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Yamuna Nagar News: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे अध्यापक, की नारेबाजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 01:13 AM IST
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Teacher on indefinite hunger strike, sloganeering
मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अध्यापक झुकने को तैयार नहीं है। रविवार को भी अध्यापकों के हौसले बुलंद रहे। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी के साथ अध्यापकों का अनशन को सोमवार को एक महीन हो जाएगा। अध्यापक 23 अप्रैल से लघु सचिवालय के सामने अनाजमंडी गेट पर अनशन कर रहे हैं। अध्यापकों की यह भूख हड़ताल हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर की जा रही है। रविवार को भूख हड़ताल का नेतृत्व पलवल जिला सचिव थान सिंह ने किया। वहीं थान सिंह के साथ चंद्रभान शर्मा, महेंशचंद्र शर्मा, हरेंद्र अत्री, हुकमचंद भूख हड़ताल पर बैठे।
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इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने मालाएं पहनाकर साथियों को भूख हड़ताल पर बैठाया। यहां अध्यापक नेताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। सभी अध्यापक संगठन शिक्षा का मूल ढांचा बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी हठ में है। परंतु अध्यापक झुकने व थकने वाले नहीं है। जब तक सरकार अध्यापकों की मांगें पूरी नहीं करती उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। सरकार स्कूलों के बेहतर परिणाम के लिए जोर देती है, जबकि अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में उलझा कर रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार नए स्कूल खोलने के बजाए पुराने स्कूल बंद कर रहे हैं। शिक्षा बजट, ढांचागत सुविधाएं देने, खाली पदों पर भर्ती सभी मामलों में सरकार गंभीर नहीं है। प्रदेश में अध्यापकों के 50 हजार पद रिक्त हैं। सैकड़ों स्कूलों में एक ही अध्यापक है। सरकार अध्यापकों से गैर शैक्षणिक करवाकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। नई शिक्षा नीति में भी स्कूल बंद करने, स्वयं सेवी संस्थाओं की दखलंदाजी, निजी स्कूलों को बढ़ावा देने, ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर विद्यार्थियों को अध्यापकों से दूर किया जा रहा है। वैज्ञानिक सोच आधारित पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ कर अंधविश्वास आधारित पाठ्यक्रम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार शिक्षा निम्न व जरूरतमंद लोगों की पहुंच से दूर कर रही है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला व मासिक फीस लागू की गई है।
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जिला प्रधान संजय कांबोज ने कहा कि अध्यापक सार्वजनिक व मौलिक शिक्षा अधिकार को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इससे बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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