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Yamuna Nagar News: मुस्तफाबाद में ट्रेन-14522 का ठहराव संबंधी वार्ता बेनतीजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:39 AM IST
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Talks regarding stoppage of train 14522 in Mustafabad inconclusive
यमुनानगर। ऊंचा चंदना गांव में मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर अंबाला से सहारनपुर की तरफ जाने वाली गाड़ी संख्या-14522 के ठहराव की मांग के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब यह मांग रेलवे अधिकारियों के लिए गले की फांस बनती जा रही है। इस मसले को लेकर वीरवार को एडीसी आयुष सिन्हा, एसडीएम सोनूराम, अंबाला मंडल आरएम ऑफिस की तरफ से सर्कल मैनेजर वालिया व एक अन्य अधिकारी, भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना और ग्रामीणों के बीच डेढ़ घंटा मीटिंग हुई, हालांकि यह बेनतीजा रही।
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क्षेत्रवासियों की ओर से गाड़ी संख्या-14522 के ठहराव को लेकर वर्षों से आवाज बुलंद की जा रही है। हाल ही इसे लेकर किसानों और ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद रेलवे की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। किसान और ग्रामीण जहां इस गाड़ी के ठहराव की मांग पर अड़े रहे, वहीं रेलवे अधिकारियों ने इस मसले को सेंटर रेलवे बोर्ड को अवगत कराने की बात कहकर फिलहाल टाल दिया है। अब गेंद सेंटर रेलवे के पाले में है। उधर, भाकियू ने मीटिंग के बाद एलान कर दिया कि अब वे किसी अधिकारी से कोई बात नहीं करेंगे, शीघ्र ही गांव ऊंचा चंदना में ही गाड़ी के ठहराव की मांग को लेकर महापंचायत की जाएगी। इसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी। उल्लेखनीय है 26 मार्च को भी डीसी कैप्टन मनोज कुमार, रेल अधिकारियों तथा भाकियू व ग्रामीणों के बीच बातचीत हो चुकी है। उस दौरान डीसी ने ग्रामीणों और किसानों की मांग का समर्थन किया था।
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तीन साल से ट्रेन के ठहराव की मांग, अब तक मिले सिर्फ आश्वासन
संजू गुंदियाना ने बताया कि पिछले तीन साल से ट्रेन के ठहराव के लिए भाकियू के साथ ग्रामीण कई बार अंबाला डीआरएम कार्यालय में अधिकारियों से मिल चुके हैं। तब से इस गाड़ी के लिए आश्वासन मिल रहा, लेकिन आज तक ट्रेन का ठहराव नहीं हो पाया। इसे नाराज किसानों व ग्रामीणों ने 26 मार्च को रेल ट्रैक जाम करने का निर्णय लिया था जो कि अधिकारियों के आश्वासन पर स्थगित कर दिया था। उल्लेखनीय है इस मांग को लेकर लोगों ने 21 फरवरी को भी मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक जाम किया था, उस दौरान वहां पहुंचे एडीआरएम ने भी ग्रामीणों को एक माह के भीतर गाड़ी के ठहराव का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई।
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