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Yamuna Nagar News: अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
Tue, 12 Sep 2023 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 12 Sep 2023 01:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल सोमवार को 140वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भूख हड़ताल का नेतृत्व कैथल जिला सचिव बूटा सिंह ने किया। जबकि उनके साथ लक्ष्मण सिंह, नरेश कुमार, गोपाल, राजेश अनशन पर बैठे। अध्यापकों की भूख हड़ताल 23 अप्रैल से चल रही है। भूख हड़ताल को पांच महीने होने वाले हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों व समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। संगठन नेता प्रीतम बालियान, वीरेंद्र कुमार, संदीप पिलानीया ने अध्यापकों को मालाएं पहनाकर अनशन पर बैठाया।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देश के सभी बच्चों का अधिकार है। परंतु सरकार नई शिक्षा नीति से बच्चों से उनका यह मौलिक अधिकार छीनना चाहती है। शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देकर इसे गरीब लोगों से दूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकारी स्कूलों व सरकारी विभागों बंद करके रोजगार के अवसर खत्म कर युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। सरकार शिक्षा, शिक्षकों की समस्याओं व मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है।
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जगाधरी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले चल रही अध्यापकों की भूख हड़ताल सोमवार को 140वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भूख हड़ताल का नेतृत्व कैथल जिला सचिव बूटा सिंह ने किया। जबकि उनके साथ लक्ष्मण सिंह, नरेश कुमार, गोपाल, राजेश अनशन पर बैठे। अध्यापकों की भूख हड़ताल 23 अप्रैल से चल रही है। भूख हड़ताल को पांच महीने होने वाले हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों व समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। संगठन नेता प्रीतम बालियान, वीरेंद्र कुमार, संदीप पिलानीया ने अध्यापकों को मालाएं पहनाकर अनशन पर बैठाया।
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इस दौरान नेताओं ने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देश के सभी बच्चों का अधिकार है। परंतु सरकार नई शिक्षा नीति से बच्चों से उनका यह मौलिक अधिकार छीनना चाहती है। शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा देकर इसे गरीब लोगों से दूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकारी स्कूलों व सरकारी विभागों बंद करके रोजगार के अवसर खत्म कर युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। सरकार शिक्षा, शिक्षकों की समस्याओं व मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है।
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