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Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Taumr five convicts imprisoned for the murder of Kamma

कम्मा हत्याकांड के पांच दोषियों को ताउम्र कैद

Tue, 11 Feb 2014 12:42 AM IST
यमुनानगर
यमुनानगर Updated Tue, 11 Feb 2014 12:42 AM IST
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गैंगवार के चलते चार साल पहले हुए कम्मा मर्डर केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सोमवार को कर्मवीर उर्फ कम्मा की हत्या के पांच दोषियों को कोर्ट ने ताउम्र जेल में रहने की सजा सुनाई है।
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 इनमें दो सोनीपत, एक पानीपत, एक दिल्ली और एक बिलासपुर का रहने वाला है। एडीजे रजनीश बंसल की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कर्मवीर उर्फ कम्मा की हत्या के पांच दोषियों सोनीपत के गन्नौर निवासी रविंद्र और पवन राठी, पानीपत के समालखा निवासी मुनीष, दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी दिनेश और यमुनानगर जिले के बिलासपुर खंड निवासी गौरव को ताउम्र जेल में रहने की सजा सुनाई।
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पिछले तीन फरवरी को कोर्ट ने इन पांच आरोपियों को कम्मा की हत्या का दोषी करार दिया था, जबकि इसी केस में चार को बरी कर दिया था। कम्मा मर्डर केस में बरी होने वालों में जिले का मोस्ट वाटेंड और इनामी रह चुके सोनू डागर के अलावा प्रदीप भगवानगढ़, हरप्रीत सिंह और परवेज उर्फ तेजी शामिल हैं।
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हरियाली के पास चलाई थी कम्मा पर गोलियां
19 जनवरी 2010 को छछरौली के हरेवा गांव निवासी कर्मवीर उर्फ कम्मा की हत्या कर दी गई थी। उस समय कम्मा अपने साथी अरुण शर्मा के साथ मोटरसाइकिल पर छछरौली में हरियाली के समीप से गुजर रहा था। कार सवार पांच बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई, जिससे कम्मा की मौके पर मौत हो गई और अरुण गंभीर रूप से घायल हो गया। कार में भाग रहे बदमाशों का ग्रामीणों ने पीछा किया और मुकारमपुर के समीप पुलिस की मदद से पांचों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए पांचों बदमाशों में सोनीपत के गन्नौर निवासी रविंद्र और पवन राठी, पानीपत के समालखा निवासी मुनीष, दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी दिनेश और यमुनानगर जिले के बिलासपुर खंड निवासी गौरव शामिल था। कभी हम प्याला रहे सोनू डागर और हरदेव के बीच नफरत पनपी तो दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। इस दुश्मनी के कारण वर्ष 2008 में दशहरे के दिन खूनी खेल खेला गया। जगाधरी के खेड़ा मंदिर के समीप हरदेव और उसके साथी शिवकुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

कर्मवीर उर्फ कम्मा का मर्डर भी इस गैंगवार का नतीजा माना जाता रहा है। कम्मा की मौत के बाद भी खूनी खेल जारी रहा और वर्ष 2012 में हरेवा में रहने वाले बलदेव सिंह और उनके परिवार पर कम्मा के भाई रणबीर और धर्मवीर ने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया। हमलावरों द्वारा चलाई गई गोली में बलदेव सिंह की मौत हो गई, जबकि उनका भाई परमजीत, भतीजे मनप्रीत सिंह और यादविंद्र सिंह घायल हो गए। बलदेव सिंह कम्मा मर्डर केस में आरोपी बनाए गए हरप्रीत सिंह के पिता थे।


कम्मा मर्डर केस में बरी होने पर पिछली 3 फरवरी को उसे जेल से रिहा कर दिया गया है। बलदेव सिंह की हत्या के आरोपियों रणबीर और धर्मबीर को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और दोनों लंबे समय से जेल में हैं, वहीं हरदेव और शिवकुमार की हत्या के आरोपी सोनू डागर को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 15 नवंबर 2010 को दिल्ली में गिरफ्तार किया था। सोनू डागर भी करीब तीन साल से जगाधरी जेल में है।
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