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छात्राओं को हृदयाघात के कारण बताए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:50 AM IST
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Tell the girl students the reason for the heart attack, Yamunanagar
जीएनजी कॉलेज में हृदयाघात के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। छोटी लाइन स्थित गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज के सामाजिक कार्य, रसायन व राजनीति शास्त्र विभाग की ओर से पर्यावरण संवेदीकरण अभियान की शुरूआत की। सात दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के दरान पर्यावरण संवेदना के बारे बताया जाएगा। पहले दिन छात्राओं को छात्राओं को हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण और और प्राथमिक उपचार के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम संयोजिका डॉ. नीना गोयल और प्रो. मोनिका चोपड़ा ने बताया कि कॉलेज निदेशिका डॉ. वरिंद्र गांधी व प्राचार्य डॉ. अनु अत्रेजा के निर्देशन में कार्यक्रम करवाया गया। शुभारंभ निदेशिका डॉ. वरिंद्र गांधी ने किया। डॉ. गांधी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना है। प्राचार्य डॉ. अनु अत्रेजा ने कहा कि हम सभी को अपने निजी उत्थान के साथ समाज के उत्थान के बारे भी कार्य करना चाहिए। हमें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे समाज के किसी भी व्यक्ति का अहित हो।
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मुख्य वक्ता जिला रेडक्रॉस से प्रवीन शर्मा ने छात्राओं को हृदयाघात (हार्ट अटैक) संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि छाती में दर्द, अचानक सांस फूलते जाना हृदयाघात के लक्षण हैं, जिसके बारे में आम तौर पर लोगों को पता होता है। यह लक्षण दिखाई देने पर रोगी को तुरंत इलाज के लिए भी लेकर जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि एक अध्ययन के अनुसार करीब 45 फीसदी लोगोें में हृदयाघात के कोई लक्षण नहीं होते हैं। इस स्थिति को मूक हार्टअटैक की श्रेणी में रखा जाता है। यह खामोशी से दस्तक देता हैं। यह बेहद खतरनाक होते हैं। चूंकि लक्षण सामने नहीं होते हैं तो इलाज में भी देरी होने की संभावना रहती है। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को हृदयाघात में किए जाने वाले प्राथमिक उपचारों के बारे बताया। उन्होंने बताया कि समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से पीड़ित की जान बचाने में बड़ी सहायता मिलती है। छात्राओं ने बीमारी संबंधी प्रश्न भी पूछे। इस मौके पर प्रो. हेमलता, गुरजिंद्र कौर, संदीप, नेहा, सावित्री व रेनू आदि उपस्थित रहीं।
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