो सका है। इसकी वजह ठेका लेने वाली एजेंसी पूजा कंसलटेंट के पास पर्याप्त वाहनों का न होना है। निविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी के पास करीब 173 वाहन होने चाहिए थे, लेकिन अभी तक 90 वाहनों का ही प्रबंध हो सका है।
एजेंसी अभी तक करीब 50 प्रतिशत संसाधनों के साथ ही काम कर रही है। जब साजो सामान ही पूरा नहीं है तो कूड़ा उठान की व्यवस्था पटरी से उतरना वाजिब है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि घर से कूड़ा उठाने के लिए वाहन नियमित नहीं आ रहे। किसी गली में कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी एक दिन नहीं आती तो कहीं दो दिन। कूड़े का उठान ठीक से न होने की वजह से सभी वार्डों के पार्षदों के पास शिकायतें लगातार आ रही हैं। शहरवासी अपने वार्ड के पार्षदों को फोन करके कह रहे हैं कि उनकी गली में कूड़ा लेने के लिए गाड़ी नहीं आ रही है। एक दिन कूड़ा उठ जाता है तो दो दिन तक दोबारा कोई नहीं आता। इसलिए उन्हें खुले में ही कूड़ा फेंकना पड़ रहा है।
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पार्षद चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को फोन करते हैं तब जाकर वार्ड में गाड़ी आ रही है। पुराना ठेका खत्म होने के बाद घरों से कूड़ा एकत्रित करने, शहर से उठाने और कैल स्थित प्लांट में निस्तारण का कार्य अब पूजा कंसलटेशन एजेंसी को करना है। करीब 21 करोड़ 60 लाख रुपये में एजेंसी को ठेका दिया गया है।
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नए टेंडर में दावा तो यह किया गया था कि इस बार जो भी एजेंसी काम लेगी उसे पहले से ज्यादा स्टाफ व संसाधनों का प्रबंध करना होगा। परंतु इतने दिन बीत जाने के बाद भी लोगों के घरों से कूड़ा ठीक से नहीं उठ रहा है। उल्लेखनीय है कि जगाधरी व यमुनानगर शहर से रोजाना 250 से 300 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। घरों से निकलने वाले कूड़े को टिप्पर के माध्यम से कैल स्थित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में ले जाया जाता है।
वहां पर कूड़े को उसकी श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग किया जाता है। यहां न तो कूड़ा ही घरों से उठ रहा है और न ही कैल प्लांट में कूड़े का निस्तारण अभी शुरू हो पाया है। प्लांट में भी कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं। वहां भी कूड़े को जेसीबी की मदद से ढेर के ऊपर ही एकत्रित किया जा रहा है। संवाद
एजेंसी ने दो सितंबर से कूड़े का उठान शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में थोड़ा समय लग जाता है। फिर भी एजेंसी को सख्त हिदायत दी गई है कि वह जल्द सभी वाहनों की व्यवस्था करे। एजेंसी के कार्य पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कूड़ा उठाने में लापरवाही होगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।