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Yamuna Nagar News: तहसीलदार संग हड़ताल पर रहे नायब, अटक गईं 150 रजिस्ट्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:16 AM IST
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Tehsildars and their deputies went on strike, halting 150 property registrations
हड़ताल के दौरान खाली पड़ा तहसील कार्यालय व काउंटर पर पूछताछ करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। पटवारियों के बाद वीरवार को तहसीलदार और नायब तहसीलदार एक दिन की हड़ताल पर रहे। इससे तहसील कार्यालय में वीरवार को कोई काम नहीं हुआ। इस दौरान आए लोगों को बिना काम के निराश लौटना पड़ा। हड़ताल से जिलेभर में करीब 150 रजिस्ट्री अटक गईं। इससे सरकार को अनुमानित करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
तहसीलदार व नायब तहसीलदार के हड़ताल पर होने से वीरवार को छछरौली, रादौर, व्यासपुर तहसील के साथ सरस्वतीनगर, प्रतापनगर और साढौरा सब तहसील में भी कोई काम नहीं हुआ। जगाधरी तहसील कार्यालय में तहसीलदार नहीं है और नायब तहसीलदार ही काम संभालते हैं। पैन डाउन हड़ताल के कारण नायब तहसीलदार कार्यालय में सुबह नियमित रूप से पहुंचे और फिर कुछ देरी बाद निकल गए।
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काम न होने के कारण तहसील कार्यालय के कर्मचारी भी खाली बैठे रहे। हालांकि तहसील में बुधवार को अपॉइंटमेंट लेने आए लोगों को हड़ताल के बारे पहले ही बताया दिया था, ऐसे में वीरवार को बहुत कम लोग ही पहुंचे। परंतु जो लोग आए उन्हें निराशा मिली। ऐसे में इस दौरान कोई काम नहीं हुआ, केवल नई अपॉइंटमेंट दी गई।
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हड़ताल के कारण जगाधरी तहसील में 40 से 50 और जिले में करीब 150 रजिस्ट्री अटक गई। वहीं करीब 950 से 1000 एफिडेविट भी हड़ताल के कारण लंबित रहे। इसके अलावा विभिन्न तरह के सरकारी कामों व परियोजनाओं की फाइलें भी अटकी रही। ऐसे में हड़ताल के कारण दोपहर 12 बजे के बाद तहसील कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कर्मचारी पिछला काम निपटाते हुए गप्पे हांकते रहे। वहीं, जो लोग भूलवश और जानकारी न होने के कारण आए थे वे यहां परेशान हुए और निराश लौटना पड़ा।
नितिन जैन ने बताया कि उनका जमीन संबंधी काम था। अपॉइंटमेंट के अनुसार ही वह वीरवार को तहसील कार्यालय पहुंचे थे। यहां आकर पाया कि अन्य दिनों की अपेक्षा बेहद कम लोग हैं। इस पर सोचा भीड़ कम होने से काम जल्दी हो जाएगा। बाद में पता चला कि हड़ताल है। तहसील कार्यालय में करीब एक घंटा खराब करके वे वापस घर चले गए।
हेमंत भार्गव ने कहा कि वह पत्नी के साथ जमीन संबंधी काम के लिए आए थे। परंतु हड़ताल के कारण काम नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि उनके काम में दो-तीन दिन लगेंगे। परंतु शुक्रवार को आने के बाद दो दिन अवकाश रहेगा, ऐसे में वे अब अगले सप्ताह पर बात चली गई है। अगले सप्ताह अब उन्हें दोबारा आना पड़ेगा। हड़ताल से परेशानी सभी को हो रही है।

तीन दिन बाद पटवारी काम पर लौटे, लगी रही भीड़

तीन दिन की हड़ताल के बाद वीरवार को पटवारी काम पर लौटे। हड़ताल के बाद पटवारखानों में लोगों की भीड़ देखने को मिली। इससे पटवारखानों में व्यवस्था अस्त-व्यस्त नजर आई। पहले ही जिले में सर्कल ज्यादा और पटवारी कम हैं। वहीं, हड़ताल के कारण लंबित कार्य का बोझ भी बढ़ गया है। ऐसे में चौथे दिन वीरवार को भी कई लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। दी रेवन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन प्रधान रामफल ने कहा कि हड़ताल के बाद सभी पटवारी काम पर लौट आए हैं। तीन दिन में लंबित कार्य जल्द निपटाकर लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पटवारी अतिरिक्त समय देंगे। किसी व्यक्ति को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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